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लाखों श्रद्धालुओं ने वैशाखी पर लगाई गंगा में डुबकी
Updated Sat, 14 Apr 2018 10:55 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
बैसाखी के अवसर पर देश के विभिन्न भागों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने हरकी पैडी सहित गंगा के अनेक घाटों पर डुबकी लगाई। तड़के चार बजे प्रांरभ हुए स्नान शाम तक चलता रहा। स्नानार्थियों ने अन्य घाटों पर जाकर नियत कर्म भी संपन्न कराए।
सूर्य संक्रांति का पर्व काल शनिवार को पड़ने से बैसाखी का पर्व शनिवार को मनाया गया। गंगा भक्तों की भीड़ तड़के से गंगा घाटों पर पहुंचने लगी थी। हरकी पैडी पर सर्वाधिक भीड़ रही, जबकि अन्य घाटों पर भी स्नान चलता रहा। ब्रह्मकुंड से सटे सुभाष घाट, हनुमान घाट, विष्णु घाट, राम घाट, बिरला घाट आदि पर स्नान सवेरे ही शुरू हुआ था। उत्तरी हरिद्वार के सर्वानंद घाट, अग्रसेन घाट, परमार्थ घाट, भूमा घाट आदि पर भारी भीड़ रही। अधिकांश यात्रियों के भीमगोडा से भोपतवाला से सप्तऋषि तक ठहरे होने से इन घाटों पर भी खासी भीड़ नजर आई। गंगा पार के लंबे चौडे रोडीबेलवाला घाटों पर भी स्नान चलता रहा। कनखल के राजघाट और दक्ष घाट पर भी गंगा स्नान चला। स्नानार्थियों ने कुशावर्त घाट जाकर स्नान करने के साथ यज्ञोपवीत, मुंडन, कर्ण छेदन आदि संस्कार भी संपन्न कराए। स्नान के बाद मेष राशि में प्रवेश करते हुए सूर्य नारायण को अर्घ्य प्रदान किया। चूंकि सूर्य का मेष राशि और अश्विन नक्षत्र प्रवेश सवेरे 8.10 बजे हुआ, अत: पुण्यकाल प्रारंभ होने तक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। बाद में नियत स्नानों पर जाकर दानपुण्य किया।
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संक्रांति के अवसर पर अनेक धार्मिक स्थलों में कथा प्रवचन, कीर्त आदि का आयोजन किया गया। कनखल के साथ-साथ आश्रम बाहुल्य क्षेत्रों में बहुत भीड़ थी। जबकि हर की पैडी सटे मुख्य नगर में श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। वैशाखी स्नान पर सोमवार को होने वाले सोमवती स्नान की छाप साफ दिखाई दे रही थी। स्नान करने वाले श्रद्धालुओं में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और जम्मू कश्मीर से आए स्नानार्थियों की संख्या अधिक रही। जबकि हरियाणा और पंजाब के श्रद्धालु सोमवती पर डुबकी लगाएंगे।
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पितरों का तर्पण करने के लिए श्राद्ध अमावस्या आज
सोमवती अमावस्या का स्नान सोमवार को होगा, जबकि पितरों की अमावस्या रविवार को है। गंगा तट पर आए श्रद्धालु इस दिन पितरों का श्राद्ध तर्पण, पितृ दोष निवारण आदि कर्मकांड संपन्न कराएंगे। कुशावर्त के साथ-साथ नारायणी शिला पर भी श्राद्ध होंगे। रविवार को अमावस्या तिथि सवेरे 8.38 बजे लग जाएगी। सोमवार को अमावस्या सूर्योदय के तत्काल बाद सवेरे 7.27 बजे संपन्न होगी, अत: जिन श्रद्धालुओं श्राद्ध करना है, वे रविवार को तर्पण करेंगे।
22 को मनाया जाएगा गंगा जन्मोत्सव
हरिद्वार। गंगा जन्मोत्सव गंगा सप्तमी के दिन 22 अप्रैल को श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। इस संबंध चंद्रा भवन कुशावर्त पर संपन्न हुई बैठक में उमाकांत दीक्षित, रजनीश, श्रीकांत, प्रदीप झा, शैलेश गौतम, अभिषेक सिखौला आदि ने भाग लिया। गंगा सप्तमी पर कुशा घाट से अपर रोड होते हुए हरकी पैडी तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस उपलक्ष्य में 23 अप्रैल से कुशा घाट पर ही डोंगरे महाराज के शिष्य पंडित विश्वनाथ उर्फ रज्जू भैया भागवत कथा सुनाएंगे।