केंद्र सरकार बदलेगी देश में गरीबी रेखा के मानक
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देश में आने वाले समय में गरीबी के मायने बदलने वाले हैं। दरअसल केंद्र सरकार गरीबी रेखा के मानकों में बदलाव की तैयारी कर रही है।
नए मानकों के निर्धारण को लेकर नीति आयोग ने सभी राज्यों से सुझाव लेना भी शुरू कर दिया है। साथ ही नीति आयोग सभी राज्यों से उनके यहां गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों के बारे में भी जानकारियां मांगी है।
बैठकों के दौर के पहले चरण में बीते शनिवार को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मिजोरम
समेत पर्वतीय राज्यों के अफसरों के साथ बैठक हो चुकी है।
संयुक्त राष्ट संघ की ओर से है दबाव
इन पर्वतीय राज्यों के अफसरों ने अपने-अपने राज्यों के बीपीएल लाभार्थियों की संख्या और उनके लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नीति आयोग को मुहैया करा दी है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर ही नीति आयोग भविष्य तय करेगा कि आखिरकार किसे बीपीएल की श्रेणी में रखा जाए और किसे श्रेणी से बाहर किया जाए।
उत्तराखंड में सामाजिक, आर्थिक जनगणना के आधार पर राज्य में कुल जनसंख्या में से 29.3 फीसदी बीपीएल लाभार्थी हैं। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनीषा पंवार के मुताबिक नीति आयोग के अफसरों के साथ बैठक में सामाजिक आर्थिक जनगणना के आंकड़ों को उपलब्ध करा दिया गया है।
नीति आयोग पर निर्भर करता है कि आयोग क्या नीतियां लागू करता है। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट संघ की ओर से दुनिया के तमाम देशों पर इस बात का दबाव है कि वे अपने-अपने देशों में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों के जीवन स्तर में सुधार कर उन्हें इससे ऊपर लाएं।