फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   वन आरक्षी ने मजदूरों से की मारपीट, गाड्य़िं के शीशे तोड़े, हंगामा, पुलिस ने संभाली स्थिति

वन आरक्षी ने मजदूरों से की मारपीट, गाड्य़िं के शीशे तोड़े, हंगामा, पुलिस ने संभाली स्थिति

Sun, 04 Feb 2018 11:49 PM IST
Updated Sun, 04 Feb 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
वन आरक्षी ने मजदूरों से की मारपीट, गाड्य़िं के शीशे तोड़े, हंगामा, पुलिस ने संभाली स्थिति

विज्ञापन
श्यामपुर।
वन विभाग के एक वन आरक्षी खनन करने वाले मजदूरों के साथ मारपीट कर दी और कई खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों की के शीशे तोड़ डाले। घटना के विरोध में खनन मजदूरों और वाहन चालकों ने काम बंद करके वन विकास निगम के गेट पर जमकर हंगामा काटा। मजदूर आरोपी वन आरक्षी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से उन्हें शांत किया।
श्यामपुर क्षेत्र मे वन विकास निगम की ओर से खनन व चुगान के लिए सरकारी गेट खोले गए हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि निगम के गैंडीखाता गेट से नदी में खनन सामग्री भरने वाली मजदूरों ने नौरंगाबाद नदी के पास झोपड़ी डाल रखी है। मजदूरों से चिड़ियापुर रेंज के वन आरक्षी ने झोपड़ी डालने के एवज में पांच सौ रुपये की मांग की। पांच सौ रुपये न देने पर मजदूरों के साथ मारपीट की गई। वहीं वाहन चालकों ने भी वन आरक्षी के खिलाफ लिखित में वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप उनियाल को शिकायत की कि प्रत्येक वाहन चालक से पांच सौ रुपये की उगाही की जा रही है। पैसे नहीं देने वाले चालकों के वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए।
विज्ञापन

इस मामले को लेकर रविवार को चालकों और मजदूरों ने जमकर हंगामा किया और आरोपी वन कर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की। मजदूरों ने खनन सामग्री भरने से साफ मना कर दिया जिससे गेट को फिलहाल बंद कर दिया गया। गैंडीखाता वन विकास निगम गेट सेक्शन अधिकारी जीएस लखेड़ा ने बताया गया है वन विभाग की चिडिय़ाघर रेंज मे तैनात वन आरक्षी द्वारा नदी में काम करने वाली मजदूरों के साथ मारपीट की है। कुछ वाहनों के शीशे तोड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि खनन नहीं होने से एक ही दिन में सात लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वन क्षेत्राधिकारी रसियाबड़ प्रदीप उनियाल का कहना है कि वाहन चालकों ने लिखित में शिकायत की है। प्रकरण के संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। दूसरी ओर चिड़ियापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी केएस भंडारी का कहना है कि मजदूरों ने वन विभाग की जमीन में झोपड़ी बनाई हैं। मजदूरों ने वहां गंदगी फैला रखी है। उन्हें हटाने के लिए वन आरक्षी को मौके पर भेजा गया था। वन विकास निगम के गेट पर पांच बजे के बाद वाहन खड़े करने का कोई प्रावधान नहीं है। वहां पर वाहन खड़ा करने के लिए मना किया गया है। उन्होंने कहा कि शीशे तोड़ना, मारपीट और अवैध वसूली के आरोप बेबुनियाद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed