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कर्मचारी की मौत पर परिजन ने काटा हंगामा, सुपरवाइजर को बंधक बनाया
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
सिडकुल की एक औद्योगिक इकाई में कार्यरत कर्मचारी की तबियत बिगड़ने पर मौत होने के बाद गुस्साए परिजन ने जिला अस्पताल में कंपनी के सुपरवाइजर को बंधक बनाकर जमकर हंगामा काटा। शहर कोतवाली पुलिस ने सुपरवाइजर को छुड़वाकर परिजन को समझाबुझाकर शांत किया। देर शाम तक सिडकुल थाने में डटे परिजन कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप मढ़ रहे थे।
ज्वालापुर की घासमंडी क्षेत्र में रहने वाला दीपक (44) पुत्र शिवकुमार सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत था। शनिवार की दोपहर उसकी तबियत अचानक बिगड़ गई। इसी दौरान कंपनी का सिक्योरिटी सुपरवाइजर उन्हें अस्पताल ले जाने लगे। हरिद्वार रोशनाबाद मुख्य मार्ग पर पहुंचते ही कर्मचारी एक बार दोपहिया वाहन से नीचे भी गिर गया। मौके पर पहुंचे पुलिसवालों की मदद से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, कर्मचारी के परिजन, रिश्तेदार एकत्र होकर जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने सुपरवाइजर को बंधक बनाते हुए आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन को उसे जिला अस्पताल भेजने की बजाय नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए था। ज्यादा वक्त गुजरने के चलते ही दीपक की मौत हुई है। आरोप लगाया कि चौपहिया वाहन या एंबुलेंस से भेजने की बजाय दोपहिया वाहन से बीमार कर्मचारी को भेज दिया। जिला अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस सुपरवाइजर को मुक्त कराते हुए सभी को समझाबुझाकर सिडकुल थाने भेजा। एसओ देवराज शर्मा ने बताया कि मामले की जांच कर रहे है। कर्मचारी की मौत कंपनी कैंपस से बाहर हुई है। फिलहाल परिजन ने कोई तहरीर नहीं दी है।
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सिडकुल की एक औद्योगिक इकाई में कार्यरत कर्मचारी की तबियत बिगड़ने पर मौत होने के बाद गुस्साए परिजन ने जिला अस्पताल में कंपनी के सुपरवाइजर को बंधक बनाकर जमकर हंगामा काटा। शहर कोतवाली पुलिस ने सुपरवाइजर को छुड़वाकर परिजन को समझाबुझाकर शांत किया। देर शाम तक सिडकुल थाने में डटे परिजन कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप मढ़ रहे थे।
ज्वालापुर की घासमंडी क्षेत्र में रहने वाला दीपक (44) पुत्र शिवकुमार सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत था। शनिवार की दोपहर उसकी तबियत अचानक बिगड़ गई। इसी दौरान कंपनी का सिक्योरिटी सुपरवाइजर उन्हें अस्पताल ले जाने लगे। हरिद्वार रोशनाबाद मुख्य मार्ग पर पहुंचते ही कर्मचारी एक बार दोपहिया वाहन से नीचे भी गिर गया। मौके पर पहुंचे पुलिसवालों की मदद से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, कर्मचारी के परिजन, रिश्तेदार एकत्र होकर जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने सुपरवाइजर को बंधक बनाते हुए आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन को उसे जिला अस्पताल भेजने की बजाय नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए था। ज्यादा वक्त गुजरने के चलते ही दीपक की मौत हुई है। आरोप लगाया कि चौपहिया वाहन या एंबुलेंस से भेजने की बजाय दोपहिया वाहन से बीमार कर्मचारी को भेज दिया। जिला अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस सुपरवाइजर को मुक्त कराते हुए सभी को समझाबुझाकर सिडकुल थाने भेजा। एसओ देवराज शर्मा ने बताया कि मामले की जांच कर रहे है। कर्मचारी की मौत कंपनी कैंपस से बाहर हुई है। फिलहाल परिजन ने कोई तहरीर नहीं दी है।
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