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तिलभांडेश्वर मंदिर का वार्षिकोत्सव उल्लास से मना
Updated Sat, 25 Aug 2018 11:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि जहां श्रद्धा होती है, वहीं भगवान का वास होता है। श्रद्धा का ही पूजा में विशेष महत्व है। शिव ही एकमात्र ऐसे देव है जो उपासक की उपासना और एक लोटा जल व त्रिदल मात्र से प्रसन्न हो जाते हैं।
श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार को आयोजित वार्षिकोत्सव में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने मंदिर में पूजा अर्चना की और विश्व शांति महायज्ञ की सराहना की। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को जलधारा प्रिय है। श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया एक पुष्प भी भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पर्याप्त है। मंदिर के महंत स्वामी त्रिवेणी दास महाराज ने कहा कि भगवान शंकर की पूजा कल्याणकारी है। हरिद्वार में शिव पूजा का श्रावण मास में विशेष फल की प्राप्ति होती है। शिव का पूजन करने से पापों का क्षय होता है। शिव के नाम का जीवन में एक बार भी स्मरण करने से जन्म- जन्मांतर के पापों को क्षय होता है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर कपिल मुनि महाराज, स्वामी गोपाल मुनि, महंत दामोर और समस्त षड्दर्शन साधु समाज के संत के अतिरिक्त अरविंद अग्रवाल, अमित चावला, सुरेंद्र अरोड़ा, सुंदर मनवाल, हिमांशु चोपड़ा, रमेश अग्रवाल, संजय हांडा आदि उपस्थित रहे।
हरिद्वार। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि जहां श्रद्धा होती है, वहीं भगवान का वास होता है। श्रद्धा का ही पूजा में विशेष महत्व है। शिव ही एकमात्र ऐसे देव है जो उपासक की उपासना और एक लोटा जल व त्रिदल मात्र से प्रसन्न हो जाते हैं।
श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार को आयोजित वार्षिकोत्सव में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने मंदिर में पूजा अर्चना की और विश्व शांति महायज्ञ की सराहना की। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को जलधारा प्रिय है। श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया एक पुष्प भी भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पर्याप्त है। मंदिर के महंत स्वामी त्रिवेणी दास महाराज ने कहा कि भगवान शंकर की पूजा कल्याणकारी है। हरिद्वार में शिव पूजा का श्रावण मास में विशेष फल की प्राप्ति होती है। शिव का पूजन करने से पापों का क्षय होता है। शिव के नाम का जीवन में एक बार भी स्मरण करने से जन्म- जन्मांतर के पापों को क्षय होता है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर कपिल मुनि महाराज, स्वामी गोपाल मुनि, महंत दामोर और समस्त षड्दर्शन साधु समाज के संत के अतिरिक्त अरविंद अग्रवाल, अमित चावला, सुरेंद्र अरोड़ा, सुंदर मनवाल, हिमांशु चोपड़ा, रमेश अग्रवाल, संजय हांडा आदि उपस्थित रहे।
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