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प्रतिभाओं के अभिभावकों का सीना हुआ गर्व से चौड़ा
Updated Sun, 21 Jan 2018 11:53 PM IST
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हरिद्वार। अमर उजाला एवं कोटा क्लासेज के संयुक्त बैनर तले हरिद्वार के होनहारों के अभिभावकों को सम्मानित कर उनका मान बढ़ाया गया। यही नहीं कोटा क्लासेज के उड़ान प्रतिभा छात्रवृत्ति के लिए चयनित हुए 15 प्रतिभाओं को छात्रवृत्ति से भी नवाजा गया।
ऋषिकुल मैदान में चल रहे अमर उजाला शॉपिंग फेस्टिवल आयोजन स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही प्रतिभाओं के पीछे असल में उनके अभिभावकों की भी मेहनत छिपी होती है। उन्होंने कहा कि हर बच्चा अपने परिवार से ही संस्कार लेकर आगे बढ़ता है और फिर वह अलग-अलग क्षेत्र में अपनी पहचान बनाता है। सांसद निशंक ने कहा कि अभिभावकों को भी गर्व होता है जब उनके दिए संस्कार की बदौलत उनका लाडला लाडली अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाती है। कहा कि भारत की प्रतिभाएं विश्वभर में अपना लोहा मनवा रही है और भविष्य में भी कई क्षेत्र में हिंदुस्तान की ही प्रतिभाएं अपना जलवा बिखरेगी। सांसद ने मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले 44 उन छात्र छात्राओं के अभिभावकों को सम्मानित किया, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपना अलग मुकाम बनाया है। कोटा क्लासेज ने भी मध्यवर्गीय परिवारों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए उड़ान छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की थी, उस परीक्षा में चयनित हुए 15 छात्रों को भी छात्रवृत्ति से नवाजा गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक बीसी पांडेय, कोटा क्लासेज के महानिदेशक रवि वर्मा, व्यवस्थापक राजीव रंजन, शिक्षक वीके सिंह, एसबी सिंह, डीपी सिंह, आशीष कुमार चौधरी, भाजपा नेता ओमप्रकाश जमदग्नि समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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गदगद हो गए परिजन
मेरी आर्थिक स्थिति बेहद ही खराब थी। मेरे बेटे की प्रतिभा को देखते हुए ही कोटा क्लासेज ने मदद की थी, निशुल्क कोचिंग दी थी। मेरा बेटा आज एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।
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विजेंद्र कुमार, (रॉबिन कुमार, एमबीबीएस छात्र)
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मुझे अपने बेटे पर गर्व है। उसकी बदौलत आज मुझे सम्मानित होने का मौका मिला। अमर उजाला और कोटा क्लासेज का प्रयास बेहद सराहनीय है। कोटा क्लासेज ने कोचिंग के दौरान एक वर्ष की फीस माफ की थी, जो मेरे बेटे की तरक्की की पहली सीढ़ी थी।
कामिनी गर्ग ( तुषार गर्ग आईआईटी कानपुर में अध्ययनरत)
कोटा क्लासेज से ही मेरी बेटी को राह दिखाई दी थी। बेटी का शैक्षिक स्तर कोटा क्लासेज में ही बेहद सुधरा था, जिसकी बदौलत आज उसका भविष्य संवर रहा है।
शाहिद अहमद अंसारी, ( बेटी निशात अंजुम)
कोटा क्लासेज से ही मेरे बेटे ने कोचिंग ली थी, आज बेटा भारतीय जलसेना में सेवा दे रहा है। मुझे आज सम्मानित होते हुए बहुत खुशी हो रही है।
संजय वशिष्ठ, ( बेटा अंशुमन वशिष्ठ, सब लेफ्टिनेंट भारतीय जल सेना)
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ऋषिकुल मैदान में चल रहे अमर उजाला शॉपिंग फेस्टिवल आयोजन स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही प्रतिभाओं के पीछे असल में उनके अभिभावकों की भी मेहनत छिपी होती है। उन्होंने कहा कि हर बच्चा अपने परिवार से ही संस्कार लेकर आगे बढ़ता है और फिर वह अलग-अलग क्षेत्र में अपनी पहचान बनाता है। सांसद निशंक ने कहा कि अभिभावकों को भी गर्व होता है जब उनके दिए संस्कार की बदौलत उनका लाडला लाडली अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाती है। कहा कि भारत की प्रतिभाएं विश्वभर में अपना लोहा मनवा रही है और भविष्य में भी कई क्षेत्र में हिंदुस्तान की ही प्रतिभाएं अपना जलवा बिखरेगी। सांसद ने मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले 44 उन छात्र छात्राओं के अभिभावकों को सम्मानित किया, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपना अलग मुकाम बनाया है। कोटा क्लासेज ने भी मध्यवर्गीय परिवारों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए उड़ान छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की थी, उस परीक्षा में चयनित हुए 15 छात्रों को भी छात्रवृत्ति से नवाजा गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक बीसी पांडेय, कोटा क्लासेज के महानिदेशक रवि वर्मा, व्यवस्थापक राजीव रंजन, शिक्षक वीके सिंह, एसबी सिंह, डीपी सिंह, आशीष कुमार चौधरी, भाजपा नेता ओमप्रकाश जमदग्नि समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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गदगद हो गए परिजन
मेरी आर्थिक स्थिति बेहद ही खराब थी। मेरे बेटे की प्रतिभा को देखते हुए ही कोटा क्लासेज ने मदद की थी, निशुल्क कोचिंग दी थी। मेरा बेटा आज एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।
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विजेंद्र कुमार, (रॉबिन कुमार, एमबीबीएस छात्र)
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मुझे अपने बेटे पर गर्व है। उसकी बदौलत आज मुझे सम्मानित होने का मौका मिला। अमर उजाला और कोटा क्लासेज का प्रयास बेहद सराहनीय है। कोटा क्लासेज ने कोचिंग के दौरान एक वर्ष की फीस माफ की थी, जो मेरे बेटे की तरक्की की पहली सीढ़ी थी।
कामिनी गर्ग ( तुषार गर्ग आईआईटी कानपुर में अध्ययनरत)
कोटा क्लासेज से ही मेरी बेटी को राह दिखाई दी थी। बेटी का शैक्षिक स्तर कोटा क्लासेज में ही बेहद सुधरा था, जिसकी बदौलत आज उसका भविष्य संवर रहा है।
शाहिद अहमद अंसारी, ( बेटी निशात अंजुम)
कोटा क्लासेज से ही मेरे बेटे ने कोचिंग ली थी, आज बेटा भारतीय जलसेना में सेवा दे रहा है। मुझे आज सम्मानित होते हुए बहुत खुशी हो रही है।
संजय वशिष्ठ, ( बेटा अंशुमन वशिष्ठ, सब लेफ्टिनेंट भारतीय जल सेना)