Uttarakhand Lockdown: हरिद्वार कुंभ मेला 2021 के 150 करोड़ के काम ठप
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कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बाद कुंभ के लगभग 150 करोड़ रुपये लागत के स्थायी निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। कोरोना से पहले निर्माण सामग्री नहीं मिलने के कारण कुंभ मेला कार्य प्रभावित हुए थे।
प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के लगभग 70 करोड़ रुपये लागत के कार्य कोरोना के चलते बंद हैं। इसी प्रकार लगभग सिंचाई विभाग के भी 70 से 80 करोड़ रुपये लागत के काम ठप हैं और कुछ काम तो शुरू नहीं हो पाए हैं। कुंभ मेला के स्थायी निर्माण कार्य पूर्ण करने की अवधि 31 अक्तूबर निर्धारित है।
पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग के अधिकारी मानते हैं कि कोरोना वायरस को लेकर सरकार 31 मार्च के बाद भी लॉक डाउन की अवधि बढ़ाती है तो फिर 31 अक्तूबर का लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी के पांच निर्माणाधीन पुलों और बहादराबाद में डबललेन सड़क निर्माण का काम बंद है।
बैरागी कैंप में चार और धनौरी में एक पुल का निर्माण बंद है। बीएचईएल, भेल मध्य मार्ग पर फोरलेन और डबललेन पुल का निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी धरी रह गई है। खड़खड़ी में काजवे का निर्माण भी शुरू नहीं हो पाया है।
कोरोना से कुंभ मेला की सभी तैयारियां बुरी तरह से प्रभावित
सिंचाई विभाग का निर्माणाधीन कुंभ योजना के तीन स्नान घाटों का काम ठप है और हरकी पैड़ी के अपस्ट्रीम कांगड़ा घाट और गंगा नदी के किनारे आस्था पथ का निर्माण कार्य शुरू करने का तामझाम धरा रह गया है। कांवड़ पटरी मार्ग के दोहरीकरण का काम भी ठप है। कोरोना से कुंभ मेला की सभी तैयारियां बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं।
काफी समय तक स्टोन क्रशरों की हड़ताल से निर्माण सामग्री नहीं मिलने से निर्माण कार्य प्रभावित रहे थे। निर्माण सामग्री की समस्या दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने रवासन नदी को खोल दिया था, लेकिन कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार के लॉक डाउन से चल रहे लगभग 70 करोड़ के निर्माण कार्य जहां के तहां थम गए हैं। यदि 31 मार्च के बाद भी लॉक डाउन बढ़ाया जाता है तो फिर कुंभ का लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल हो जाएगा।
- दीपक कुमार अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी