फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   chaurasi kutia open without permission

उड़ी कानून की धज्जियां, बिना अनुमति ही खोली चौरासी कुटिया

Thu, 07 Apr 2016 01:08 PM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 07 Apr 2016 01:08 PM IST
विज्ञापन
chaurasi kutia open without permission
चौरासी कुटिया

ऋषिकेश महर्षि महेश योगी की चौरासी कुटिया खोलने में राजाजी पार्क प्रबंधन ने नियम-कानून की धज्जियां उड़ा दीं। शासन की अनुमति लिए बिना ही चौरासी कुटिया के दरवाजे खोल दिए। इसके साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों से ली जाने वाली फीस भी बिना शासन की अनुमति के तय कर दी गई।

विज्ञापन


देश-विदेश के सैलानियों के लिए चौरासी कुटिया खोलने के पहले केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भी सूचित नहीं किया गया। इस पर अपर मुख्य सचिव एस. राधास्वामी ने राजाजी पार्क की निदेशक से जवाब तलब करने के साथ हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्सेस (हॉफ) को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


ऐसा नहीं है कि नियम-कानून की यह अनदेखी किसी छोटे अधिकारी के स्तर पर चूक से हुई। राजाजी पार्क प्रबंधन स्तर पर सारी तैयार करके चौरासी कुटिया खुलवाई गई। फीस की दरें तय करने की भी घोषणा की गई, लेकिन सब कुछ शासन की अनुमति लिए बिना किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


जब कुटिया के दरवाजे खुलने के मामले की जानकारी शासन के आला अधिकारियों को मिली तो वह चौंक गए। अपर मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने राजाजी पार्क की निदेशक नीना ग्रेवाल से जवाब-तलब किया है। राजाजी पार्क को भेजे गए पत्र में पूछा गया कि चौरासी कुटिया खोलने के पहले शासन की पूर्व अनुमति क्यों नहीं ली गई?

चौरासी कुटिया के लिए फीस की दरें किस आधार पर तय की गई हैं? इसके बाद हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्सेस से मसले पर कार्रवाई के लिए कहा गया। मामले की जांच के भी आदेश दिए गए और प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) से मौके पर जाकर निरीक्षण के निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने मामले की जांच की पुष्टि की और बताया कि हॉफ से कार्रवाई के लिए कहा गया है।


आज भी आकषर्ण का केंद्र है चौरासी कुटिया
ऋषिकेश में महर्षि महेश योगी का चौरासी कुटिया के नाम से आश्रम है। ब्रिटेन के रॉक बैंड बीटिल्स के सदस्य भी यहां आकर रहे थे। यहां पर बीटिल्स ने कई गीतों की रचना की थी। इसकी वजह से भी चौरासी कुटिया आकर्षण का केंद्र रही। देश और विदेश के सैलानी इन कुटियों को देखने आते हैं। यहां नेचर वॉक और बर्ड वॉचिंग के लिए भी लोग आते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed