{"_id":"5c9e5b7fbdec22145d383bdc","slug":"31553881983-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक के अपहरण की सूचना पर दौड़ी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवक के अपहरण की सूचना पर दौड़ी पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र से एक युवक का कार सवार युवकों के अपहरण करने की झूठी सूचना पर हरिद्वार कोतवाली पुलिस हलकान रही। पुलिस की पड़ताल में मामला अपहरण का नहीं बल्कि लेनदेन का निकलकर सामने आया। फिलहाल स्थानीय पुलिस गाजियाबाद से ताल्लुक रखने वाले युवकों से पूछताछ में जुटी है।
शुक्रवार की दोपहर सिटी पुलिस कंट्रोल रूम को राहगीर ने सूचना दी कि शांतिकुंज के पास से कार सवार कुछ युवक सरेराह एक युवक को अपने साथ कार में जबरन डालकर ले जा रहे थे। सूचना पर चौकन्नी हुई पुलिस ने सिंहद्वार चौक के पास कार रोक ली। पीछे पीछे पहुंची हरिद्वार कोतवाली पुलिस सभी युवकों को कोतवाली ले आई। कोतवाली में की गई पूछताछ में मामला अपहरण का नहीं बल्कि आपसी लेनदेन का निकलकर आया। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि एक युवक शंकर नेगी निवासी कटघर मुरादाबाद अपने मौसेरे भाई आकाश रावत के साथ कुछ समय पूर्व तक विजयनगर गाजियाबाद में रहता था। उसने वहां के रहने वाले दो सगे भाई अमन और जसबीर सिंह से चालीस हजार की रकम उधार ली थी। रकम अदा करने की बजाय युवक वहां से चले आए और यहां आकर ब्रह्मपुरी में रहने लग गए। इस बात की जानकारी मिलने पर लेनदार दोनों भाई यहां पहुंचे थे और उन्होंने आकाश रावत को पकड़ लिया था। जिसकी मदद से वह शंकर नेगी को ढूंढ रहे थे लेकिन इसी बीच किसी ने अपहरण की सूचना दे दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अभी पूछताछ कर रहे हैं। दोनों भाई खुद को स्नातक का छात्र बता रहे हैं।
विज्ञापन
उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र से एक युवक का कार सवार युवकों के अपहरण करने की झूठी सूचना पर हरिद्वार कोतवाली पुलिस हलकान रही। पुलिस की पड़ताल में मामला अपहरण का नहीं बल्कि लेनदेन का निकलकर सामने आया। फिलहाल स्थानीय पुलिस गाजियाबाद से ताल्लुक रखने वाले युवकों से पूछताछ में जुटी है।
शुक्रवार की दोपहर सिटी पुलिस कंट्रोल रूम को राहगीर ने सूचना दी कि शांतिकुंज के पास से कार सवार कुछ युवक सरेराह एक युवक को अपने साथ कार में जबरन डालकर ले जा रहे थे। सूचना पर चौकन्नी हुई पुलिस ने सिंहद्वार चौक के पास कार रोक ली। पीछे पीछे पहुंची हरिद्वार कोतवाली पुलिस सभी युवकों को कोतवाली ले आई। कोतवाली में की गई पूछताछ में मामला अपहरण का नहीं बल्कि आपसी लेनदेन का निकलकर आया। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि एक युवक शंकर नेगी निवासी कटघर मुरादाबाद अपने मौसेरे भाई आकाश रावत के साथ कुछ समय पूर्व तक विजयनगर गाजियाबाद में रहता था। उसने वहां के रहने वाले दो सगे भाई अमन और जसबीर सिंह से चालीस हजार की रकम उधार ली थी। रकम अदा करने की बजाय युवक वहां से चले आए और यहां आकर ब्रह्मपुरी में रहने लग गए। इस बात की जानकारी मिलने पर लेनदार दोनों भाई यहां पहुंचे थे और उन्होंने आकाश रावत को पकड़ लिया था। जिसकी मदद से वह शंकर नेगी को ढूंढ रहे थे लेकिन इसी बीच किसी ने अपहरण की सूचना दे दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अभी पूछताछ कर रहे हैं। दोनों भाई खुद को स्नातक का छात्र बता रहे हैं।
विज्ञापन