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अखाडा परिषद के अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर संत नाराज
Updated Tue, 08 May 2018 11:57 PM IST
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हरिद्वार।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज पर मुकदमा दर्ज करने से संतों ने नाराजगी जताई है। संतों ने तुरंत मुकदमा वापस लेने की मांग की है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने कहा कि रामानंद इंस्टीट्यूट निरंजनी अखाडे़ की संपत्ति है और कुछ भूमाफिया अखाडे़ की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के इरादे से काम कर रहे हैं। यही कारण है कि उन्होंने अखाडे़ के पूर्व सचिव और महंत रामानंद पुरी के कंधे पर बंदूक रखकर अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी के खिलाफ ज्वालापुर कोतवाली में झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद देशभर के संतों का प्रतिनिधित्व करती है और इस संस्था के अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले पुलिस को प्राथमिक स्तर पर जांच करनी चाहिए थी लेकिन पुलिस की सीधी कार्रवाई ये बताती है कि पुलिस भी भू माफिया के दबाव में काम कर रही है। संत समाज इसका कड़ा विरोध करता है और पूरी तरीके से अपने अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी के साथ खड़ा है। श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने बताया कि हाल ही में इलाहाबाद में महंत रामानंद पुरी के अपहरण की रिपोर्ट इलाहाबाद में दर्ज कराई गई थी। जिन लोगों के खिलाफ इलाहाबाद में मुकदमा दर्ज हुआ था उन्होंने ही षड्यंत्र रचकर मेरे खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। झूठे मुकदमे करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे भूमाफिया को बेनकाब किया जाएगा जो अखाड़ों की संपत्तियों पर कब्जा कर उन्हें खुर्द-बुर्द करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि एसएसपी हरिद्वार अपने स्तर से मुकदमे की जांच करें और सही तथ्यों का पता लगाकर इस षड्यंत्र के पीछे जो लोग हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि अखाड़ा परिषद संतों की सर्वोत्तम संस्था है और संस्था अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभा रही है। हाल ही में फर्जी संतों के खिलाफ कार्रवाई से भी धर्मविरोधी तत्व नाराज थे और ऐसा लगता है कि सनातन परंपरा के इन विरोधियों ने ही महंत नरेंद्र गिरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दक्षिण काली पीठाधीश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने भी अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि एसएसपी को खुद पूरे मामले की जांच कर दूध का दूध पानी का पानी करना चाहिए। पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा करने वालों में निर्मल अखाडे़ के सचिव महंत बलवंत सिंह, स्वामी कपिल मुनि, स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी हरिचेतनानंद, महंत प्रेम दास, महंत मोहन सिंह, स्वामी ऋषिराम किशन, स्वामी चिदविलासानंद, स्वामी जगदीशानंद गिरी, स्वामी नित्यानंद, महंत साधनानंद, महंत विनोद गिरी महाराज, मुखिया महंत भगतराम महाराज, महंत रुपेंद्र प्रकाश, महंत विनोद महाराज, महंत सत्यव्रतानंद, स्वामी प्रबोधानंद आदि शामिल हैं।
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संस्थान की बेहतरी के लिए करेंगे काम
हरिद्वार। महंत रामानंद पुरी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपी बनाए गए निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि मुकदमा दर्ज किए जाने से शिक्षण संस्थान को बचाने के प्रयास प्रभावित नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि महंत रामानंद पुरी को माध्यम बनाकर कुछ लोग रामनांद इंस्टीट्यूट और संपत्ति को कब्जाना चाहते हैं। उनके इरादे सफल नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे हर जांच के लिए तैयार हैं।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज पर मुकदमा दर्ज करने से संतों ने नाराजगी जताई है। संतों ने तुरंत मुकदमा वापस लेने की मांग की है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने कहा कि रामानंद इंस्टीट्यूट निरंजनी अखाडे़ की संपत्ति है और कुछ भूमाफिया अखाडे़ की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के इरादे से काम कर रहे हैं। यही कारण है कि उन्होंने अखाडे़ के पूर्व सचिव और महंत रामानंद पुरी के कंधे पर बंदूक रखकर अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी के खिलाफ ज्वालापुर कोतवाली में झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद देशभर के संतों का प्रतिनिधित्व करती है और इस संस्था के अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले पुलिस को प्राथमिक स्तर पर जांच करनी चाहिए थी लेकिन पुलिस की सीधी कार्रवाई ये बताती है कि पुलिस भी भू माफिया के दबाव में काम कर रही है। संत समाज इसका कड़ा विरोध करता है और पूरी तरीके से अपने अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी के साथ खड़ा है। श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने बताया कि हाल ही में इलाहाबाद में महंत रामानंद पुरी के अपहरण की रिपोर्ट इलाहाबाद में दर्ज कराई गई थी। जिन लोगों के खिलाफ इलाहाबाद में मुकदमा दर्ज हुआ था उन्होंने ही षड्यंत्र रचकर मेरे खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। झूठे मुकदमे करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे भूमाफिया को बेनकाब किया जाएगा जो अखाड़ों की संपत्तियों पर कब्जा कर उन्हें खुर्द-बुर्द करना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि एसएसपी हरिद्वार अपने स्तर से मुकदमे की जांच करें और सही तथ्यों का पता लगाकर इस षड्यंत्र के पीछे जो लोग हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
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भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि अखाड़ा परिषद संतों की सर्वोत्तम संस्था है और संस्था अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभा रही है। हाल ही में फर्जी संतों के खिलाफ कार्रवाई से भी धर्मविरोधी तत्व नाराज थे और ऐसा लगता है कि सनातन परंपरा के इन विरोधियों ने ही महंत नरेंद्र गिरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दक्षिण काली पीठाधीश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने भी अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि एसएसपी को खुद पूरे मामले की जांच कर दूध का दूध पानी का पानी करना चाहिए। पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा करने वालों में निर्मल अखाडे़ के सचिव महंत बलवंत सिंह, स्वामी कपिल मुनि, स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी हरिचेतनानंद, महंत प्रेम दास, महंत मोहन सिंह, स्वामी ऋषिराम किशन, स्वामी चिदविलासानंद, स्वामी जगदीशानंद गिरी, स्वामी नित्यानंद, महंत साधनानंद, महंत विनोद गिरी महाराज, मुखिया महंत भगतराम महाराज, महंत रुपेंद्र प्रकाश, महंत विनोद महाराज, महंत सत्यव्रतानंद, स्वामी प्रबोधानंद आदि शामिल हैं।
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हरिद्वार। महंत रामानंद पुरी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपी बनाए गए निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि मुकदमा दर्ज किए जाने से शिक्षण संस्थान को बचाने के प्रयास प्रभावित नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि महंत रामानंद पुरी को माध्यम बनाकर कुछ लोग रामनांद इंस्टीट्यूट और संपत्ति को कब्जाना चाहते हैं। उनके इरादे सफल नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे हर जांच के लिए तैयार हैं।