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पहले बेचने में तो अब भुगतान लेने को बहाना पड़ रहा पसीना
Updated Tue, 15 May 2018 10:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पथरी।
पहले किसानों को सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर अनाज बेचने में परेशानी उठानी पड़ी है। अब उन्हें अनाज का भुगतान नहीं मिलने से पसीना छूट रहा है। पिछले दो दिन से सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर अनाज की खरीदारी बंद करने से किसानों में रोष है। इस बार खरीद केंद्र से अनाज बेचने पर किसानों को नगद व चेक के बजाय तोल पर्ची मिली है।
पिछले कई वर्षों से सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर अनाज बेचने पर किसानों को भुगतान के लिए चेक दिया जाता था। गांव रानीमाजरा में सरकारी गेहूं खरीद केंद्र स्थापित किया गया है। इस अनाज केंद्र से करीब बीस गांवों के किसान जुड़े हुए हैं। रानीमाजरा के मलग्गर सिंह, कुलदीप सिंह, कामेश सैनी, शेरपुर के लोकेश, नई कुंडी के आशाराम, नसीरपुरकलां के इरफान, धनपुरा के अफजाल, महतौली के चतरपाल, भुवापुर चमरावल के इंद्रेश सैनी आदि का कहना है कि सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर अनाज बेचा है। इसके बदले नगद व चेक के बजाय तोल पर्ची मिली है। अब वह भुगतान के लिए खरीद केंद्र के चक्कर काटने पर मजबूर हैं। दूसरी ओर सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर तैनात प्रभारी नीरज कुमार का कहना है कि बारदाना खत्म हो गया है। बारदाना आने पर अनाज की खरीदारी की जाएगी।
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