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रेडियोलॉजिस्ट मनीष दत ने वीआरएस को किया आवेदन
Updated Fri, 16 Mar 2018 12:15 AM IST
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हरिद्वार। दो सरकारी अस्पताल रेडियोलॉजिस्ट की सेवा दे रहे डा. मनीष दत्ता ने वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) के लिए आवेदन किया है। दो महीने बाद सिविल अस्पताल रुड़की और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्वालापुर में भी अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताले पड़ जाएंगे। जिला अस्पताल में पहले से ही यह सेवा रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से बंद पड़ी है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
इस समय जनपद में केवल दो अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड तीन-तीन दिन हो रहे हैं। वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट एसीएमओ डा. मनीष दत्त रुड़की सिविल अस्पताल में सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को और सीएचसी ज्वालापुर में मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार को अल्ट्रासाउंड करते हैं। डा. मनीष दत्त ने 14 फरवरी को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन कर दिया है। शासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने पर भी दो महीने बाद डाक्टर मनीष दत्त सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इससे जनपद के साथ प्रदेश में एक और रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली हो जाएगा। जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डा. मनोज उप्रेती को 15 दिसंबर को देहरादून कोरोनेशन अस्पताल में अटैच कर दिया था। तब से लेकर अब तक जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा ठप है। 90 दिन के बाद भी अस्पताल में कोई रेडियोलॉजिस्ट नहीं आने से गर्भवती महिलाओं के साथ सामान्य मरीजों को निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है।
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यहां रेडियोलॉजिस्ट है, मशीन खराब
मेला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डा. राजेश गुप्ता तैनात हैं, लेकिन अस्पताल की मशीन में तकनीकी खामी आने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे। अब डा. राजेश गुप्ता को जिला अस्पताल में मेडिकल मामलों में रिपोर्ट देने के साथ-साथ सरकारी मामलों के रिपोर्ट देने का काम सौंपा गया है। डा. राजेश का जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन पर पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत पंजीकरण न होने के चलते हुए वह गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकते। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में जाना पड़ रहा है।
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इस समय जनपद में केवल दो अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड तीन-तीन दिन हो रहे हैं। वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट एसीएमओ डा. मनीष दत्त रुड़की सिविल अस्पताल में सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को और सीएचसी ज्वालापुर में मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार को अल्ट्रासाउंड करते हैं। डा. मनीष दत्त ने 14 फरवरी को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन कर दिया है। शासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने पर भी दो महीने बाद डाक्टर मनीष दत्त सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इससे जनपद के साथ प्रदेश में एक और रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली हो जाएगा। जिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डा. मनोज उप्रेती को 15 दिसंबर को देहरादून कोरोनेशन अस्पताल में अटैच कर दिया था। तब से लेकर अब तक जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा ठप है। 90 दिन के बाद भी अस्पताल में कोई रेडियोलॉजिस्ट नहीं आने से गर्भवती महिलाओं के साथ सामान्य मरीजों को निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है।
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यहां रेडियोलॉजिस्ट है, मशीन खराब
मेला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डा. राजेश गुप्ता तैनात हैं, लेकिन अस्पताल की मशीन में तकनीकी खामी आने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे। अब डा. राजेश गुप्ता को जिला अस्पताल में मेडिकल मामलों में रिपोर्ट देने के साथ-साथ सरकारी मामलों के रिपोर्ट देने का काम सौंपा गया है। डा. राजेश का जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन पर पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत पंजीकरण न होने के चलते हुए वह गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकते। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में जाना पड़ रहा है।
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