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जिला अस्पताल के डॉक्टर की डिग्री की जांच कराएंगे डीएम
Updated Fri, 24 Aug 2018 10:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। जिला अस्पताल में मई में तैनात डाक्टर की ओर से जारी मेडिकल रिपोर्ट में त्रुटि होने पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने डाक्टर के शैक्षिक अभिलेखों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि जांच के लिए मेडिकल काउंसिल को शीघ्र ही पत्र भेजा जाएगा।
ज्वालापुर क्षेत्र के मोहल्ला अहबाबनगर में 20 जुलाई को प्रॉपर्टी डीलर शोएब को किसी ने गोली मार दी थी। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई थी। जिला अस्पताल के एक डाक्टर ने घायल शोएब का उपचार करते हुए उसकी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की। डाक्टर ने रिपोर्ट में लिख दिया कि किसी लोहे की वस्तु आदि से चोट लगने से घाव हुआ है। रिपोर्ट में सही तथ्य न लिखने पर शोएब की मां ने सीएमओ और जिलाधिकारी से शिकायत की। उन्होंने गोली चलने की सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराई थी। इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी दीपक रावत ने मेडिकल तैयार करने वाले डा. पंकज को बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में बुलाकर गोलीकांड प्रकरण में जानकारी ली। जिलाधिकारी को तब बड़ा झटका लगा जब डाक्टर अपने द्वारा लिखी बातों को नहीं पढ़ सका। मेउिकल में लिखे शब्दों की स्पेलिंग में भी त्रुटि थी। जिस पर जिलाधिकारी को डाक्टर की शिक्षा और डिग्री पर शक हुआ। डीएम के पूछने पर डाक्टर अपने शैक्षिक योग्यता के बारे में भी गोलमोल जवाब देने लगा। इस पर जिलाधिकारी ने डाक्टर की डिग्री के संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं।
घायल के शरीर में गोली नहीं मिली थी, जिस पर संदेह के आधार पर प्राथमिक मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई। फोरेंसिक जांच में ही गोली लगने की पुष्टि होती है। मेरी अंग्रेजी कमजोर है। सरकारी सीट पर दाखिला हुआ था और एबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। जिसे भी शक हो, उनकी डिग्री की जांच करा सकते हैं।
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- डा. पंकज, जिला अस्पताल।
हरिद्वार। जिला अस्पताल में मई में तैनात डाक्टर की ओर से जारी मेडिकल रिपोर्ट में त्रुटि होने पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने डाक्टर के शैक्षिक अभिलेखों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि जांच के लिए मेडिकल काउंसिल को शीघ्र ही पत्र भेजा जाएगा।
ज्वालापुर क्षेत्र के मोहल्ला अहबाबनगर में 20 जुलाई को प्रॉपर्टी डीलर शोएब को किसी ने गोली मार दी थी। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई थी। जिला अस्पताल के एक डाक्टर ने घायल शोएब का उपचार करते हुए उसकी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की। डाक्टर ने रिपोर्ट में लिख दिया कि किसी लोहे की वस्तु आदि से चोट लगने से घाव हुआ है। रिपोर्ट में सही तथ्य न लिखने पर शोएब की मां ने सीएमओ और जिलाधिकारी से शिकायत की। उन्होंने गोली चलने की सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराई थी। इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी दीपक रावत ने मेडिकल तैयार करने वाले डा. पंकज को बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में बुलाकर गोलीकांड प्रकरण में जानकारी ली। जिलाधिकारी को तब बड़ा झटका लगा जब डाक्टर अपने द्वारा लिखी बातों को नहीं पढ़ सका। मेउिकल में लिखे शब्दों की स्पेलिंग में भी त्रुटि थी। जिस पर जिलाधिकारी को डाक्टर की शिक्षा और डिग्री पर शक हुआ। डीएम के पूछने पर डाक्टर अपने शैक्षिक योग्यता के बारे में भी गोलमोल जवाब देने लगा। इस पर जिलाधिकारी ने डाक्टर की डिग्री के संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं।
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घायल के शरीर में गोली नहीं मिली थी, जिस पर संदेह के आधार पर प्राथमिक मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई। फोरेंसिक जांच में ही गोली लगने की पुष्टि होती है। मेरी अंग्रेजी कमजोर है। सरकारी सीट पर दाखिला हुआ था और एबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। जिसे भी शक हो, उनकी डिग्री की जांच करा सकते हैं।
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- डा. पंकज, जिला अस्पताल।