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अक्षय तृतीया की रौनक पर छाई कैशलैस की मायूसी
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:00 AM IST
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हरिद्वार।
रिजर्व बैंक से समुचित मात्रा में नकदी उपलब्ध न होने का असर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार को सामान्य बाजार के अलावा अक्षय तृतीया पर्व ज्यादा खरीददारी की उम्मीद कर रहे सर्राफा बाजार पर भी नकदी के संकट का असर साफ दिखाई दिया। सर्राफा कारोबारियों की माने तो उम्मीद से आधा भी कारोबार नहीं हुआ। वहीं दूसरी ओर पर्यटक और स्थानीय लोग पैसों के लिए एटीएम के चक्कर काटते रहे। शहर में कुछ एटीएम में पैसे उपलब्ध थे लेकिन अधिकतर खाली ही नजर आए।
पैसा न होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को अक्षय तृतीया पर्व पर ज्वालापुर, चंद्राचार्य और कनखल के सर्राफा कारोबारी भारी भरकम कारोबार की उम्मीद लगाए बैठे थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गुप्ता ज्वैलर्स के मालिक नीरज गुप्ता की माने तो सोने और हीरे के कारोबार में अच्छी खासी बिक्री होने की उम्मीद थी, लेकिन आमजन में उत्साह नजर नहीं आया। उम्मीद के अनुरूप आधे से भी कम कारोबार हुआ। उसमें भी अधिकतर खरीददारी प्लास्टिक मनी से हो सकी। श्री बालाजी ज्वैलर्स के संचालक अतुल गर्ग का भी ऐसा ही मानना है। उन्होंने बताया कि अधिकतर लोगों ने डेबिट, क्रेडिट कार्ड आदि के माध्यम से खरीददारी की। तनिष्क शोरूम के संचालक तरुण जगवानी ने बताया कि दोपहर की बजाय शाम को बाजार कुछ चमका। उम्मीद के अनुरूप कारोबार नहीं हुआ लेकिन फिर भी संतोषजनक रहा। कुल कितना कारोबार रहा इस बारे तो व्यापारी बोलने को तैयार नहीं है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि पिछले साल अक्षय तृतीया पर पांच करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ था लेकिन इस बार यह आधी रकम के आस पास ही सिमट गया।
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हरकी पैड़ी क्षेत्र में कैश के लिए भटकते रहे यात्री
हरिद्वार। शहर के लगभग सौ एटीएम पूरी तरह से खाली चल रहे हैं। रानीपुर मोड़ क्षेत्र जिसे एटीएम का हब माना जाता है। वहां अधिकतर एटीएम नौ कैश थे। लोग कभी पीएनबी, तो कभी स्टेट बैंक से लेकर अन्य बैंकों के एटीएम के चक्कर लगाते रहे। बड़े बैंकों के एटीएम ने तो लोगों को निराश ही किया जबकि कुछ प्राईवेट बैंकों के एटीएम में पैसा उपलब्ध होने के कारण राहत मिली। ज्वालापुर निवासी देवेंद्र कुमार ने बताय कि करीब 25 एटीएम चेक किए लेकिन निराश ही लौटना पड़ा। बाद में एक निजी बैंक के एटीएम से पांच हजार रुपये निकाले। आवास विकास निवासी राजेश शर्मा, गुलाब सिंह ने भी कैश की किल्लत होने की बात बताई।
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उद्योग नगरी के पास भी बुरा हाल
हरिद्वार। सिडकुल एवं आस पास के सटे क्षेत्रों में पब्लिक परेशान रही। शिवालिक नगर में भी एटीएम खाली पड़े रहे। आमजन बेहद ही परेशान होते रहे। सिडकुल के कर्मचारी भी यहां वहां दौड़ते रहे। जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि कैश की किल्लत को देखते हुए एलडीएम को पूरी स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लगातार पत्राचार कर रिजर्व बैंक से कैश की उपलब्धता कराने को कहा गया है।
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एटीएम में कैश लोड करने की पूर्वीवर्ती व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए। बैंक कर्मचारी कैश के फ्लो को लेकर अलर्ट रहते थे और पूरा दिन ड्यूटी करने के बावजूद भी एटीएम में कैश लोड करते थे। बैंककर्मी अपनी जिम्मेदारी को समझते थे लेकिन इस व्यवस्था का निजीकरण होने के चलते ही आमजन दिक्कत उठा रहे हैं। आमजन बैंक शाखा में पहुंचकर बैंककर्मियों के समक्ष सेवा में कमी होने का मुद्दा उठाते हैं।
-राजकुमार सक्सेना, प्रदेश उप सचिव, उत्तराखंड बैंक इंपलाइज यूनियन
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पंचपुरी में श्रद्धापूर्वक मनाई गई अक्षय तृतीया
हरिद्वार। सिद्ध योग में पड़ा अक्षय तृतीया का पावन सिद्ध पर्व पंचपुरी में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। घर-घर लक्ष्मी नारायण की पूजा हुई। श्रद्धालुओं ने पावन पर्व के अवसर पर अनेक प्रकार की वस्तुओं का दान दिया। लक्ष्मी नारायण और सत्य नारायण के मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही।
यह पर्व नारायण के अवतरण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। जितने भी मंदिरों में लक्ष्मी नारायण विद्यमान हैं, उन सभी में पूजा अर्चना की गई। मंदिर दर्शन के लिए सायंकाल नगरवासी मंदिरों में पहुंचे। हरिद्वार के सत्य नारायण मंदिरों में तीन पहर की आरती उतारी गई। भगवान विष्णु के साथ-साथ अन्य त्रिदेवों की भी पूजा हुई। बाजारों में सोनी, चांदी के खरीद के साथ-साथ श्रद्धालुओं ने अन्य वस्तुएं भी खरीदी। लघु भोजों का आयोजन भी कई स्थानों पर किया गया।
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रिजर्व बैंक से समुचित मात्रा में नकदी उपलब्ध न होने का असर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार को सामान्य बाजार के अलावा अक्षय तृतीया पर्व ज्यादा खरीददारी की उम्मीद कर रहे सर्राफा बाजार पर भी नकदी के संकट का असर साफ दिखाई दिया। सर्राफा कारोबारियों की माने तो उम्मीद से आधा भी कारोबार नहीं हुआ। वहीं दूसरी ओर पर्यटक और स्थानीय लोग पैसों के लिए एटीएम के चक्कर काटते रहे। शहर में कुछ एटीएम में पैसे उपलब्ध थे लेकिन अधिकतर खाली ही नजर आए।
पैसा न होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को अक्षय तृतीया पर्व पर ज्वालापुर, चंद्राचार्य और कनखल के सर्राफा कारोबारी भारी भरकम कारोबार की उम्मीद लगाए बैठे थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गुप्ता ज्वैलर्स के मालिक नीरज गुप्ता की माने तो सोने और हीरे के कारोबार में अच्छी खासी बिक्री होने की उम्मीद थी, लेकिन आमजन में उत्साह नजर नहीं आया। उम्मीद के अनुरूप आधे से भी कम कारोबार हुआ। उसमें भी अधिकतर खरीददारी प्लास्टिक मनी से हो सकी। श्री बालाजी ज्वैलर्स के संचालक अतुल गर्ग का भी ऐसा ही मानना है। उन्होंने बताया कि अधिकतर लोगों ने डेबिट, क्रेडिट कार्ड आदि के माध्यम से खरीददारी की। तनिष्क शोरूम के संचालक तरुण जगवानी ने बताया कि दोपहर की बजाय शाम को बाजार कुछ चमका। उम्मीद के अनुरूप कारोबार नहीं हुआ लेकिन फिर भी संतोषजनक रहा। कुल कितना कारोबार रहा इस बारे तो व्यापारी बोलने को तैयार नहीं है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि पिछले साल अक्षय तृतीया पर पांच करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ था लेकिन इस बार यह आधी रकम के आस पास ही सिमट गया।
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हरकी पैड़ी क्षेत्र में कैश के लिए भटकते रहे यात्री
हरिद्वार। शहर के लगभग सौ एटीएम पूरी तरह से खाली चल रहे हैं। रानीपुर मोड़ क्षेत्र जिसे एटीएम का हब माना जाता है। वहां अधिकतर एटीएम नौ कैश थे। लोग कभी पीएनबी, तो कभी स्टेट बैंक से लेकर अन्य बैंकों के एटीएम के चक्कर लगाते रहे। बड़े बैंकों के एटीएम ने तो लोगों को निराश ही किया जबकि कुछ प्राईवेट बैंकों के एटीएम में पैसा उपलब्ध होने के कारण राहत मिली। ज्वालापुर निवासी देवेंद्र कुमार ने बताय कि करीब 25 एटीएम चेक किए लेकिन निराश ही लौटना पड़ा। बाद में एक निजी बैंक के एटीएम से पांच हजार रुपये निकाले। आवास विकास निवासी राजेश शर्मा, गुलाब सिंह ने भी कैश की किल्लत होने की बात बताई।
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उद्योग नगरी के पास भी बुरा हाल
हरिद्वार। सिडकुल एवं आस पास के सटे क्षेत्रों में पब्लिक परेशान रही। शिवालिक नगर में भी एटीएम खाली पड़े रहे। आमजन बेहद ही परेशान होते रहे। सिडकुल के कर्मचारी भी यहां वहां दौड़ते रहे। जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि कैश की किल्लत को देखते हुए एलडीएम को पूरी स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लगातार पत्राचार कर रिजर्व बैंक से कैश की उपलब्धता कराने को कहा गया है।
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एटीएम में कैश लोड करने की पूर्वीवर्ती व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए। बैंक कर्मचारी कैश के फ्लो को लेकर अलर्ट रहते थे और पूरा दिन ड्यूटी करने के बावजूद भी एटीएम में कैश लोड करते थे। बैंककर्मी अपनी जिम्मेदारी को समझते थे लेकिन इस व्यवस्था का निजीकरण होने के चलते ही आमजन दिक्कत उठा रहे हैं। आमजन बैंक शाखा में पहुंचकर बैंककर्मियों के समक्ष सेवा में कमी होने का मुद्दा उठाते हैं।
-राजकुमार सक्सेना, प्रदेश उप सचिव, उत्तराखंड बैंक इंपलाइज यूनियन
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पंचपुरी में श्रद्धापूर्वक मनाई गई अक्षय तृतीया
हरिद्वार। सिद्ध योग में पड़ा अक्षय तृतीया का पावन सिद्ध पर्व पंचपुरी में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। घर-घर लक्ष्मी नारायण की पूजा हुई। श्रद्धालुओं ने पावन पर्व के अवसर पर अनेक प्रकार की वस्तुओं का दान दिया। लक्ष्मी नारायण और सत्य नारायण के मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही।
यह पर्व नारायण के अवतरण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। जितने भी मंदिरों में लक्ष्मी नारायण विद्यमान हैं, उन सभी में पूजा अर्चना की गई। मंदिर दर्शन के लिए सायंकाल नगरवासी मंदिरों में पहुंचे। हरिद्वार के सत्य नारायण मंदिरों में तीन पहर की आरती उतारी गई। भगवान विष्णु के साथ-साथ अन्य त्रिदेवों की भी पूजा हुई। बाजारों में सोनी, चांदी के खरीद के साथ-साथ श्रद्धालुओं ने अन्य वस्तुएं भी खरीदी। लघु भोजों का आयोजन भी कई स्थानों पर किया गया।