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जनपद के 730 कॉमन सर्विस सेंटरों के लाइसेंस निरस्त
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
लंबे समय से निष्क्रिय चल रहे जनपद के 730 कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अब जनपद में 864 सीएससी सेंटर ही रह गए हैं।
कॉमन सर्विस सेंटरों पर ई-डिस्ट्रिक्ट, ई-नागरिक, पेंशन, एनआईओस पंजीकरण, एलआईसी, बीमा, पासपोर्ट, नाइलिट, पैन कार्ड, ई-शिक्षा, ई-स्वास्थ्य आदि की सुविधा दी जाती है। सीएससी के माध्यम से प्रदेश भर में आर्थिक गणना करने की भी तैयारी की जा रही है। जनगणना करने में भी सीएससी सेंटरों की सहायता ली जाएगी। सीएससी सेंटरों से अच्छा रोजगार मिलने की संभावना के कारण हरिद्वार जनपद में 1594 लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराकर लाइसेंस ले लिया था, लेकिन सभी सेंटर संचालक नियमों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे थे। निष्क्रिय सीएससी सेंटरों पर अंकुश लगाने के लिए विगत दो दिनों में जनपद के 730 निष्क्रिय सीएससी सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए।
अवैध वसूली का अड्डा बन गए सीएससी
कई सेंटर अवैध वसूली का अड्डा भी बन गए हैं। सरकार की ओर से सेंटरों पर अटल आयुष्मान के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 30 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, लेकिन कई सीएससी संचालक सौ से दो सौ रुपये तक शुल्क वसूल रहे हैं। आधार कार्ड बनवाने के लिए भी 250 रुपये तक ले रहे हैं।
पहले भी हुई सीएससी पर कार्रवाई
कुछ माह पूर्व ऋषिकुल, तहसील के समीप सहित विभिन्न स्थानों पर निर्धारित शुल्क से ज्यादा शुल्क वसूलने वाले सेंटरों को सील कर दिया गया था। जिलाधिकारी दीपक रावत ने भी कई सेंटरों का लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया था।
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अभी तक हरिद्वार में 1594 कॉमन सर्विस सेंटर पंजीकृत थे। जिनमें लंबे समय से निष्क्रिय चल रहे 730 सीएससी सेंटरों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। निर्धारित शुल्क से ज्यादा वसूलने वाले सीएससी के खिलाफ कार्रवाई गतिमान है।
- अनिल अरोड़ा, जिला समन्वयक, सीएससी
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लंबे समय से निष्क्रिय चल रहे जनपद के 730 कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अब जनपद में 864 सीएससी सेंटर ही रह गए हैं।
कॉमन सर्विस सेंटरों पर ई-डिस्ट्रिक्ट, ई-नागरिक, पेंशन, एनआईओस पंजीकरण, एलआईसी, बीमा, पासपोर्ट, नाइलिट, पैन कार्ड, ई-शिक्षा, ई-स्वास्थ्य आदि की सुविधा दी जाती है। सीएससी के माध्यम से प्रदेश भर में आर्थिक गणना करने की भी तैयारी की जा रही है। जनगणना करने में भी सीएससी सेंटरों की सहायता ली जाएगी। सीएससी सेंटरों से अच्छा रोजगार मिलने की संभावना के कारण हरिद्वार जनपद में 1594 लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराकर लाइसेंस ले लिया था, लेकिन सभी सेंटर संचालक नियमों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे थे। निष्क्रिय सीएससी सेंटरों पर अंकुश लगाने के लिए विगत दो दिनों में जनपद के 730 निष्क्रिय सीएससी सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए।
अवैध वसूली का अड्डा बन गए सीएससी
कई सेंटर अवैध वसूली का अड्डा भी बन गए हैं। सरकार की ओर से सेंटरों पर अटल आयुष्मान के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 30 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, लेकिन कई सीएससी संचालक सौ से दो सौ रुपये तक शुल्क वसूल रहे हैं। आधार कार्ड बनवाने के लिए भी 250 रुपये तक ले रहे हैं।
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पहले भी हुई सीएससी पर कार्रवाई
कुछ माह पूर्व ऋषिकुल, तहसील के समीप सहित विभिन्न स्थानों पर निर्धारित शुल्क से ज्यादा शुल्क वसूलने वाले सेंटरों को सील कर दिया गया था। जिलाधिकारी दीपक रावत ने भी कई सेंटरों का लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया था।
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अभी तक हरिद्वार में 1594 कॉमन सर्विस सेंटर पंजीकृत थे। जिनमें लंबे समय से निष्क्रिय चल रहे 730 सीएससी सेंटरों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। निर्धारित शुल्क से ज्यादा वसूलने वाले सीएससी के खिलाफ कार्रवाई गतिमान है।
- अनिल अरोड़ा, जिला समन्वयक, सीएससी