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.. स्वामी दयानंद न होते तो अलीगढ़ तक बन जाता पाकिस्तान: राज्यपाल
Updated Sun, 08 Jul 2018 11:52 PM IST
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हरिद्वार। गुरुकुल महासम्मेलन के समापन पर बिहार के राज्यपाल डा. सत्यपाल मलिक ने कहा कि स्वामी दयानंद नहीं होते तो सैनी, गुर्जर और जाटों का बड़ी संख्या में धर्म परिवर्तन होता। आजादी से पहले मुसलमानों की संख्या इतनी अधिक होती कि पाकिस्तान की सरहद अलीगढ़ तक आ पहुंचती। स्वामी दयानंद से पहले किसी और ने प्रयास किये होते तो पाकिस्तान लाहौर तक सीमित रहता। उन्होंने कहा कि उस दौरान हिंदुओं को मुसलमान बनाने से देश की बड़ी क्षति हुई।
सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अंतरराष्ट्रीय गुरुकुल महासम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल डा. मलिक ने कहा कि मानवीय मूल्यों में गिरावट रोकने को लोगों की मानसिकता बदलनी होगी। इसके लिए संस्कारवान शिक्षा जरूरी है। किसी देश को मिटाना है तो वहां पर बम या सेना का हमला नहीं, वहां की शिक्षा नीति को बिगाड़ दो। उन्होंने कहा कि गुरुकुल शिक्षा पद्घति को आगे बढ़ाने के लिए जोर देना होगा। उन्होंने स्वामी श्रद्घानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि आर्य समाज में ऐसे प्रवर्तक पैदा हुए है, जिन्होंने जामा मस्जिद पर वेद मंत्र का जाप किया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री काल में संस्कृत को राज्य की द्वितीय भाषा घोषित किया गया। विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि आर्य समाज के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर संस्कृति बचाने को इस प्रकार के सम्मेलन जरूरी हैं। सम्मेलन का संचालन सभा मंत्री विटठलराव आर्य ने किया और धन्यवाद ज्ञापित सभा के अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश ने किया।
शिक्षा मंत्री वो बने जो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ाए - अग्रवाल
सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा मंत्री पद लेने का अधिकार उसे है, जिसके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हों। शिक्षा मंत्री, अधिकारियों, शिक्षकों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने चाहिए, तभी शिक्षा का स्तर सुधरेगा। संस्कृत भाषा और वेदों को आगे बढ़ाने का काम गुरुकुल ने किया। उन्होंने कहा कि यदि संस्कृति बचानी है तो गुरुकुलों को मजबूत करना होगा। उन्होंने दयानंद शोध चेयर खोलने की पैरवी की।
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सपने साकार बनने को कुर्बानी देना सीखो : स्वामी अग्निवेश
हरिद्वार। आर्यसमाजी और सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने नौजवानों का आह्वान किया कि
सपने साकार बनने के लिए कुर्बानी देना सीखो। महर्षि दयानंद का सपना तभी पूरा हो सकता है, जब युवा कुर्बानी को तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाला समय वेदों का होगा और सांप्रदायिकता के साथ द्वेषभाव दूर करने से मानसिक विकृतियां खत्म होंगी। देश में आर्थिक और शैक्षिक विषमता पर उन्होंने सवाल खड़ा किया। बोले, दुनिया की 99 प्रतिशत संपत्ति पर एक प्रतिशत लोगों का कब्जा है, जो शिक्षा पद्वति तय करते हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का आकलन सुधार करने का समय आ गया है। आर्य समाज के विखंडन पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यदि एक हो जाए तो समस्त राज्यों में इनकी सरकार हो। अमेरिका ने शिक्षा से ही तरक्की की है। देश के उत्थान के लिए गुरुकुलों का विकास जरूरी है।
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सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अंतरराष्ट्रीय गुरुकुल महासम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल डा. मलिक ने कहा कि मानवीय मूल्यों में गिरावट रोकने को लोगों की मानसिकता बदलनी होगी। इसके लिए संस्कारवान शिक्षा जरूरी है। किसी देश को मिटाना है तो वहां पर बम या सेना का हमला नहीं, वहां की शिक्षा नीति को बिगाड़ दो। उन्होंने कहा कि गुरुकुल शिक्षा पद्घति को आगे बढ़ाने के लिए जोर देना होगा। उन्होंने स्वामी श्रद्घानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि आर्य समाज में ऐसे प्रवर्तक पैदा हुए है, जिन्होंने जामा मस्जिद पर वेद मंत्र का जाप किया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री काल में संस्कृत को राज्य की द्वितीय भाषा घोषित किया गया। विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि आर्य समाज के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर संस्कृति बचाने को इस प्रकार के सम्मेलन जरूरी हैं। सम्मेलन का संचालन सभा मंत्री विटठलराव आर्य ने किया और धन्यवाद ज्ञापित सभा के अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश ने किया।
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शिक्षा मंत्री वो बने जो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ाए - अग्रवाल
सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा मंत्री पद लेने का अधिकार उसे है, जिसके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हों। शिक्षा मंत्री, अधिकारियों, शिक्षकों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने चाहिए, तभी शिक्षा का स्तर सुधरेगा। संस्कृत भाषा और वेदों को आगे बढ़ाने का काम गुरुकुल ने किया। उन्होंने कहा कि यदि संस्कृति बचानी है तो गुरुकुलों को मजबूत करना होगा। उन्होंने दयानंद शोध चेयर खोलने की पैरवी की।
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सपने साकार बनने को कुर्बानी देना सीखो : स्वामी अग्निवेश
हरिद्वार। आर्यसमाजी और सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने नौजवानों का आह्वान किया कि
सपने साकार बनने के लिए कुर्बानी देना सीखो। महर्षि दयानंद का सपना तभी पूरा हो सकता है, जब युवा कुर्बानी को तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाला समय वेदों का होगा और सांप्रदायिकता के साथ द्वेषभाव दूर करने से मानसिक विकृतियां खत्म होंगी। देश में आर्थिक और शैक्षिक विषमता पर उन्होंने सवाल खड़ा किया। बोले, दुनिया की 99 प्रतिशत संपत्ति पर एक प्रतिशत लोगों का कब्जा है, जो शिक्षा पद्वति तय करते हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का आकलन सुधार करने का समय आ गया है। आर्य समाज के विखंडन पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यदि एक हो जाए तो समस्त राज्यों में इनकी सरकार हो। अमेरिका ने शिक्षा से ही तरक्की की है। देश के उत्थान के लिए गुरुकुलों का विकास जरूरी है।