उत्तराखंड के बहाने PM मोदी को पटखनी देने की तैयारी में कांग्रेस
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उत्तराखंड के बहाने अब कांग्रेस का आलाकमान दिल्ली में भाजपा और मोदी सरकार को पटखनी देने की तैयारी कर रहा है।
पार्टी का मानना है कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने का आधार बेहद कमजोर है। कांग्रेस आलाकमान इस मामले को संवैधानिक बहस का रूप देने की कोशिश में भी है।
ऐसे में हरीश रावत को रणनीतिक रूप से कमजोर न होने देने और बाकी बचे कांग्रेस विधायकों को एकजुट रहने देने पर जोर दिया जा रहा है। कांग्रेस के स्तर से यह भी माना जा रहा है कि नौ बागी विधायकों ने भाजपा का साथ देकर पार्टी की स्थिति को मजबूत ही किया है।
अन्य राज्यों से इतर उत्तराखंड में सियासी लड़ाई भाजपा बनाम कांग्रेस की ही दिख रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को सामने कर भाजपा इस लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में बागी विधायकों का समीकरण अब कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
भाजपा को पटखनी देने पर लगाया जा रहा पूरा ध्यान
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, आलाकमान साफ तौर पर यह महसूस कर रहा है कि बागी विधायकों से कोई भी समझौता कांग्रेस के केस को कमजोर ही करेगा। इस स्थिति को देखते हुए अब बागी विधायकों से दूरी बनाये रखने का मन बना लिया गया है। पार्टी प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी ने भी बुधवार को यही संकेत दिए।
वहीं, अब कांग्रेस हरीश रावत के स्टिंग ऑपरेशन को भी नजरअंदाज करने का मन बना चुकी है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि हरीश रावत का किसी तरह से कमजोर पड़ना पार्टी को ही नुकसान पहुंचाएगा। इससे इतर अब पूरा ध्यान राष्ट्रपति शासन के मामले में भाजपा को पटखनी देने पर लगाया जा रहा है।
इस लड़ाई को कोर्ट के जरिये लड़ने का एलान कांग्रेस अलाकमान कर ही चुका है। इस हिसाब से उत्तराखंड कांग्रेस के लिए प्रयोगशाला भी बन गई है। अन्य कांग्रेसी राज्यों में इस स्थिति से बचने के लिए भी कदम उठाये जा रहे हैं।