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हरिद्वार मेयर अनीता शर्मा को न बुलाने पर आक्रोश
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
चंडीघाट पर नमामि गंगे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग की विभिन्न योजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में हरिद्वार की मेयर अनीता शर्मा को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया। वहीं मेयर की स्वीकृति के बिना नमामि गंगे के तहत गंगा के 72 घाटों की सफाई का काम बिना होमवर्क किए ही दे दिए जाने पर आपत्ति जताई।
मेयर अनीता शर्मा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि गंगा घाटों की सफाई का विरोध नहीं करती हैं, लेकिन जिस तरह से योजना में आश्रमों के निजी गंगा घाटों के साथ एक-एक घाट को दो-दो बार शामिल किया है, कई घाट धरातल पर नहीं है। इससे योजनाओं की फाइल पर उनकी आपत्ति जांच की थी, लेकिन अब बिना होमवर्क किए ही शिलान्यास करा दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि नमामि गंगे के 15.90 करोड़ की योजना यदि ईमानदारी से लागू हो तो पूरे हरिद्वार के घाट ही नहीं, पूरा नगर निगम क्षेत्र भी तीन साल तक साफ होता रहेगा। उन्होंने रिंग रोड बनाने से पूर्व हाईवे के काम पूरा करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि शहर में कई चित्रकारी बनाते हुए सफाई का संदेश दिया गया है, लेकिन उसी के नीचे नाले में कूड़ा अटा है और सीवर बह रहा है।
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चंडीघाट पर नमामि गंगे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग की विभिन्न योजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में हरिद्वार की मेयर अनीता शर्मा को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया। वहीं मेयर की स्वीकृति के बिना नमामि गंगे के तहत गंगा के 72 घाटों की सफाई का काम बिना होमवर्क किए ही दे दिए जाने पर आपत्ति जताई।
मेयर अनीता शर्मा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि गंगा घाटों की सफाई का विरोध नहीं करती हैं, लेकिन जिस तरह से योजना में आश्रमों के निजी गंगा घाटों के साथ एक-एक घाट को दो-दो बार शामिल किया है, कई घाट धरातल पर नहीं है। इससे योजनाओं की फाइल पर उनकी आपत्ति जांच की थी, लेकिन अब बिना होमवर्क किए ही शिलान्यास करा दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि नमामि गंगे के 15.90 करोड़ की योजना यदि ईमानदारी से लागू हो तो पूरे हरिद्वार के घाट ही नहीं, पूरा नगर निगम क्षेत्र भी तीन साल तक साफ होता रहेगा। उन्होंने रिंग रोड बनाने से पूर्व हाईवे के काम पूरा करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि शहर में कई चित्रकारी बनाते हुए सफाई का संदेश दिया गया है, लेकिन उसी के नीचे नाले में कूड़ा अटा है और सीवर बह रहा है।
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