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उपभोक्ताओं पर ही न डालें विद्युत दरों में भारी भरकम बोझ
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 06 Apr 2016 02:49 PM IST
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अपने घाटे को कम करने के लिए यूपीसीएल के विद्युत दरों में भारी भरकम बढ़ोतरी के प्रस्ताव को आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया।
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साथ ही उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने यूपीसीएल को नसीहत दी है कि इसके लिए उपभोक्ताओं की जेब पर ही पूरा बोझ न डालें। बल्कि कारपोरेशन की कार्यप्रणाली में सुधार लाने की कोशिश करें।
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आय और खर्च में अत्यधिक असमानता से बढ़े 1220.26 करोड़ के राजस्व अंतर को पाटने की कोशिश में उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने आयोग के समक्ष विद्युत दरों में 24.96 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था। इस बढ़ोतरी को उपभोक्ताओं पर अत्यधिक बोझ मानते हुए आयोग ने प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया।
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आयोग ने वर्ष 2016-17 के लिए लागू विद्युत दरों के आधार पर प्रस्तावित बिक्री 11188 मिलियन यूनिट पर 5003.31 करोड़ रुपये का आंकलन करते हुए राजस्व हानि 249.56 रुपये शेष होने का गणित यूपीसीएल को बताया। साथ ही आयोग ने लाइन लास, बिजली चोरी, विद्युत कार्यों में देरी से लागत बढ़ने, निर्माण कार्यों में देरी से लागत बढ़ने आदि की प्रवृत्ति में सुधार लाने की सलाह दी है।
इसके अलावा एरियर की रिकवरी में सुधार लाने, दोषयुक्त मीटरों की संख्या कम करने, बिल कलेक्शन सिस्टम को सुधारने, एनर्जी आडिट करने जैसे बिंदुओं पर भी निर्देशित किया है। आयोग के चेयरमैन सुभाष कुमार का कहना है कि उत्तराखंड में अन्य राज्यों की तुलना में विद्युत दरों को सबसे कम बढ़ाया गया है। बीपीएल उपभोक्ताओं, कृषि संबंद्घ सेवाओं, हिमाच्छादित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को राहत और प्री पेड मीटरिंग के इस्तेमाल पर छूट जैसी व्यवस्था टैरिफ में की गई है।
उद्योगों के लिए औसत रहा टैरिफ
लो टेंशन कनेक्शन इंडस्ट्रीज में 75 किलोवाट तक के लिए फिक्स चार्ज 105 रुपये से बढ़ाकर 130 कर दिया गया है। 25 किलोवाट तक के लिए प्रति यूनिट चार्ज 4.05 रुपये और 75 किलोवाट तक के लिए 3.70 रुपये हो गए हैं। एचटी इंडस्ट्रीज के लिए 1000 केवीए भार तक बिलिंग चार्ज 4.70 रुपये तक और फिक्स चार्ज 285 रुपये प्रति केवीए रखा गया है।
1000 केवीए से अधिक भार के लिए बिलिंग चार्ज 4.70 रुपये तक और फिक्स चार्ज 365 रुपये प्रति केवीए रखा गया है। इसके अलावा मिनिमम कंजंपशन गारंटी (एमसीजी) की दर भी बढ़ाई गई है।
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता का कहना है कि उद्योगों के लिए विद्युत टैरिफ ओवर आल ठीक है। लेकिन फिक्स चार्ज बहुत अधिक बढ़ा दिया गया है। एमसीजी की दरें खत्म करने की हमारी मांग को आयोग ने फिर से अनसुना कर दिया है। इससे छोटे उद्योगों की दिक्कत बढ़ जाएगी।