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वन विभाग का क्षेत्र में शराब की दुकानें खुलने देने से इंकार
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:08 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
हरिद्वार- नजीबाबाद राजमार्ग पर कांगड़ी और चिड़ियापुर में स्थित शराब की दुकान को दोबारा खोलना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर नजर आ रही है। जनता के विरोध के चलते दोनों दुकान नहर पटरी पर चलाई जा रही है लेकिन इस बार वन विभाग के अधिकारियों ने शराब की दुकान के लिए एनओसी देने से साफ मना कर दिया है। कहा कि किसी भी सूरत में अब शराब की दुकान वन विभाग के क्षेत्र और नहर पटरी पर नहीं खोलने दी जाएगी ।
पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नेशनल हाईवे से 500 मीटर दूर शराब की दुकान खोलने के आदेश दिए गए थे। जिससे कांगड़ी और चिड़ियापुर की शराब की दुकान जन विरोध के चलते गांव मे नहीं खुल पाई थी। तब जाकर आबकारी विभाग के आदेश के अनुसार दोनों दुकानें नहर पटरी पर खोल दी गई थी। 31 मार्च के बाद वन विभाग ने दोनों ही दुकानें नहर पटरी से हटा दी हैं। अब दोनो गांव वालों ने भी साफ मना कर दिया है कि कांगड़ी और चिड़ियापुर क्षेत्र के आसपास शराब की दुकान नहीं खोलने दी जाएगी। वन प्रभागीय अधिकारी आकाश वर्मा का कहना है कि वन विभाग की जमीन और नहर पटरी पर दुकान नहीं खुलने देंगे। इसके अलावा अन्य कब्जों को भी हटाया जाएगा।
श्यामपुर।
हरिद्वार- नजीबाबाद राजमार्ग पर कांगड़ी और चिड़ियापुर में स्थित शराब की दुकान को दोबारा खोलना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर नजर आ रही है। जनता के विरोध के चलते दोनों दुकान नहर पटरी पर चलाई जा रही है लेकिन इस बार वन विभाग के अधिकारियों ने शराब की दुकान के लिए एनओसी देने से साफ मना कर दिया है। कहा कि किसी भी सूरत में अब शराब की दुकान वन विभाग के क्षेत्र और नहर पटरी पर नहीं खोलने दी जाएगी ।
पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नेशनल हाईवे से 500 मीटर दूर शराब की दुकान खोलने के आदेश दिए गए थे। जिससे कांगड़ी और चिड़ियापुर की शराब की दुकान जन विरोध के चलते गांव मे नहीं खुल पाई थी। तब जाकर आबकारी विभाग के आदेश के अनुसार दोनों दुकानें नहर पटरी पर खोल दी गई थी। 31 मार्च के बाद वन विभाग ने दोनों ही दुकानें नहर पटरी से हटा दी हैं। अब दोनो गांव वालों ने भी साफ मना कर दिया है कि कांगड़ी और चिड़ियापुर क्षेत्र के आसपास शराब की दुकान नहीं खोलने दी जाएगी। वन प्रभागीय अधिकारी आकाश वर्मा का कहना है कि वन विभाग की जमीन और नहर पटरी पर दुकान नहीं खुलने देंगे। इसके अलावा अन्य कब्जों को भी हटाया जाएगा।
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