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किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर भाकियू की बनी सहमति
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बराबर मंडियों में बैठे व्यापारी उपज को नहीं खरीद रहे हैं। ऐसे में सरकार को शेष बचे मूल्य की भरपाई करनी होगी। इसके अलावा यूपी में बढ़े बिजली के मूल्य को वापस लेने के साथ उत्तराखंड की तमाम समस्याओं को विस्तार उठाते हुए टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कही।
सोमवार को लालकोठी पर किसान महाकुंभ के दूसरे दिन भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सभी प्रदेशों के किसानों को पंजाब और तेलंगाना की तरह निशुल्क बिजली मिलनी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बिजली की दरें 25 प्रतिशत बढ़ाए जाने का विरोध किया। उन्होंने उत्तराखंड में हो रहे पलायन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विलेज टूरिज्म प्लान पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में होटल अन्य प्रदेश के निवासियों का है और यात्रियों से कमाई भी बाहरी लोग कर रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा के निवासी लोगों के लिए आरक्षण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पहाड़ में सब्जी और फल की खेती करने वाले किसानों के उत्पाद मंडी तक पहुंचाने की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। इस दौरान संगठन को विस्तार करने और मजबूत करने को विस्तार से चर्चा हुई। हरिद्वार जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने बताया कि मंगलवार को रोड़ीबेलवाला मैदान में महासभा होगी। जिसमें मांगों को उठाने के लिए आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। इस मौके पर यूपी के प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान, बलराम सिंह नंबरदार, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र डागर, दिगंगर सिंह, राजू अहलावत, मांगेराम त्यागी, रतन सिंह मान, रवि कुमार, हरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र, जनक सिंह, जावेद तोमर, ओमप्रकाश आदि शामिल हुए।
किसान कुंभ ने रोकी हाईवे की रफ्तार
पहले से ही दम फूला रहे हरकी पैड़ी बाईपास पर सोमवार को किसान कुंभ ने रही सही कसर पूरी कर दी। किसानों के हाईवे पर आवागमन के दौरान जाम लगता रहा। वाहन रेंग रेंग कर निकले। इधर, किसी किसान के दुर्घटनाग्रस्त होने के अंदेशे को लेकर पुलिस भी बेहद चौकन्नी रही क्योंकि यदि ऐसा होता तो बवाल होना तय था।
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सोमवार को किसान कुंभ में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में बाहरी प्रदेशों से किसान हरिद्वार पहुंचे। किसानों की भीड़ की वजह से हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। किसानों का जमावड़ा वीआईपी घाट, भीमगोड़ा बैराज, लाल कोठी पर लगा हुआ है। किसानों को कई बार हाईवे पर पार करना पड़ा। किसानों की भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने सुबह नौ बजे के बाद डायवर्जन व्यवस्था लागू की और हरिद्वार आ रहे वाहनों को वॉया लक्सर डायवर्ट कर दिया। पहले ही तरह हल्के वाहन बैरागी कैंप पहुंचते रहे। यहां से ही ऋषिकेश देहरादून के लिए रवाना होते रहे। वहीं दोपहर बारह बजे तक चीला मार्ग का इस्तेमाल ऋषिकेश देहरादून से आ रहे हल्के वाहन के लिए किया गया। यातायात निरीक्षक हितेश कुमार का कहना था कि किसानों की भीड़ के चलते कुछ देर दिक्कतें आई, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
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भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बराबर मंडियों में बैठे व्यापारी उपज को नहीं खरीद रहे हैं। ऐसे में सरकार को शेष बचे मूल्य की भरपाई करनी होगी। इसके अलावा यूपी में बढ़े बिजली के मूल्य को वापस लेने के साथ उत्तराखंड की तमाम समस्याओं को विस्तार उठाते हुए टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कही।
सोमवार को लालकोठी पर किसान महाकुंभ के दूसरे दिन भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सभी प्रदेशों के किसानों को पंजाब और तेलंगाना की तरह निशुल्क बिजली मिलनी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बिजली की दरें 25 प्रतिशत बढ़ाए जाने का विरोध किया। उन्होंने उत्तराखंड में हो रहे पलायन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विलेज टूरिज्म प्लान पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में होटल अन्य प्रदेश के निवासियों का है और यात्रियों से कमाई भी बाहरी लोग कर रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा के निवासी लोगों के लिए आरक्षण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पहाड़ में सब्जी और फल की खेती करने वाले किसानों के उत्पाद मंडी तक पहुंचाने की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। इस दौरान संगठन को विस्तार करने और मजबूत करने को विस्तार से चर्चा हुई। हरिद्वार जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने बताया कि मंगलवार को रोड़ीबेलवाला मैदान में महासभा होगी। जिसमें मांगों को उठाने के लिए आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। इस मौके पर यूपी के प्रदेश अध्यक्ष राजबीर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान, बलराम सिंह नंबरदार, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र डागर, दिगंगर सिंह, राजू अहलावत, मांगेराम त्यागी, रतन सिंह मान, रवि कुमार, हरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र, जनक सिंह, जावेद तोमर, ओमप्रकाश आदि शामिल हुए।
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किसान कुंभ ने रोकी हाईवे की रफ्तार
पहले से ही दम फूला रहे हरकी पैड़ी बाईपास पर सोमवार को किसान कुंभ ने रही सही कसर पूरी कर दी। किसानों के हाईवे पर आवागमन के दौरान जाम लगता रहा। वाहन रेंग रेंग कर निकले। इधर, किसी किसान के दुर्घटनाग्रस्त होने के अंदेशे को लेकर पुलिस भी बेहद चौकन्नी रही क्योंकि यदि ऐसा होता तो बवाल होना तय था।
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सोमवार को किसान कुंभ में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में बाहरी प्रदेशों से किसान हरिद्वार पहुंचे। किसानों की भीड़ की वजह से हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। किसानों का जमावड़ा वीआईपी घाट, भीमगोड़ा बैराज, लाल कोठी पर लगा हुआ है। किसानों को कई बार हाईवे पर पार करना पड़ा। किसानों की भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने सुबह नौ बजे के बाद डायवर्जन व्यवस्था लागू की और हरिद्वार आ रहे वाहनों को वॉया लक्सर डायवर्ट कर दिया। पहले ही तरह हल्के वाहन बैरागी कैंप पहुंचते रहे। यहां से ही ऋषिकेश देहरादून के लिए रवाना होते रहे। वहीं दोपहर बारह बजे तक चीला मार्ग का इस्तेमाल ऋषिकेश देहरादून से आ रहे हल्के वाहन के लिए किया गया। यातायात निरीक्षक हितेश कुमार का कहना था कि किसानों की भीड़ के चलते कुछ देर दिक्कतें आई, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।