सावधान: दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में दून का नाम
- - दुनिया के 103 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में दून का स्थान 31वां
- - डब्ल्यूएचओ ने जारी की दुनिया के प्रदूषित शहरों की सूची
- - शीर्ष 20 प्रदूषित शहरों में भारत के दस शहर शामिल
- - ईरान का जबोल सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर
विस्तार
दुनिया के टॉप 103 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में देहरादून 31 वें स्थान पर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से जारी दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची में ग्वालियर दूसरे, इलाहाबाद तीसरे, पटना छठवें और रायपुर सातवें स्थान पर है। दून की जनता के लिए चिंता की बात यह है कि हवा में मौजूद खतरनाक बारीक कण पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 100 पहुंच गया है।
डब्ल्यूएचओ की इस फेहरिस्त में ईरान का जबोल शहर पहले पायदान पर है। दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने की तमाम कोशिशों का ही नतीजा है कि राजधानी का नाम दुनिया के शीर्ष 10 प्रदूषित शहरों में भी नहीं है। सूची में दिल्ली को दुनिया का 11वां सबसे प्रदूषित शहर बताया गया है।
2014 में दिल्ली को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बताया गया था। हालांकि देश में स्थिति अब भी बदतर ही है क्योंकि ताजा सूची में 20 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में भारत के दस शहर शामिल हैं।
ये हैं दुनिया के शीर्ष 10 प्रदूषित शहर
डब्ल्यूएचओ ने बृहस्पतिवार को दुनिया के 103 देशों के 3000 शहरों को शामिल करते हुए वायु गुणवत्ता रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में सालाना औसत के आधार पर हवा में मौजूद खतरनाक बारीक कणों - पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 और पार्टिकुलेट मैटर 10 को शामिल किया गया है।
विभिन्न शहरों में वायु गुणवत्ता के आंकड़े वर्ष 2012 से 2014 के बीच डब्ल्यूएचओ के जरिए एकत्र किए गए हैं। इनमें स्थानीय प्रदूषण मापक स्टेशनों और विश्वसनीय आधिकारिक एजेंसियों के आंकड़ों का भी विश्लेषण किया गया है।
रैंकिंग --- देश व शहरों का नाम --- सालाना औसत पीएम 2.5-- वर्ष
1 -------- जबोल, ईरान ------------- 217 -------- 2012
2 -------- ग्वालियर, मध्य प्रदेश ---- 176 -------- 2012
3 -------- इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश ----- 170 -------- 2012
4 -------- रियाद, सऊदी अरब ------ 156 -------- 2014
5 -------- अलजुबैल, सऊदी अरब---- 152 -------- 2014
6 -------- पटना, बिहार ------------ 149 -------- 2013
7 -------- रायपुर, छत्तीसगढ़ ------ 144 -------- 2012
8 -------- बमेंडा, कैमरून --------- 132 -------- 2012
9 -------- जिंगताई, चीन -------- 128 -------- 2014
10 -------- बाओडिंग, चीन -------- 126 -------- 2014
दुनिया में प्रदूषण के लिहाज से भारत के प्रमुख शहरों की रैकिंग
रैकिंग ---- भारतीय शहर -------- सालाना औसत पीएम 2.5 --- वर्ष
11 -------- दिल्ली--------------- 122 -------- 2013
12 -------- लुधियाना, पंजाब----- 122 -------- 2012
15 -------- कानपुर, यूपी -------- 115 -------- 2012
16 -------- खन्ना, पंजाब -------- 114 -------- 2012
17 -------- फिरोजाबाद, यूपी ----- 113 -------- 2012
18 -------- लखनऊ, यूपी -------- 113 -------- 2012
21 -------- अमृतसर, पंजाब ----- 108 -------- 2012
22 -------- गोविंदगढ़, पंजाब ---- 108 -------- 2012
27 -------- आगरा, यूपी --------- 105 -------- 2012
30 -------- जोधपुर, राजस्थान --- 101 -------- 2012
31 -------- देहरादून, उत्तराखंड ---- 100 -------- 2012
32 -------- अहमदाबाद, गुजरात -- 100 -------- 2013
33 -------- जयपुर, राजस्थान ---- 100 -------- 2012
34 -------- हावड़ा, पश्चिम बंगाल -- 100 -------- 2012
35 -------- फरीदाबाद, हरियाणा --- 98 -------- 2012
42 -------- भोपाल, मध्य प्रदेश --- 93 -------- 2012
43 -------- खुर्जा, यूपी ------------ 90 -------- 2012
52 -------- रायबरेली, यूपी -------- 87 -------- 2012
72 -------- जालंधर, पंजाब -------- 75 -------- 2012
78 -------- वाराणसी, यूपी -------- 74 -------- 2012
80 -------- नोएडा, यूपी ---------- 73 -------- 2012
95 -------- मेरठ, यूपी ----------- 69 -------- 2012
147 -------- मुंबई, महाराष्ट्र -------- 63 -------- 2013
153 -------- कोलकाता, पश्चिम बंगाल--- 61 -------- 2014
172 -------- झांसी, यूपी ----------- 59 -------- 2012
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नोट - डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीएम 2.5 का सालाना औसत सामान्य स्तर 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। जबकि पीएम 10 का सालाना औसत सामान्य स्तर 20 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। मालूम हो कि भारतीय मानक इन स्तरों से भिन्न हैं।
दुनिया के 80 फीसदी शहरियों पर प्रदूषण की मार
डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि दुनिया के शहरों में 80 फीसदी लोग प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। इन सभी पर वायु प्रदूषण का प्रभाव पड़ रहा है। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित कम आय अर्जित करने वाले शहर हैं। इनमें भारत के शहर भी शामिल है। आंकड़ों के मुताबिक 98 फीसदी कम और मध्य आय वाले देशों में एडब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक वायु गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं है। वहीं उच्च आय अर्जित करने वाले देशों में वायु गुणवत्ता बेहतर पाई गई है। उच्च आय वाले देशों में प्रदूषण में करीब 56 फीसदी कमी आई है।
बढ़ रही बीमारियां
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक शहरों में वायु गुणवत्ता गिरने से लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लोगों में दिल की बीमारियां जैसे हार्ट अटैक, फेफड़ों का कैंसर, सांस संबंधी समस्याओं को झेलना पड़ रहा है।
बड़े शहरों में दिल्ली सबसे प्रदूषित
हालांकि 1.40 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले शहरों में दिल्ली अब भी दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर है। ऐसे शहरों में दिल्ली के बाद दूसरे नंबर पर काहिरा और तीसरे नंबर पर बांग्लादेश की राजधानी ढाका का नाम है।