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बेटा और बेटियों में अंतर न समझे, कुप्रथाओं से रहे दूर

Thu, 14 Feb 2019 12:03 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 14 Feb 2019 12:03 AM IST
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बेटा और बेटियों में अंतर न समझे, कुप्रथाओं से रहे दूर
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत श्री वैश्य बंधु समाज की महिलाओं और पुरुषों ने बेटियों के उत्थान के लिए काम करने को आह्वान किया। उन्होंने बेटा और बेटी में अंतर न करने और शादियों में दहेज देने की कुप्रथा से दूर रहने की अपील की। उन्होंने बेटियों की समानता के लिए काम करने का संकल्प भी लिया।
बुधवार को देवपुरा चौक स्थित अग्रसेन पार्क में अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत श्री वैश्य बंधु समाज की ओर से विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें समाज की महिला विंग की अध्यक्ष ऋतु तायल ने बेटियों को ससुराल में उसी प्रकार से हक देने की बात कही, जिस प्रकार से अपनी बेटियों को घर में अधिकार और सम्मान देते हैं। सुनीता मित्तल ने शादी के दौरान दहेज के लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने और शादी के बाद पुत्रवधु का उत्पीड़न न करने की बात कही। उन्होंने कहा कि लड़के की हर इच्छा पूरी कर दी जाती है, लेकिन लड़कियों को समझा बुझाकर शांत कर दिया जाता है। ब्रिजेश कंसल, सुधा जैन, अर्चना अग्रवाल, मीना जैन ने कहा कि बेटियों को बढ़ावा देकर आत्म निर्भर बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों को अच्छे संस्कारों की जरूरत है। विनती जैन ने कहा कि नारी सम्मान घर से होना चाहिए। उन्होंने शरीर की सुंदरता के बजाय मन की सुंदरता पर जोर दिया। रूपाली अग्रवाल ने कहा कि कई घरों में वित्तीय स्थिति अच्छी न होने पर लड़की के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता, यह सोच रखना बेहद गलत है। अपर्णा गोयल ने कहा कि शादी के बाद लड़की ससुराल चली जाती है तो मायकेवाले उसका सम्मान करना कम कर देते हैं। उधर, ससुराल में भी बहू और बेटियों में असमानता रखी जाती है। समाजसेवी हितेश अग्रवाल ने कहा कि परिवार में बेटा और बेटी है तो उसे आगे बढ़ाने के लिए काम करें। किसी की इच्छाओं को दफन न करें। पूर्व मेयर मनोज गर्ग ने कहा कि आज जो बेटी है कल किसी के घर की बहू बनेगी। ऐसे में बेटी और बहू में कोई अंतर न करें। उन्होंने सामर्थवान परिवारों को गरीबों की बेटियों की शादियों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने समस्त महिलाओं एवं पुरुषों को बेटियों को बढ़ावा देने का संकल्प कराया। महिला विंग की संस्थापक शशि अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में ममता गुप्ता, बबीता गुप्ता, पूजा अग्रवाल, डौली गुप्ता, पिंकी अग्रवाल, रजनी बंसल, सीमा अग्रवाल आदि ने विचार रखे। इस मौके पर अशोक अग्रवाल, सुमित गोयल, वीके गुप्ता, डा. अजय अग्रवाल, आशीष गुप्ता, प्रवेश गुप्ता, महावीर प्रसाद मित्तल, आरडी अग्रवाल, आशुतोष गोयल, ओपी सिंघल, हितेश अग्रवाल, दाऊदयाल अग्रवाल, ओम प्रकाश सिंघल, सुमित गोयल, रामेश्वर दयाल अग्रवाल, आयुष राही, राजेंद्र जिंदल, पीसी गुप्ता आदि शामिल हुए।
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अपराजिता मुहिम को सराहते हुए दिया संदेश
पूर्व मेयर मनोज गर्ग ने अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के साथ अन्य जागरुकता कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपराजिता की मुहिम पूरे देश में प्रचलित है। अमर उजाला समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने महिलाओं की समस्त क्षेत्रों में सहभागिता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अनेक अवसरों पर महिला शक्ति आगे आई है। कुछ लोग धन या अन्य वस्तुओं के लालच में महिलाओं का शोषण करते हैं। लड़की होने पर लड़के की इच्छा करते हैं, अन्य विषयों को लेकर अत्याचार करते हैं, इन सभी बातों का त्याग कर महिलाओं के लिए पुरुष समाज को अच्छी सोच रखनी चाहिए।
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