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फार्मेसी निदेशालय के लिए संघर्ष करेंगे फार्मेसिस्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट
Updated Sun, 13 Sep 2015 10:38 PM IST
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डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन ने उत्तराखंड में अलग से फार्मेसी निदेशालय की स्थापना करने की मांग की। जिलाध्यक्ष सुरेश जोशी की अध्यक्षता एवं कुलदीप राय के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने जिला पदोन्नति कमेटी (डीपीसी) के जरिए निदेशालय में उच्च स्तर पर तीन नए पद सृजित करने की मांग की। बताया कि एलोपैथी आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, यूनानी और पशुपालन फार्मेसिस्टों को पहली बार एक मंच में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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संगठन का कहना है कि सरकार नर्सिंग संवर्ग के लिए अलग से निदेशालय बनाने में सहमत होती जा रही है, जबकि वर्षों से चल रही अलग फार्मेसी निदेशालय बनाने की संगठन फार्मेसिस्टों की मांग को नजरंदाज किया जा रहा है। अलग से फार्मेसी निदेशक, अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक पदों का सृजन नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।
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इस मुद्दे को लेकर 25 सितंबर को देहरादून में सभी पैथियों के फार्मेसिस्ट संगठित होकर एक महासंघ का गठन कर सरकार को पुरानी मांग को मनवाने के लिए विवश करेंगे। इसके लिए चंपावत जिले में प्रांतीय प्रवक्ता बीएस पंचाल को महासंघ का संयोजक नामित किया गया। बैठक में डा.सतीश पांडेय, मनोज आर्या, शेखर सार्की, सुरेश पाटनी, लक्ष्मण सिंह, पीआर टम्टा, ज्योति नरियाल, मृत्युंजय वर्मा, मीनू राणा, योगेश कनौजिया, अनिल वर्मा, नवीन कनौजिया आदि ने विचार रखे।
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