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एकमात्र हड्डी रोग विशेषज्ञ के अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहने से बढ़ी मरीजों की परेशानी
Updated Mon, 19 Mar 2018 09:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जिला अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ के अन्य कार्यक्रमों में ड्यूटी से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मरीजों को सप्ताह में बमुश्किल एक या दो दिन ही हड्डी रोग विशेषज्ञ मिल पाते हैं। ऐसे में मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से दूसरे हड्डी रोग विशेषज्ञ की मांग भी नहीं भेजी गई है।
जिला अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. डीएल शाह और डा. ज्योति बोहरा हैं। इनमें से डा. डीएल शाह 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गए। इनके बाद अस्पताल में केवल डा. ज्योति बोहरा रह गए। अब अस्पताल में एकमात्र डाक्टर रहने से हड्डी रोग के मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. ज्योति बोहरा को महीने में दूसरे और चौथे मंगलवार को विकलांग शिविर में रहना होता है। इसके साथ ही प्रत्येक सप्ताह में बुधवार और शुक्रवार को ऑपरेशन करने होते हैं। इसके अलावा हड्डी रोग विशेषज्ञ की इमरजेंसी, वीआईपी और पोस्टमार्टम में ड्यूटी भी लगाई जाती है। ऐसे में हड्डी रोग विशेषज्ञ सप्ताह में एक या दो दिन ही मरीजों को देख पाते हैं। अस्पताल प्रबंधन ने हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. डीएल शाह के सेवानिवृत्त होने के बाद नए डाक्टर की डिमांड तक नहीं भेजी है। सीएमएस डा. अजय सिंह सैंगर का कहना है कि पूर्व में डाक्टरों के संदर्भ में डिमांड भेजी हई थी। अब नई डिमांड में हड्डी रोग विशेषज्ञ के साथ अन्य डाक्टरों की भी मांग की जाएगी। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से शीघ्र ही संविदा के डाक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया की जानी है, उसके बाद अस्पताल में डाक्टर नियुक्त होंगे।
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