{"_id":"570a8b074f1c1b2566c810c8","slug":"wildlife-trafficking-in-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"लैंसडौन में दबोचे गए तस्करों का आका कौन?","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लैंसडौन में दबोचे गए तस्करों का आका कौन?
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 10 Apr 2016 10:49 PM IST
विज्ञापन
क्राइम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लैंसडौन में दबोचे गए तीन संदिग्ध वन्य जीव तस्करों से पुलिस के अलावा वन विभाग के अफसर भी पूछताछ कर रहे हैं। वन्य जीव तस्करी में क्षेत्रीय लोगों के पकड़े जाने के बाद महकमा अब इनके आकाओं की तलाश में जुट गया है। अगर ये पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं तो गिरोह के नेटवर्क का भंडाफोड़ हो जाएगा।
विज्ञापन
वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन लोगों को शनिवार को लैंसडौन में पकड़ा था। इनसे पूछताछ कर गिरोह के सरगना का नाम उगलवाने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि स्थानीय लोग चंद पैसों के लिए इन गिरोहों के मकड़जाल में फंस जाते हैं।
विज्ञापन
इनसे शिकार करवाने के बाद गिरोह के एजेंट वन्य जीवों की खालों, नाखूनों आदि अंगों को ऊंचे दामों पर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बेचते हैं। नेशनल वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की गत दिवस अल्मोड़ा में हुई बैठक में कुछ सफेदपोश सरगनाओं का भी जिक्र हुआ था। वन्य जीव तस्करी के मामले में पकड़े गए लोगों से इन्हीं सरगनाओं का नाम पता करने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन