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चंपावत में दवा नहीं दर्द दे रहे अस्पताल
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चंपावत के पाटी अस्पताल में महिलाओं की विभिन्न जांचें शुरू।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। कोरोना काल के बाद सेहत की सूरत संवारने के खूब दावे किए गए हैं लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों को झुठलाती है। जिले में डॉक्टरों के सृजित 107 पदों के सापेक्ष अनुबंध वाले डॉक्टरों सहित कुल 97 डॉक्टर तैनात हैं। इसके बावजूद मां वाराही धाम देवीधुरा के अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है।
जिले के किसी भी अस्पताल में एक भी हृदयरोग विशेषज्ञ नहीं है। न कोई ईएनएटी, न यूरोलॉजिस्ट और न ही प्लास्टिक सर्जन। दोनों उप जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं से लेकर महिलाओं के सामान्य रोगों के इलाज का इंतजाम नहीं हैं। दो अस्पतालों में सर्जन और निश्चेतक दोनों होने के बाद भी सर्जरी की सुविधा नहीं मिल रही है। आईसीयू होने पर भी टनकपुर और लोहाघाट अस्पताल में इनका संचालन शुरू नहीं हो सका है।
रीठा साहिब में डॉक्टर छुट्टी में, फार्मासिस्ट गायब
रीठा साहिब (चंपावत)। रीठा साहिब का एपीएचसी बुधवार को भगवान भरोसे था। यहां न डॉक्टर है और न ही फार्मासिस्ट। पूरा अस्पताल चंदन लैब की एक कर्मी कविता बिष्ट के हवाले था। अस्पताल की ऐसी बदहाली मरीजों की सेहत पर भारी पड़ रही है। डॉ. मयंक डिमरी छुट्टी पर हैं। फार्मासिस्ट सोमवार से अनुपस्थित हैं। पाटी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ज्ञानेश्वर यादव का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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पाटी अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच शुरू
पाटी (चंपावत)। पाटी के पीएचसी में गर्भवती महिलाओं के खून की जांच और महिला चिकित्सा अधिकारी के परामर्श की सुविधा बुधवार से शुरू हो गई है। प्रभारी चिकित्सा डॉ. ज्ञानेश्वर यादव ने बताया कि अब हर बुधवार को पाटी पीएचसी में गर्भवती महिलाओं की खून की जांच होगी। एलएमओ डॉ. आकांक्षा और डॉ. गुरुशरण महिलाओं को परामर्श देंगी। वहीं बताया कि अस्पताल में खून संबंधित जांच निशुल्क की जाएगी। बताया कि पहले दिन बुधवार को 10 मरीजों की जांच की गई। इस दौरान स्टाफ नर्स प्रेरणा, पूजा, नेहा, पुष्पा जोशी आदि रहे।
जन औषधि केंद्र पर डेढ़ साल से ताला, नहीं मिली सस्ती दवा
टनकपुर (चंपावत)। जिले में चंपावत, लोहाघाट, टनकपुर में तीन प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गए थे। दो खुले केंद्रों में बमुश्किल 150 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। टनकपुर का जन औषधि केंद्र दो-दो भवन होने के बावजूद सितंबर 2020 से बंद है। सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी का कहना है कि केंद्र के प्रतिनिधि ने नुकसान होने की वजह से इसे चलाने में असमर्थता जताई है। संचालन के लिए विभाग से आग्रह किया गया है। औषधि केंद्र के भवन का उपयोग अस्पताल के दूसरे कार्यों में किया जा रहा है।
तीन अस्पताल, चार सर्जन लेकिन सर्जरी सिर्फ एक जगह
चंपावत। इस जिले में जिला अस्पताल के अलावा दोनों एसडीएच में सर्जन और निश्चेतक हैं। ऑपरेशन थिएटर (ओटी) भी है। जिला अस्पताल में रक्तकोष भी है लेकिन पूरे जिले में चंपावत को छोड़ कहीं भी सर्जरी नहीं हो रही है। टनकपुर और लोहाघाट दोनों उप जिला अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।
धूल फांक रही टनकपुर और पाटी की एक्सरे मशीन
टनकपुर (चंपावत)। जिले में चार जगह एक्सरे मशीन हैं, लेकिन इनमें एक्सरे परीक्षण सिर्फ दो जगह चंपावत और लोहाघाट में हो रहे हैं। टनकपुर में जनवरी 2019 से तो पाटी में 2016 से एक्सरे मशीन धूल फांक रही है। दोनों जगह तकनीशियन की कमी से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं।
चंपावत जिले की बदहाल सेहत के खास बिंदु
1. चंपावत जिले में अल्ट्रासाउंड मशीनें तीन हैं, रेडियोलॉजिस्ट दो और दो महीने से एक ही रेडियोलॉजिस्ट लोहाघाट के डॉ. एलएम रखोलिया सेवा दे रहे हैं।
2. टनकपुर और लोहाघाट के आईसीयू का नहीं हो पा रहा उपयोग। चंपावत के आईसीयू को संबद्ध स्टाफ से संचालित किया गया है। 3. लोहाघाट के दो विशेषज्ञ डॉक्टर (निश्चेतक और माइक्रो बायोलॉजिस्ट) दूसरे जिले से संबद्ध।
4. जून 2021 में मिली पोर्टेबल एक्सरे मशीन का जिला अस्पताल में उपयोग नहीं हो पा रहा है।
5. न डायलिसिस यूनिट शुरू हो सकी और न ही जिला अस्पताल में टेलीमेडिसिन सेवा।
6. टनकपुर और लोहाघाट के ट्रॉमा सेंटर का छह साल बाद भी नहीं हुआ संचालन।
7. बनबसा सहित नौ स्वास्थ्य केंद्रों का बिल जमा न होने से बिजली कनेक्शन कटने से इलाज में दिक्कत।
जिले में ऑपरेशन केवल एक जगह चंपावत जिला अस्पताल में हो रहे हैं। टनकपुर और लोहाघाट में ऑपरेशन थिएटर की खामी की वजह से दिक्कत आ रही है। एक्सरे तकनीशियन के दो और रेडियोलॉॅजिस्ट के एक पद को भरने के लिए डीजी कार्यालय पत्र भेजा गया है। इसी तरह जन औषधि केंद्र के संचालन के लिए भी फिर से निविदा निकाली जाएगी। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
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जिले के किसी भी अस्पताल में एक भी हृदयरोग विशेषज्ञ नहीं है। न कोई ईएनएटी, न यूरोलॉजिस्ट और न ही प्लास्टिक सर्जन। दोनों उप जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं से लेकर महिलाओं के सामान्य रोगों के इलाज का इंतजाम नहीं हैं। दो अस्पतालों में सर्जन और निश्चेतक दोनों होने के बाद भी सर्जरी की सुविधा नहीं मिल रही है। आईसीयू होने पर भी टनकपुर और लोहाघाट अस्पताल में इनका संचालन शुरू नहीं हो सका है।
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रीठा साहिब में डॉक्टर छुट्टी में, फार्मासिस्ट गायब
रीठा साहिब (चंपावत)। रीठा साहिब का एपीएचसी बुधवार को भगवान भरोसे था। यहां न डॉक्टर है और न ही फार्मासिस्ट। पूरा अस्पताल चंदन लैब की एक कर्मी कविता बिष्ट के हवाले था। अस्पताल की ऐसी बदहाली मरीजों की सेहत पर भारी पड़ रही है। डॉ. मयंक डिमरी छुट्टी पर हैं। फार्मासिस्ट सोमवार से अनुपस्थित हैं। पाटी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ज्ञानेश्वर यादव का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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पाटी अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच शुरू
पाटी (चंपावत)। पाटी के पीएचसी में गर्भवती महिलाओं के खून की जांच और महिला चिकित्सा अधिकारी के परामर्श की सुविधा बुधवार से शुरू हो गई है। प्रभारी चिकित्सा डॉ. ज्ञानेश्वर यादव ने बताया कि अब हर बुधवार को पाटी पीएचसी में गर्भवती महिलाओं की खून की जांच होगी। एलएमओ डॉ. आकांक्षा और डॉ. गुरुशरण महिलाओं को परामर्श देंगी। वहीं बताया कि अस्पताल में खून संबंधित जांच निशुल्क की जाएगी। बताया कि पहले दिन बुधवार को 10 मरीजों की जांच की गई। इस दौरान स्टाफ नर्स प्रेरणा, पूजा, नेहा, पुष्पा जोशी आदि रहे।
जन औषधि केंद्र पर डेढ़ साल से ताला, नहीं मिली सस्ती दवा
टनकपुर (चंपावत)। जिले में चंपावत, लोहाघाट, टनकपुर में तीन प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गए थे। दो खुले केंद्रों में बमुश्किल 150 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। टनकपुर का जन औषधि केंद्र दो-दो भवन होने के बावजूद सितंबर 2020 से बंद है। सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी का कहना है कि केंद्र के प्रतिनिधि ने नुकसान होने की वजह से इसे चलाने में असमर्थता जताई है। संचालन के लिए विभाग से आग्रह किया गया है। औषधि केंद्र के भवन का उपयोग अस्पताल के दूसरे कार्यों में किया जा रहा है।
तीन अस्पताल, चार सर्जन लेकिन सर्जरी सिर्फ एक जगह
चंपावत। इस जिले में जिला अस्पताल के अलावा दोनों एसडीएच में सर्जन और निश्चेतक हैं। ऑपरेशन थिएटर (ओटी) भी है। जिला अस्पताल में रक्तकोष भी है लेकिन पूरे जिले में चंपावत को छोड़ कहीं भी सर्जरी नहीं हो रही है। टनकपुर और लोहाघाट दोनों उप जिला अस्पताल में ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।
धूल फांक रही टनकपुर और पाटी की एक्सरे मशीन
टनकपुर (चंपावत)। जिले में चार जगह एक्सरे मशीन हैं, लेकिन इनमें एक्सरे परीक्षण सिर्फ दो जगह चंपावत और लोहाघाट में हो रहे हैं। टनकपुर में जनवरी 2019 से तो पाटी में 2016 से एक्सरे मशीन धूल फांक रही है। दोनों जगह तकनीशियन की कमी से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं।
चंपावत जिले की बदहाल सेहत के खास बिंदु
1. चंपावत जिले में अल्ट्रासाउंड मशीनें तीन हैं, रेडियोलॉजिस्ट दो और दो महीने से एक ही रेडियोलॉजिस्ट लोहाघाट के डॉ. एलएम रखोलिया सेवा दे रहे हैं।
2. टनकपुर और लोहाघाट के आईसीयू का नहीं हो पा रहा उपयोग। चंपावत के आईसीयू को संबद्ध स्टाफ से संचालित किया गया है। 3. लोहाघाट के दो विशेषज्ञ डॉक्टर (निश्चेतक और माइक्रो बायोलॉजिस्ट) दूसरे जिले से संबद्ध।
4. जून 2021 में मिली पोर्टेबल एक्सरे मशीन का जिला अस्पताल में उपयोग नहीं हो पा रहा है।
5. न डायलिसिस यूनिट शुरू हो सकी और न ही जिला अस्पताल में टेलीमेडिसिन सेवा।
6. टनकपुर और लोहाघाट के ट्रॉमा सेंटर का छह साल बाद भी नहीं हुआ संचालन।
7. बनबसा सहित नौ स्वास्थ्य केंद्रों का बिल जमा न होने से बिजली कनेक्शन कटने से इलाज में दिक्कत।
जिले में ऑपरेशन केवल एक जगह चंपावत जिला अस्पताल में हो रहे हैं। टनकपुर और लोहाघाट में ऑपरेशन थिएटर की खामी की वजह से दिक्कत आ रही है। एक्सरे तकनीशियन के दो और रेडियोलॉॅजिस्ट के एक पद को भरने के लिए डीजी कार्यालय पत्र भेजा गया है। इसी तरह जन औषधि केंद्र के संचालन के लिए भी फिर से निविदा निकाली जाएगी। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।