{"_id":"5cd70c15bdec22070d45961f","slug":"71557597205-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"असत्य समाचार छापना भी बने अपराध: हितेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असत्य समाचार छापना भी बने अपराध: हितेश
Sun, 12 May 2019 11:16 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 12 May 2019 11:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारद जयंती के मौके पर आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता में तटस्थ रहना जरूरी है। असत्य समाचारों का प्रकाशन भी अपराध की श्रेणी में आना चाहिए। पत्रकारिता या पक्षकारिता में अंतर होना चाहिए।
विज्ञापन
विश्व संवाद केंद्र देहरादून की ओर से प्रेस क्लब सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार हितेश शंकर ने कहा कि जिस प्रकार बलात्कार की पीड़िता की पहचान बताना गैरकानूनी है। उसी प्रकार आधी अधूरी और असत्य खबर छापना भी अपराध घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि असत्य व अधूरी खबरों के लिए उत्तरदायित्व तय होना चाहिए।
विज्ञापन
पत्रकार अनुराग पुनेठा ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता बनी रहनी चाहिए। कार्यक्रम के अध्यक्ष उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. ओमप्रकाश सिंह नेगी ने कहा कि नारद जी की व्यवस्था पूरी संचार तंत्र से जुड़ी थी। वे लोक कल्याण के लिए सदैव चिंतित रहते थे। ब्रह्म लोक में नारद की एक मात्र संचार का माध्यम थे। एक दूसरे से संवाद के रूप में नारद जी की भूमिका महत्वपूर्ण होती थी। विशिष्ट अतिथि संदीप चौधरी, राज कुमार शर्मा, प्रदीप शर्मा, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ शिवशंकर जायसवाल, डॉ रजनीकांत शुक्ला आदि ने भी विचार रखे।
विज्ञापन
इन पत्रकारों को किया गया सम्मानित
इस दौरान पत्रकार त्रिलोकचंद्र भट्ट, जोगेंद्र मावी, चंद्रशेखर जोशी, तनुज वालिया, नरेश दीवान शैली को प्रशस्ति पत्र तथा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।