फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   haridwar even in Mauritius

'मॉरीशस में भी है एक हरिद्वार और ज्योर्तिलिंग'

Mon, 14 Oct 2013 07:16 PM IST
गिरीश रंजन तिवारी/अमर उजाला, पोर्ट लुईस (मॉरीशस)
गिरीश रंजन तिवारी/अमर उजाला, पोर्ट लुईस (मॉरीशस) Updated Mon, 14 Oct 2013 07:16 PM IST
विज्ञापन
haridwar even in Mauritius

नवरात्रों का त्योहार मॉरीशस में बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। अधिकांश हिंदू नौ दिन उपवास रखते हैं। कई इस दौरान वह नमक नहीं खाते।

विज्ञापन


ग्रैंड केसिन में यहा के हिंदुओं ने हरिद्वार की तर्ज पर गंगा तलाब तीर्थ बना रखा है जो यहां का सबसे बड़ा तीर्थ है।

पढें, 'मोदी के करिश्मे से जीतेंगे पांचों लोकसभा सीट'

ग्रैंड बेसिन में स्थित तालाब के किनारे बना तीर्थ
यहां 108 फुट ऊंची शिव प्रतिमा बनाई गई है और विभिन्न देवी देवताओं के मंदिर हैं। त्योहारों पर यहां भारी भीड़ रहती है। शिवरात्रि से महीने भर पहले बाकायदा कांवड़ यात्रा भी निकलती है।
विज्ञापन


यहां विभिन्न देवी देवताओं में मूर्तियों के अलावा ज्योर्तिलिंग भी स्थापित है। शनिवार को राम नवमी यहां श्रद्धापूर्वक मनाई गई। गंगा तलाब में भक्तों का मेला लगा रहा। गंगा तलाब मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुईस से 30 किलोमीटर दूर ग्रैंड बेसिन में स्थित तालाब के किनारे बना तीर्थ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढें, सर्वे का 'मकड़जाल' या फिर होगा मोदी का कमाल


शिव भगवान मॉरीशस से गुजरे
इसको 1901 में भारत से आए एक पंडित चमन गोसाईं ने खोजा था। कहा जाता है कि एक लेबर के रूप में ब्रिटिश शासकों द्वारा यहां लाए गए गोसाईं को सपने में ऐसे किसी स्थान की जानकारी मिली और अंग्रेज शासकों से स्वीकृति लेकर वह खोज में निकले तो हूबहू स्वप्न में देखा स्थान मिल गया। हालांकि तीर्थ की स्थापना 1968 में मॉरीशस की आजादी के बाद ही शुरू हुई।

पढें, हैवानियतः यज्ञ के बहाने ज्योतिषियों ने किया गैंगरेप


यहां मान्यता है कि पृथ्वी पर भ्रमण के दौरान शिव भगवान मॉरीशस से गुजरे और उनके पैर में ठोकर लगने से जटा से गंगा की धारा गिरने से उस तालाब का निर्माण हुआ। आज यह एक बड़ा तीर्थ हैं जहां बाकायदा ज्योर्तिलिंग स्थापित है। शिवरात्रि से पूर्व कांवड़िये यहां से जल ले जाकर अपने गांव के मंदिर में चढ़ाते हैं।


108 फुट ऊंची शिव प्रतिमा
उस दौरान भारत की भांति यहां भी कई दिन यातायात बंद रहता है। गंगा तलाब तीर्थ की इतनी मान्यता है कि शिवरात्रि पर अफ्रीका से यहां लगभग दस हजार तीर्थ यात्री आते हैं।

पढें, यहां नवरात्र में बंद रहते हैं मां के कपाट!


2003 में यहां 108 फुट ऊंची शिव प्रतिमा स्थापित की गई। रविवार को नवमी पर यहां भारी भीड़ लगी रही और विदेशी पर्यटकों ने भी इसके दर्शन किए। बिहार और तमिल मूल के लोगों के बाहुल्य के कारण यहां देवी देवताओं के मंदिरों के अलावा दक्षिण भारतीय शैली के बड़ी संख्या में मंदिर हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed