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प्लेज की फसलों में लगा वैक्टीरल विल्ट का रोम, पीली हो गई फसलें

Thu, 17 May 2018 10:24 PM IST
Updated Thu, 17 May 2018 10:24 PM IST
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प्लेज की फसलों में लगा वैक्टीरल विल्ट का रोम, पीली हो गई फसलें

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अमर उजाला ब्यूरो
धनौरी।
तरबूज, खरबूजा, लौकी एवं खीरा की फसल के वैक्टीरल विल्ट रोग की चपेट में आने से लोगों के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई है।
धनौरी क्षेत्र के दर्जनों गांवों की प्लेजों एवं खेतों में कद्दूवर्गीय फसलों में वैक्टीरल विल्ट नामक रोग लगने से सब्जियां सूख रही हैं। क्षेत्र के गांव जसवावाला, तेलीवाला, कोटा मुरादनगर, औरंगाबाद, हजारा ग्रंट आदि गांव के कई लोग कद्दुवर्गीय फसलों के सीजन के समय नदियों मे प्लेज बनाकर फसल उगाते हैं। कुछ लोग अपने खेतों पर ही कद्दूवर्गीय फसलों का उत्पादन करते है, लेकिन वैक्टीरल विल्ट रोग के कारण किसानों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। किसान मुकेश, सुखपाल, विनोद, बिरम सिंह और इसम कुमार का कहना है कि पहले से ही जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है, वहीं अब फसलों में बढ़ती बीमारी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. वाईपी सिंह ने बताया कि किसान जानकारी के अभाव में उल्टी सीधी दवाइयों का छिड़काव कर देते हैं। इससे लाभ होने के बजाय नुकसान हो जाता है। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि कद्दूवर्गीय फसलों में कई बार एक या दो पत्ती वाली अवस्था में इस रोग का प्रकोप होता है। इस प्रकोप के बचाव के लिए किसान क्लोरोफास दवाई का दो मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर फसल पर छिड़काव कर सब्जियों में लगने वाले रोग पर नियंत्रण कर सकते हैं।
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