दून महिला अस्पताल की बेदर्द डॉक्टर, बाहर तड़पती रही प्रसूताएं
- अलग-अलग तीन जगह से डिलवरी केस लेकर आई108 एंबुलेंस को पहले टरकाया
- बेड की कमी बताकर भर्ती करने से किया इनकार, रेफर करने की पर्ची भी नहीं दी
- अमर उजाला के फोन करने पर और पुलिस के पहुंचने पर तीनों को किया भर्ती
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देर रात करीब डेढ़ बजे दून महिला अस्पताल में अलग-अलग जगह से डिलवरी केस लेकर पहुंची तीन 108 एंबुलेंस के मरीजों को दून महिला अस्पताल की डॉक्टर ने लेने से इनकार कर दिया।
परिजनों के लाख मिन्नतें करने पर भी डॉक्टर नहीं माने। सेलाकुई से गर्भवती संग आए परिजनों का आरेप है कि डॉक्टरों को प्रिमेच्योर डिलवरी बताने पर भी दया नहीं दिखाई। परिजनों से जानकारी मिलने पर अमर उजाला ने दून महिला अस्पताल फोन किया और कोतवाली से पुलिस को भेजा तब जाकर तीनों गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया गया।
जानकारी के मुताबिक देर रात सेलाकुई की फरजाना को लेबरपेन शुरू हुआ तो उनके रिश्तेदार 108 नंबर एंबुलेंस की मदद से उन्हें दून महिला अस्पताल लेकर आए। पर यहां पर डॉक्टरों ने उन्हें लेने से इनकार कर दिया और रेफर करने की पर्ची लिखने पर भी बड़े रुखे अंदाज में बात की।
डॉक्टर से मिन्नत करते रहे परिजन
इसी बीच अलग-अलग जगह से दो 108 एंबुलेंस दो और डिलवरी केस लेकर पहुंच गई। इन्हें भी भर्ती नहीं किया गया। विकासनगर के लबरपुर से आए सोनू ने बताया कि डॉक्टर अरुणा डबराल से बहुत मिन्नत करने के बाद भी उसकी पत्नी को अस्पताल में भर्ती नहीं कर रहे हैं। कोई कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है।
उधर देर रात अस्पताल फोन मिलाया गया तो पहले तो फोन बिजी आता रहा। बाद में कोतवाली पुलिस को फोन किया तो सहदेव त्यागी ने फोन उठाया और उन्होंने दो सिपाहियों को मौके पर भेजा।
इसी बीच अमर उजाला ने दून अस्पताल से संपर्क करना जारी रखा। नंबर मिलने पर पहले तो फोन अंटेंड करने वाले विशाल ने आनाकानी की और बाद में बताया कि डॉ. डबराल नाइट ड्यूटी पर हैं। डॉक्टर से बात कराने को कहा तो उसने तीनों महिलाओं के भर्ती होने की बात कहते हुए फोन काट दिया।
काफी प्रयास के बाद भी डॉक्टर से संपर्क नहीं हो पाया। जैसे ही उनसे संपर्क होगा तो हूबहू उनका पक्ष प्रकाशित किया जाएगा।