{"_id":"5b8196e542c792463724ef27","slug":"171535219429-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वनकर्मियों ने फूंका आंदोलन का बिगुल, एक सप्ताह का समय किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वनकर्मियों ने फूंका आंदोलन का बिगुल, एक सप्ताह का समय किया
Updated Sat, 25 Aug 2018 11:20 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। वन कर्मचारी संगठनों ने तेंदुए की खाल प्रकरण की जांच एसआईटी या सीबीसीआई से कराने के साथ ही उप प्रभागीय वनाधिकारी का तबादला करने की मांग की। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर एक सप्ताह बाद राजाजी टाइगर रिजर्व और हरिद्वार वन प्रभाग की सभी रेंजो में तालाबंदी कर बेमियादी कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी।
उत्तराखंड वन फील्ड अधिकारी व कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कुलदीप पंवार ने कहा कि गुलदार प्रकरण में भी कर्मचारियों को मोहरा बनाया गया। सहायक वन कर्मचारी संघ के महामंत्री आरआर पैन्यूली ने कहा कि अधिकारियों की जांच और लिए गए बयानों में विरोधाभास है। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से जांच करके कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने एसआईटी या सीबीसीआई से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को सजा दिलाने की मांग उठाई। वन बीट अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष कोठारी ने कहा कि उप प्रभागीय वनाधिकारी को तत्काल प्रभाव से हरिद्वार से हटा देना चाहिए। गुलदार की खाल बरामद होने के प्रकरण में कर्मचारियों को अटैच करने की कार्रवाई भी समाप्त करनी चाहिए।
बैठक में सहायक वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रमोहन कोठारी, प्रमोद ध्यानी, राजेंद्र मोहन नौटियाल, विकास रावत, मायामोहन कंडवाल, राजवीर सिंह, नंदकिशोर पांडे, राकेश चंदेला, महावीर चौहान, भारती पंत, अर्जुन सिंह, अजय कुमार यादव, दाताराम, प्रेवश कुमार, जेएस नौटियाल, सुरेंद्र जोशी, दीनदयाल कुकरेती, अनिल कुमार, सीमा कुकरेती, प्रदीेप कुमार, नरेंद्र पाल सिंह, शराफत अली, अमन सिंह, परमजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
रेंजर ने भी की जांच की मांग
रेंजर अनूप गुसाईं ने कहा कि यदि सील तोड़ने के बाद मांस बदला गया तो उसकी जांच होनी चाहिए। फर्द बरामदगी के वक्त मौके पर शराब की बोतल नहीं थी, लेकिन एक अधिकारी की जांच में शराब की बोतल होने की बात कहां से आई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की रिपोर्ट की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने पर वह हर सजा के लिए तैयार हैं, लेकिन जांच बाहरी संस्था, एसआईटी और सीबीसीआईडी से की जानी चाहिए।
हरिद्वार। वन कर्मचारी संगठनों ने तेंदुए की खाल प्रकरण की जांच एसआईटी या सीबीसीआई से कराने के साथ ही उप प्रभागीय वनाधिकारी का तबादला करने की मांग की। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर एक सप्ताह बाद राजाजी टाइगर रिजर्व और हरिद्वार वन प्रभाग की सभी रेंजो में तालाबंदी कर बेमियादी कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी।
उत्तराखंड वन फील्ड अधिकारी व कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कुलदीप पंवार ने कहा कि गुलदार प्रकरण में भी कर्मचारियों को मोहरा बनाया गया। सहायक वन कर्मचारी संघ के महामंत्री आरआर पैन्यूली ने कहा कि अधिकारियों की जांच और लिए गए बयानों में विरोधाभास है। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से जांच करके कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने एसआईटी या सीबीसीआई से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को सजा दिलाने की मांग उठाई। वन बीट अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष कोठारी ने कहा कि उप प्रभागीय वनाधिकारी को तत्काल प्रभाव से हरिद्वार से हटा देना चाहिए। गुलदार की खाल बरामद होने के प्रकरण में कर्मचारियों को अटैच करने की कार्रवाई भी समाप्त करनी चाहिए।
विज्ञापन
बैठक में सहायक वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्रमोहन कोठारी, प्रमोद ध्यानी, राजेंद्र मोहन नौटियाल, विकास रावत, मायामोहन कंडवाल, राजवीर सिंह, नंदकिशोर पांडे, राकेश चंदेला, महावीर चौहान, भारती पंत, अर्जुन सिंह, अजय कुमार यादव, दाताराम, प्रेवश कुमार, जेएस नौटियाल, सुरेंद्र जोशी, दीनदयाल कुकरेती, अनिल कुमार, सीमा कुकरेती, प्रदीेप कुमार, नरेंद्र पाल सिंह, शराफत अली, अमन सिंह, परमजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
रेंजर ने भी की जांच की मांग
रेंजर अनूप गुसाईं ने कहा कि यदि सील तोड़ने के बाद मांस बदला गया तो उसकी जांच होनी चाहिए। फर्द बरामदगी के वक्त मौके पर शराब की बोतल नहीं थी, लेकिन एक अधिकारी की जांच में शराब की बोतल होने की बात कहां से आई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की रिपोर्ट की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने पर वह हर सजा के लिए तैयार हैं, लेकिन जांच बाहरी संस्था, एसआईटी और सीबीसीआईडी से की जानी चाहिए।