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पुनर्विचार याचिका ने बढ़ाया प्रशिक्षुओं का डर

Fri, 19 Jul 2013 10:36 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Fri, 19 Jul 2013 10:36 PM IST
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Fear of trainees boosted by petition

विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं की नियुक्ति पर शुरुआत से ही तलवार लटकती रही। छह महीने का प्रशिक्षण नौ महीने तक खिंच गया। बीते महीने हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया तो सरकार ने भी एक जुलाई से नियुक्ति देने की घोषणा कर दी।

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लेकिन अब प्रशिक्षुओं की मेरिट को चुनौती देने वाले युवाओं ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है। इसके बाद फिर प्रशिक्षु सड़क पर आ गए हैं। नवंबर 2012 में प्रदेश भर के 2253 प्रशिक्षुओं को तीन महीने के प्रशिक्षण के लिए दुर्गम स्कूलों में भेजा गया।
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इसके बाद उन्हें तीन महीने तक डायटों में प्रशिक्षण देकर स्कूलों में तैनाती दी जानी थी। इस बीच विशिष्ट बीटीसी में चयनित न हो सके युवाओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि मेरिट प्रदेश स्तर पर बननी चाहिए थी, लेकिन ऐसा न कर जनपद स्तर पर चयन किया गया।
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इससे कई जिलों में बेहतर अंक प्रतिशतता वाले युवा वंचित रह गए। हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद प्रशिक्षुओं को डायट में नहीं भेजा जा सका। इसके खिलाफ लंबा आंदोलन चला। सरकार ने प्रशिक्षुओं की ओर से महाधिवक्ता यूके उनियाल को कोर्ट में पैरवी के लिए भेजा, जिसके बाद पिछले महीने हाईकोर्ट ने प्रशिक्षु शिक्षकों के पक्ष में निर्णय सुनाया।

इसके बाद सरकार ने भी नियुक्ति की घोषणा की, लेकिन मामला अधर में रहा। अब फिर वंचित युवाओं ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है।

सरकार ने बताई थी अपनी उपलब्धि
राज्य सरकार ने अपने एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर प्रशिक्षु शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती देने को अपनी उपलब्धि के तौर पर गिनाया था। जबकि सभी 2253 प्रशिक्षुओं का भविष्य अभी अधर में है।

प्रशिक्षु शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष हर्षिता भट्ट ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने 18 जून को प्रशिक्षुओं के आंदोलन को समाप्त कराने के लिए आश्वासन दिया था कि एक जुलाई को प्रशिक्षुओं को मौलिक नियुक्ति दे दी जाएगी, लेकिन नियुक्ति नहीं मिली।

दून अस्पताल में घायल प्रशिक्षु शिक्षक
घायलों में मुकेश, सुखपाल, मनोज बिष्ट, कुलदेव सिंह, रोशन शुक्ला, वीरेंद्र, मुकेश चंद, कमलेश पांडे, निमिता नौडियाल, सीमा पंत, मनोज कंडवाल, रवींद्र सिंह, मनोज, सुरेश जोशी, राजेंद्र सिंह, किशन सिंह, जगत सिंह, गणेश सिंह, दीपक, मुकेश धस्माना, अरविंद पोखरियाल, विजेंद्र राणा, मीना राणा, राकेश, राजेश कुमार, बिजोय सिंह शामिल हैं।


कोरोनेशन
मनोज द्विवेदी, शिवदर्शन नेगी, दर्शनलाल उनियाल, प्रशांत, संदीप सिंह, अनूप जदली, धीरेंद्र, आनंद चौहान, शशिभूषण, संजय कुमार, उदय सिंह, शिव कुमार, सुभाष चंद, सुधीर उनियाल, गोपाल, गणेश अवस्थी, अमित कुमार, मुकेश नौटियाल, अनिल, बुद्धि, विक्रम रावत, अनिल टम्टा।

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