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रूइयां में गौशाला तक पहुंची जंगल की आग, बछिया की मौत
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जंगल की आग से रूइयां में जला गौशाला।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। जंगल की आग से तल्लादेश क्षेत्र के रुइयां गांव के आसपास एक गोशाला और दो कच्चे मकान जल गए। शनिवार सुबह गोशाला तक पहुंची जंगल की आग से गोशाला में बंधी एक बछिया की भी जलने से मौत हो गई। इसके अलावा 11 से अधिक फलदार पौधों को भी नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीणों ने बताया कि रूइयां गांव के जंगल में लगी आग के आबादी के नजदीक पहुंचने से ये नुकसान हुआ है। आग की चपेट में आने से शेर सिंह, आशा देवी की गोशाला और मकान को नुकसान हुआ है। आग की जानकारी लगने पर मौके पर पहुंच ग्रामीणों ने लंबी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक गोशाला और पुराने मकानों का अधिकांश हिस्सा जलकर नष्ट हो गया था। आग से तीन लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर नष्ट हुई है। ग्रामीण भुवन सिंह ने बताया कि आग लगने से जंगल से लगे खेतों में फलदार पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा है।
चंपावत के वन क्षेत्राधिकारी केआर टम्टा ने बताया कि जानकारी लगने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू कर लिया गया था। बताया कि रूइयां क्षेत्र में दो हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।
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बारिश से कम हुआ जंगल की आग का खतरा
चंपावत। शनिवार दोपहर को हुई बारिश भले ही मात्रा में कम हो, लेकिन यह बारिश जंगल की आग को कम करने में खासी भूमिका निभाई है। बमुश्किल आधा मिलीमीटर बारिश से तपिश में कमी आई। जिससे धधक रहे जंगलों पर काफी हद तक काबू पाया जा सका है। वन क्षेत्राधिकारी केआर टम्टा का कहना है कि कम बारिश के बावजूद इससे जंगलों पर खतरा कम हुआ है। इस बार मध्य फरवरी से शुरू दावाग्नि अवधि के पहले दो माह में 60 हेक्टेयर से अधिक वन संपदा प्रभावित हुुई है।
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ग्रामीणों ने बताया कि रूइयां गांव के जंगल में लगी आग के आबादी के नजदीक पहुंचने से ये नुकसान हुआ है। आग की चपेट में आने से शेर सिंह, आशा देवी की गोशाला और मकान को नुकसान हुआ है। आग की जानकारी लगने पर मौके पर पहुंच ग्रामीणों ने लंबी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक गोशाला और पुराने मकानों का अधिकांश हिस्सा जलकर नष्ट हो गया था। आग से तीन लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर नष्ट हुई है। ग्रामीण भुवन सिंह ने बताया कि आग लगने से जंगल से लगे खेतों में फलदार पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा है।
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चंपावत के वन क्षेत्राधिकारी केआर टम्टा ने बताया कि जानकारी लगने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू कर लिया गया था। बताया कि रूइयां क्षेत्र में दो हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।
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बारिश से कम हुआ जंगल की आग का खतरा
चंपावत। शनिवार दोपहर को हुई बारिश भले ही मात्रा में कम हो, लेकिन यह बारिश जंगल की आग को कम करने में खासी भूमिका निभाई है। बमुश्किल आधा मिलीमीटर बारिश से तपिश में कमी आई। जिससे धधक रहे जंगलों पर काफी हद तक काबू पाया जा सका है। वन क्षेत्राधिकारी केआर टम्टा का कहना है कि कम बारिश के बावजूद इससे जंगलों पर खतरा कम हुआ है। इस बार मध्य फरवरी से शुरू दावाग्नि अवधि के पहले दो माह में 60 हेक्टेयर से अधिक वन संपदा प्रभावित हुुई है।