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आबकारी विभाग की राजधानी बना हरिद्वार
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हरिद्वार। भगवानपुर क्षेत्र के कई गांवों में जहरीली शराब के कारण मौत के तांडव के बाद नींद से जागे आबकारी विभाग के आला अधिकारियों ने राजधानी छोड़कर हरिद्वार में डेरा डाल दिया है। अपर आबकारी आयुक्त समेत कई अधिकारी अगले आदेश तक हरिद्वार में ही मौजूद रहेंगे। दिनभर विभाग की ओर से अलग-अलग टीमें बनाकर शहर से देहात तक छापेमारी की जाती रही। जहरीली शराब कांड के जिम्मेदार लोगों की धरपकड़ के लिए यूपी के अधिकारियों के साथ मिलकर भी कार्रवाई जारी है।
जहरीली शराब पीने से जिले भगवानपुर तहसील में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत होने के बाद चारों ओर से घिरे आबकारी विभाग के अधिकारियों को सरकार की नाराजगी भी झेलनी पड़ी। फलस्वरूप अधिकारी अगले आदेश तक हरिद्वार पहुंच गए हैं। इनमें अपर आबकारी आयुक्त पीएस गर्ब्याल, गढ़वाल के संयुक्त आबकारी आयुक्त बीएस चौहान, हरिद्वार और देहरादून के उपायुक्त रमेश चौहान के साथ-साथ मोबाइल दस्तों के अधिकारी भी हरिद्वार में हैं। अपर आयुक्त पीएस गर्ब्याल ने बताया कि अलग-अलग टीमें बनाकर छापेमारी की जा रही है। शराब माफिया का तंत्र तोड़ने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग के साथ ही यूपी से सटे क्षेत्रों में वहां के अधिकारियों से भी मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में कच्ची शराब बनती है, उन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
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जहरीली शराब पीने से जिले भगवानपुर तहसील में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत होने के बाद चारों ओर से घिरे आबकारी विभाग के अधिकारियों को सरकार की नाराजगी भी झेलनी पड़ी। फलस्वरूप अधिकारी अगले आदेश तक हरिद्वार पहुंच गए हैं। इनमें अपर आबकारी आयुक्त पीएस गर्ब्याल, गढ़वाल के संयुक्त आबकारी आयुक्त बीएस चौहान, हरिद्वार और देहरादून के उपायुक्त रमेश चौहान के साथ-साथ मोबाइल दस्तों के अधिकारी भी हरिद्वार में हैं। अपर आयुक्त पीएस गर्ब्याल ने बताया कि अलग-अलग टीमें बनाकर छापेमारी की जा रही है। शराब माफिया का तंत्र तोड़ने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग के साथ ही यूपी से सटे क्षेत्रों में वहां के अधिकारियों से भी मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में कच्ची शराब बनती है, उन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
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