{"_id":"5d0141edbdec220732264cfd","slug":"156036349110-haridwar-news180","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रै फक का नया प्लान कर गया काम, नहीं लगा जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रै फक का नया प्लान कर गया काम, नहीं लगा जाम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार। सोमवती अमावस्या पर शहर में लगे भारी जाम से सबक लेकर पुलिस ने जो नया ट्रैफिक प्लान तैयार किया था, वह कारगर रहा। गंगा दशहरा पर बुधवार को शहर में जाम नहीं लगा। सुबह कुछ देर के लिए वाहन हाईवे पर फंसे जरूर, लेकिन इसके बाद दिन भर राहत रही। पुलिस अधिकारियों के साथ ही स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने भी चैन की सांस ली।
धर्मनगरी में सोमवती अमावस्या के रोज इतना भारी जाम लगा था कि सरकार भी हिल गई थी। हरिद्वार के साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में लगे जाम को लेकर मुख्य सचिव ने विशेष बैठक भी बुलाई थी। गंगा दशहरा फिर निर्जला एकादशी और उसके बाद वीकेंड, इसे देखते हुए पुलिस ने नया ट्रैफिक प्लान तैयार किया था। प्लान के मुताबिक दिल्ली से आने वाले वाहनों को हरिद्वार शहर में नहीं जाने दिया गया। उन्हें मेरठ, मुजफ्फरनगर से बिजनौर के रास्ते आगे निकाल दिया गया। इसका नतीजा यह रहा कि सोमवती अमावस्या पर जहां हरिद्वार की सड़कों पर पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं थी, वहीं गंगा दशहरे पर हाईवे पूरी तरह खाली रहा।
सुबह कुछ देर के लिए शंकराचार्य चौक और हर की पैड़ी के सामने पुल का निर्माण होने के चलते जाम जरूर लगा, लेकिन पुलिस कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए खुलवा दिया। शहर के भीतर भी हालात सामान्य रहे। हालांकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए खुद आईजी अजय रौतेला, डीएम दीपक रावत और एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी कमान संभाले हुए थे। जाम न लगने पर सभी ने राहत की सांस ली। डीएम दीपक रावत और एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी ने इसे बेहतर टीम वर्क का नतीजा बताया।
विज्ञापन
कालोनियों के बाहर लगाए रस्से, लोग हुए परेशान
गंगा दशहरे पर जाम न लगे, इसे लेकर पुलिस प्रशासन पर दबाव इस कदर था कि ज्वालापुर तक की कालोनियों के बाहर रस्से डालकर रास्ता बंद कर दिया गया। इस वजह से कई कालोनियों के निवासियों को अपने दोपहिया और चौपहिया के साथ दूसरी गलियों से भटककर घर पहुंचना पड़ा। भगत सिंह चौक पर शिवलोक कालोनी और भभूतावाला बाग के रहने वाले कई लोग पुलिसकर्मियों को समझाते रहे कि उनका घर बगल वाली गली में ही है और जाम भी नहीं लगा है, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें भेल की तरफ से ही आने दिया। कई लोगों को तो ललतारौ पुल तक का चक्कर काटना पड़ा । राजीव कुमार ने बताया कि बार-बार समझाने पर भी पुलिसकर्मी नहीं माने।
विज्ञापन
धर्मनगरी में सोमवती अमावस्या के रोज इतना भारी जाम लगा था कि सरकार भी हिल गई थी। हरिद्वार के साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में लगे जाम को लेकर मुख्य सचिव ने विशेष बैठक भी बुलाई थी। गंगा दशहरा फिर निर्जला एकादशी और उसके बाद वीकेंड, इसे देखते हुए पुलिस ने नया ट्रैफिक प्लान तैयार किया था। प्लान के मुताबिक दिल्ली से आने वाले वाहनों को हरिद्वार शहर में नहीं जाने दिया गया। उन्हें मेरठ, मुजफ्फरनगर से बिजनौर के रास्ते आगे निकाल दिया गया। इसका नतीजा यह रहा कि सोमवती अमावस्या पर जहां हरिद्वार की सड़कों पर पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं थी, वहीं गंगा दशहरे पर हाईवे पूरी तरह खाली रहा।
विज्ञापन
सुबह कुछ देर के लिए शंकराचार्य चौक और हर की पैड़ी के सामने पुल का निर्माण होने के चलते जाम जरूर लगा, लेकिन पुलिस कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए खुलवा दिया। शहर के भीतर भी हालात सामान्य रहे। हालांकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए खुद आईजी अजय रौतेला, डीएम दीपक रावत और एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी कमान संभाले हुए थे। जाम न लगने पर सभी ने राहत की सांस ली। डीएम दीपक रावत और एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी ने इसे बेहतर टीम वर्क का नतीजा बताया।
विज्ञापन
कालोनियों के बाहर लगाए रस्से, लोग हुए परेशान
गंगा दशहरे पर जाम न लगे, इसे लेकर पुलिस प्रशासन पर दबाव इस कदर था कि ज्वालापुर तक की कालोनियों के बाहर रस्से डालकर रास्ता बंद कर दिया गया। इस वजह से कई कालोनियों के निवासियों को अपने दोपहिया और चौपहिया के साथ दूसरी गलियों से भटककर घर पहुंचना पड़ा। भगत सिंह चौक पर शिवलोक कालोनी और भभूतावाला बाग के रहने वाले कई लोग पुलिसकर्मियों को समझाते रहे कि उनका घर बगल वाली गली में ही है और जाम भी नहीं लगा है, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें भेल की तरफ से ही आने दिया। कई लोगों को तो ललतारौ पुल तक का चक्कर काटना पड़ा । राजीव कुमार ने बताया कि बार-बार समझाने पर भी पुलिसकर्मी नहीं माने।