{"_id":"5c533b9ebdec224a3d3fdb15","slug":"171548958622-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा रक्षा में धन से भी करें योगदान - प्रकाश पंत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा रक्षा में धन से भी करें योगदान - प्रकाश पंत
विज्ञापन
प्रकाश पंत
- फोटो : SELF
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
वित्तमंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि गंगा की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। मां गंगा के प्रति समर्पण केवल भाव और भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि धन के आधार पर भी देखा जाना चाहिए। यदि सभी गंगा की रक्षा के लिए धन के रूप में अपना योगदान देंगे तो यह एक महत्वपूर्ण योगदान की श्रेणी में आ जाएगा।
वित्त मंत्री प्रकाश पंत बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा ऋषिकुल सभागार में आयोजित गंगा उत्सव के पुरस्कार वितरण व समापन समारोह को वीडियो मैसेज के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गंगा की रक्षा के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं, लेकिन जनभागीदारी के बिना गंगा को स्वच्छ नहीं किया जा सकता। पंत ने कहा कि सरकार ने गंगा की रक्षा के लिए गंगा क्लीन फंड शुरू किया है, जिसमें कोई भी व्यक्ति पेटीएम, गूगल पे, फोन पे और भीम एप्लीकेशन के माध्यम से पैसे भेजकर गंगा की रक्षा में योगदान कर सकता है। ज्वालापुर के विधायक सुरेश राठौर ने कहा कि हिंदुओं के जीने में भी गंगा है और मरने में भी गंगा है। अंतिम सांस लेते वक्त हर व्यक्ति गंगा जल की दो बूंदों का पान कर मोक्ष की प्राप्ति चाहता है। उन्होंने कहा कि गंगा का प्रदूषण चिंता का विषय है और पॉलिथीन पर रोक लगाकर गंगा की स्वच्छता की ओर एक कदम बढ़ाया जा सकता है। सहकारिता बैंक के प्रदेश अध्यक्ष दान सिंह रावत ने कहा कि गंगा देशवासियों की आस्था का प्रतीक है। देश की 12 हजार करोड़ से अधिक आबादी गंगा के जल पर आश्रित है। उन्होंने कहा कि पॉलिथीन के कारण गो माता की भी मौत हो रही है, इसीलिए गो माता की रक्षा को ध्यान में रखते हुए पॉलिथीन का उपयोग पूर्णत: बंद करना चाहिए। इसके बाद विधायक सुरेश राठौर ने गंगा क्लीन फंड के पोस्टर को लोकार्पण किया। इससे पूर्व छात्राओं द्वारा गंगा पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इस दौरान नमामि गंगे के कार्यक्रम निदेशक उदय राज सिंह, उत्तराखंड पेयजल निगम के परियोजना प्रबंधक राजीव कुमार जैन, अधिशासी अभियंता अजय कुमार, नरेश पाल सिंह, उत्तराखंड पेयजल निगम के श्रमिक नेता चौधरी नरेश बालियान, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रीता चमोली, आशीष झा, अमन सिखौला व शिखर पालीवाल आदि उपस्थित रहे।
इन्हें किया गया सम्मानित
गंगा उत्सव में हुई दौड़ प्रतियोगिता में विनय गौड़ को प्रथम, आशीष सकलानी को द्वितीय, रजत रावत को तृतीय, बालिका वर्ग की दौड़ में निशा को प्रथम और गंगा क्विज में प्रथम स्थान हासिल करने वाले अल्मोड़ा के नयनयश जोशी को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं दौड़ में प्रतिभाग करने पर राष्ट्रीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी नीरजा गोयल को भी सम्मानित किया गया। साथ ही गंगा स्वच्छता और संबंधित कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने पर स्पर्श गंगा, बीइंग भगीरथ, स्वच्छ गंगा अभियान, गंगा सेवादल, शांतिकुंज, शंकर फाउंडेशन, सर्व सेवा संगठन, मां गंगा जागृति सेवा दल, डीआरएस पब्लिक स्कूल, पार्थ सारथी स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर मायापुर, डीएवी पब्लिक स्कूल, मां आनंदमयी सेवा सदन व इमैक संस्था को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
गंगा रक्षा और स्वच्छता की दिलाई शपथ
गंगा उत्सव में सभी स्कूलों के छात्र-छात्राओं और अतिथियों को गंगा की स्वच्छता, रक्षा, पॉलिथीन का उपयोग न करने व खुले में शौच न करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। वहीं लोगों ने गंगा की स्वच्छता के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया।
विज्ञापन
वित्तमंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि गंगा की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। मां गंगा के प्रति समर्पण केवल भाव और भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि धन के आधार पर भी देखा जाना चाहिए। यदि सभी गंगा की रक्षा के लिए धन के रूप में अपना योगदान देंगे तो यह एक महत्वपूर्ण योगदान की श्रेणी में आ जाएगा।
वित्त मंत्री प्रकाश पंत बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा ऋषिकुल सभागार में आयोजित गंगा उत्सव के पुरस्कार वितरण व समापन समारोह को वीडियो मैसेज के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गंगा की रक्षा के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं, लेकिन जनभागीदारी के बिना गंगा को स्वच्छ नहीं किया जा सकता। पंत ने कहा कि सरकार ने गंगा की रक्षा के लिए गंगा क्लीन फंड शुरू किया है, जिसमें कोई भी व्यक्ति पेटीएम, गूगल पे, फोन पे और भीम एप्लीकेशन के माध्यम से पैसे भेजकर गंगा की रक्षा में योगदान कर सकता है। ज्वालापुर के विधायक सुरेश राठौर ने कहा कि हिंदुओं के जीने में भी गंगा है और मरने में भी गंगा है। अंतिम सांस लेते वक्त हर व्यक्ति गंगा जल की दो बूंदों का पान कर मोक्ष की प्राप्ति चाहता है। उन्होंने कहा कि गंगा का प्रदूषण चिंता का विषय है और पॉलिथीन पर रोक लगाकर गंगा की स्वच्छता की ओर एक कदम बढ़ाया जा सकता है। सहकारिता बैंक के प्रदेश अध्यक्ष दान सिंह रावत ने कहा कि गंगा देशवासियों की आस्था का प्रतीक है। देश की 12 हजार करोड़ से अधिक आबादी गंगा के जल पर आश्रित है। उन्होंने कहा कि पॉलिथीन के कारण गो माता की भी मौत हो रही है, इसीलिए गो माता की रक्षा को ध्यान में रखते हुए पॉलिथीन का उपयोग पूर्णत: बंद करना चाहिए। इसके बाद विधायक सुरेश राठौर ने गंगा क्लीन फंड के पोस्टर को लोकार्पण किया। इससे पूर्व छात्राओं द्वारा गंगा पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इस दौरान नमामि गंगे के कार्यक्रम निदेशक उदय राज सिंह, उत्तराखंड पेयजल निगम के परियोजना प्रबंधक राजीव कुमार जैन, अधिशासी अभियंता अजय कुमार, नरेश पाल सिंह, उत्तराखंड पेयजल निगम के श्रमिक नेता चौधरी नरेश बालियान, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रीता चमोली, आशीष झा, अमन सिखौला व शिखर पालीवाल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इन्हें किया गया सम्मानित
गंगा उत्सव में हुई दौड़ प्रतियोगिता में विनय गौड़ को प्रथम, आशीष सकलानी को द्वितीय, रजत रावत को तृतीय, बालिका वर्ग की दौड़ में निशा को प्रथम और गंगा क्विज में प्रथम स्थान हासिल करने वाले अल्मोड़ा के नयनयश जोशी को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं दौड़ में प्रतिभाग करने पर राष्ट्रीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी नीरजा गोयल को भी सम्मानित किया गया। साथ ही गंगा स्वच्छता और संबंधित कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने पर स्पर्श गंगा, बीइंग भगीरथ, स्वच्छ गंगा अभियान, गंगा सेवादल, शांतिकुंज, शंकर फाउंडेशन, सर्व सेवा संगठन, मां गंगा जागृति सेवा दल, डीआरएस पब्लिक स्कूल, पार्थ सारथी स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर मायापुर, डीएवी पब्लिक स्कूल, मां आनंदमयी सेवा सदन व इमैक संस्था को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
गंगा रक्षा और स्वच्छता की दिलाई शपथ
गंगा उत्सव में सभी स्कूलों के छात्र-छात्राओं और अतिथियों को गंगा की स्वच्छता, रक्षा, पॉलिथीन का उपयोग न करने व खुले में शौच न करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की गई। वहीं लोगों ने गंगा की स्वच्छता के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया।