फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   वीआईपी अतिक्रमण लेगा प्रशासन की अग्नि परीक्षा

वीआईपी अतिक्रमण लेगा प्रशासन की अग्नि परीक्षा

Sun, 15 Jul 2018 12:21 AM IST
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:21 AM IST
विज्ञापन
वीआईपी अतिक्रमण लेगा प्रशासन की अग्नि परीक्षा

विज्ञापन
हरिद्वार। शहर की सड़कों और मेला भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने कागजी कसरत शुरू कर दी है। अतिक्रमण हटाओ अभियान जब धरातल पर शुरू होगा तो सबसे ज्यादा वीआईपी अतिक्रमण प्रशासन की परीक्षा लेगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सिंचाई विभाग की परिसंपत्तियों के हस्तांतरण को लेकर विवाद के चलते कुल 697 हेक्टेयर आरक्षित कुंभ मेला का इस समय कोई मालिक नहीं है। जिसमें से लगभग दस हेक्टेयर मेला भूमि पर वीआईपी लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है।
सप्तऋषि से लेकर रोडी बेलवाला, लालजीवाला, पंतद्वीप बैरागी कैंप कनखल और गंगा की नीलधारा चंडीघाट तक कच्चे-पक्के हजारों अतिक्रमण हैं। कुंभ 2010 के बाद कुछ महंतों और भूमाफिया ने योजनाबद्ध ढंग से बैरागी कैंप की मेला भूमि की अवैध रूप से सौ रुपये के स्टांप पेपर पर खरीद-फरोख्त कर पक्के निर्माण करा लिए हैं। 250 से अधिक पक्के निर्माण हैं। गढ़वाल मंडल आयुक्त शैलेश बगोली जब हरिद्वार के डीएम थे तो उन्होंने बड़े स्तर पर बैरागी कैंप का अतिक्रमण ध्वस्त कराया था। इसके बाद अगस्त 2010 की बाढ़ में जब पूरा शहर जलथल हो गया था तो डीएम आर मीनाक्षी सुंदरम ने जेसीबी चलवाकर शहर के बंद नालों को सिरे तक खुलवा दिए थे। 2010 के बाद कोई डीएम अतिक्रमण हटाने का साहस नहीं कर पाया। अब जब हाईकोर्ट का अतिक्रमण हटाने का आदेश आया है तो संयोग से शैलेश बगोली गढ़वाल मंडल के कमिश्नर हैं। कांवड़ मेला व्यवस्था के सिलसिले में उन्होंने दो दिन पूर्व जब अधिकारियों के साथ बैरागी कैंप की मेला भूमि का निरीक्षण किया तो वीआईपी अतिक्रमण को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने जिस बजरीवाला बस्ती का निरीक्षण किया तो वहां बस्ती के संरक्षक के रूप में एक प्रभावशाली नेताजी के नाम का बोर्ड लगा हुआ था । नीलधारा चंडीघाट में भी वीआईपी अतिक्रमण का विशाल साम्राज्य खड़ा कर लिया गया है। साथ ही एक विधायक ने भी गंगा की भूमि पर 500 से अधिक परिवारों की झोपड़ी बस्ती आबाद करा दी है।
विज्ञापन

-------------
हाईकोर्ट के अतिक्रमण हटाने के आदेश के बावजूद सप्तसरोवर क्षेत्र में गंगा की ठोकर संख्या 12 की मेला भूमि पर वीआईपी अतिक्रमण किया जा रहा है। अतिक्रमणकारियों को बिजली की सुविधा दिलाने के लिए शुक्रवार को बिजली के चार खंभे गाड़ दिए गए हैं और उन पर अवैध रूप से ही लाइन डलवाने की तैयारी है। एक महंत ने तो गंगा के किनारे महिला संतों के लिए आलीशान सुख-सुविधा वाली कुटिया बना दी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------
मेला भूमि पर 500 से अधिक दुकानें हैं
हर की पैड़ी के आसपास के मेला क्षेत्र 500 से अधिक अवैध दुकानें लगी हुई हैं। रोडी बेलवाला और पंतद्वीप वाहन पार्किंग में लगे अवैध बाजारों ने तो हरकी पैड़ी के बड़ा बाजार व मोती बाजार को भी मात दे रखी है। न्यायामूर्ति राधाकृष्ण जांच आयोग की सिफारिशों को धता बताते हुए गऊघाट के पुल के नीचे से रोडी बेलबाला में अवैध बाजार सड़क के दोनों ओर से सजा है। गऊघाट पुल से बिरलाघाट के पुुल तक गंगा किनारे की मेला भूमि अवैैध कब्जे में है। पंतद्वीप में वाहनों की जगह पर 250 अवैध दुकानों का बाजार है।

----------
कुंभ मेला 2010 की योजना में दूधाधारी चौक से पुल जटवाड़ा ज्वालापुर तक मुख्य सड़क (पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग) जो अब ओल्ड दिल्ली नीतिपास मार्ग के नाम से दर्ज है। के दोनों तरफ साल भर चलने वाले लक्खी मेलों की भीड़ के मद्देनजर पैदल यात्रियों के लिए लगभग 20 किलोमीटर शानदार चार फीट चौड़ा फुटपाथ बनाया था, जिसे अतिक्रमणकारियों ने गायब ही कर दिया है। फुटपाथ पर कब्जे के बाद सड़क को भी नहीं छोड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed