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पत्नी के हत्यारोपी पति को जेल भेजा
अमर उजाला ब्यूरोचंपावत
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:44 PM IST
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हत्यारोपी इश्वरी दत्त भट्ट
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के लेक अमोड़ी गांव में रविवार को कुल्हाड़ी से काट कर पत्नी को मौत के घाट उतारने के आरोपी ईश्वरी दत्त भट्ट को सीजेएम की अदालत ने जेल भेज दिया है। आरोपी के खिलाफ चंपावत कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। अभियुक्त की निशानदेही पर सोमवार को पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। उधर मृतका का पोस्टमार्टम करने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। अमोड़ी क्षेत्र सदमे से उबर नहीं पाया है।
कोतवाल उत्तम सिंह ने बताया कि हत्यारोपी ईश्वरी दत्त भट्ट के खिलाफ उसके पिता जोगा दत्त भट्ट ने आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने घर के अंदर छिपा कर रखी गई कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। डॉ. आरपी खंडूरी, डॉ. इंद्रजीत पांडेय ने सोमवार को शव का पोस्टमार्टम किया। बाद में अमोड़ी के स्थानीय भोलेश्वर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए।
मेरी ईज कां जा रे...
चंपावत। मेरी ईज कां जा रे... (मेरी मां कहां गई) ये कहते हुए तीन साल का मनोज लगातार रोते हुए मां से मिलने की जिद कर रहा है, लेकिन मासूम मनोज को नहीं पता कि उसकी मां अब कभी लौट कर नहीं आएगी। मनोज की जिद को देख सबकी आंखें नम हो जा रही है। कविता (14), बबीता (8), सविता (6) का भी रो रो कर बुरा हाल है, जबकि डेढ़ माह का रोहित इस घटना से अंजान है।
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बेहद सरल स्वभाव की थी मृतका ममता
चंपावत। शक्की पति के हमले से मृत ममता देवी बेहद सरल स्वभाव की थी। स्थानीय निवासी दीपक सिंह बोहरा, दिनेश भट्ट, दुर्गादत्त भट्ट, खीमानंद भट्ट, मथुरादत्त का कहना है कि मृतका पर लगाए गए अवैध संबंधों के आरोप बेबुनियाद हैं। उनका कहना है कि ममता देवी बेहद मिलनसार स्वभाव की थी।
स्नातक होने के साथ साक्षरता प्रेरक रह चुका है आरोपी
चंपावत। आरोपी ईश्वरी दत्त भट्ट कुछ साल से बेरोजगार था। स्नातक की पढ़ाई कर चुका आरोपी इससे पूर्व साक्षरता प्रेरक भी रह चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है बेहद शक्की स्वभाव का ईश्वरी भट्ट अक्सर पत्नी समेत अन्य ग्रामीणों पर भी अनर्गल आरोप लगाता रहता था। इसी बात को लेकर कई बार उसका ग्रामीणों, पत्नी से झगड़ा भी होता रहता था।
कड़ी सजा दिलाने के लिए बना रहे मेजरनामा
चंपावत। अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी ईश्वरी दत्त भट्ट को लेकर ग्रामीणों में बेहद नाराजगी है। आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर स्थानीय नागरिक मेजरनामा बना रहे हैं। इसे बाद में डीएम, एसपी को दिया जाएगा।
मृतका को चीखने तक का मौका नहीं दिया
चंपावत। आरोपी ईश्वरी दत्त भट्ट ने बेहद निर्मम तरीके से अपनी पत्नी को मौत के घाट उतारा। उसने अपनी पत्नी को चीखने तक का मौका नहीं दिया। बताया जाता है कि रविवार को लेक अमोड़ी गांव में एक ग्रामीण के मकान में लिंटर पड़ रहा था, हत्या से पहले आरोपी ने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ लिंटर में बने भोज में खाना खाया था। ममता जब भोज का बचा खाना गोशाला में गायों को देकर लौट रही थी तो घर की सीढ़ी में कुल्हाड़ी लेकर घात लगाकर बैठे ईश्वरी दत्त ने उसे बोलने तक का मौका नहीं दिया और एक के बाद एक वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
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कोतवाल उत्तम सिंह ने बताया कि हत्यारोपी ईश्वरी दत्त भट्ट के खिलाफ उसके पिता जोगा दत्त भट्ट ने आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने घर के अंदर छिपा कर रखी गई कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। डॉ. आरपी खंडूरी, डॉ. इंद्रजीत पांडेय ने सोमवार को शव का पोस्टमार्टम किया। बाद में अमोड़ी के स्थानीय भोलेश्वर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए।
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मेरी ईज कां जा रे...
चंपावत। मेरी ईज कां जा रे... (मेरी मां कहां गई) ये कहते हुए तीन साल का मनोज लगातार रोते हुए मां से मिलने की जिद कर रहा है, लेकिन मासूम मनोज को नहीं पता कि उसकी मां अब कभी लौट कर नहीं आएगी। मनोज की जिद को देख सबकी आंखें नम हो जा रही है। कविता (14), बबीता (8), सविता (6) का भी रो रो कर बुरा हाल है, जबकि डेढ़ माह का रोहित इस घटना से अंजान है।
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बेहद सरल स्वभाव की थी मृतका ममता
चंपावत। शक्की पति के हमले से मृत ममता देवी बेहद सरल स्वभाव की थी। स्थानीय निवासी दीपक सिंह बोहरा, दिनेश भट्ट, दुर्गादत्त भट्ट, खीमानंद भट्ट, मथुरादत्त का कहना है कि मृतका पर लगाए गए अवैध संबंधों के आरोप बेबुनियाद हैं। उनका कहना है कि ममता देवी बेहद मिलनसार स्वभाव की थी।
स्नातक होने के साथ साक्षरता प्रेरक रह चुका है आरोपी
चंपावत। आरोपी ईश्वरी दत्त भट्ट कुछ साल से बेरोजगार था। स्नातक की पढ़ाई कर चुका आरोपी इससे पूर्व साक्षरता प्रेरक भी रह चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है बेहद शक्की स्वभाव का ईश्वरी भट्ट अक्सर पत्नी समेत अन्य ग्रामीणों पर भी अनर्गल आरोप लगाता रहता था। इसी बात को लेकर कई बार उसका ग्रामीणों, पत्नी से झगड़ा भी होता रहता था।
कड़ी सजा दिलाने के लिए बना रहे मेजरनामा
चंपावत। अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी ईश्वरी दत्त भट्ट को लेकर ग्रामीणों में बेहद नाराजगी है। आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर स्थानीय नागरिक मेजरनामा बना रहे हैं। इसे बाद में डीएम, एसपी को दिया जाएगा।
मृतका को चीखने तक का मौका नहीं दिया
चंपावत। आरोपी ईश्वरी दत्त भट्ट ने बेहद निर्मम तरीके से अपनी पत्नी को मौत के घाट उतारा। उसने अपनी पत्नी को चीखने तक का मौका नहीं दिया। बताया जाता है कि रविवार को लेक अमोड़ी गांव में एक ग्रामीण के मकान में लिंटर पड़ रहा था, हत्या से पहले आरोपी ने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ लिंटर में बने भोज में खाना खाया था। ममता जब भोज का बचा खाना गोशाला में गायों को देकर लौट रही थी तो घर की सीढ़ी में कुल्हाड़ी लेकर घात लगाकर बैठे ईश्वरी दत्त ने उसे बोलने तक का मौका नहीं दिया और एक के बाद एक वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।