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क्यों मृत्यु लोक में आई, नमो जगतारिणी गंगे...
अमर उजाला ब्यूूूूराे लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:40 PM IST
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लोहाघाट के सुंई में बैठकी होली के रागों में झूमते होल्यार।
- फोटो : अमर उजाला
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नगर के पास सुंई गांव में बैठकी होली की धूम मची है। भगवती जागरण समिति की ओर से प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं होल्यार राजेश चौबे के आवास में हुई बैठकी होली का शुभारंभ होल्यार कृष्णानंद चौबे ने किया। उन्होंने जगतारिणी गंगा मां की स्तुति करते हुए कहा कि-क्यों मृत्यु लोक में आई, नमो जगतारिणी गंगे।
गोविंद चौबे ने राग काफी में जटन विराजत गंगे, भोलेनाथ दिगंबर, गिरीश चौबे ने राग जंगला काफी में बता दे सखि कौन गली गये श्याम, कैलाश चौबे ने कहरवा तीन ताल में चलो री सखि नित यमुना के तीर, गंगा नहाये पाप कटत है, निर्मल होत शरीर की प्रस्तुति दी। मेजबान राजेश चौबे ने भगवान कृष्ण की बंशी की तान का वर्णन करते हुए कहा मन मोह लिया मेरो बंशी को बजाके, मुरली को बजा के, बेसुध किया दिलदार ने जुल्फों को गिरा के, की प्रस्तुति ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। होली में केशव दत्त, केदार दत्त, मदन मोहन, राजेश कुमार, भुवन चौबे, कपिल, सौरभ आदि ने सुर में सुर मिलाया।
गोविंद चौबे ने राग काफी में जटन विराजत गंगे, भोलेनाथ दिगंबर, गिरीश चौबे ने राग जंगला काफी में बता दे सखि कौन गली गये श्याम, कैलाश चौबे ने कहरवा तीन ताल में चलो री सखि नित यमुना के तीर, गंगा नहाये पाप कटत है, निर्मल होत शरीर की प्रस्तुति दी। मेजबान राजेश चौबे ने भगवान कृष्ण की बंशी की तान का वर्णन करते हुए कहा मन मोह लिया मेरो बंशी को बजाके, मुरली को बजा के, बेसुध किया दिलदार ने जुल्फों को गिरा के, की प्रस्तुति ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। होली में केशव दत्त, केदार दत्त, मदन मोहन, राजेश कुमार, भुवन चौबे, कपिल, सौरभ आदि ने सुर में सुर मिलाया।
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