फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   When will the burden of children's heavy bags reduce?

Champawat News: कब कम होगा बच्चों के भारीं भरकम बस्तों का बोझ

Fri, 03 Jan 2025 12:00 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Fri, 03 Jan 2025 12:00 AM IST
विज्ञापन
When will the burden of children's heavy bags reduce?
चंपावत। शिक्षा विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी निजी स्कूली बच्चों के बस्ते का वजन कम नहीं हो रहा है। विभाग की ओर से सभी निजी विद्यालयों को बस्तों का वजन तय मानकानुसार किए जाने को लेकर निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके बच्चों का बस्ता भारी होता जा रहा है। अभिभावकों की मांग है कि बच्चों का बस्ता कम से कम वजन का रखा जाए।
विज्ञापन

अभिभावकों का कहना है कि निजी विद्यालयों के प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चे अपने नाजुक कंधों में कापी किताबों का भारी भरकम वजन उठा रहे हैं। ऐसे में अधिकांश अभिभावक बच्चों के बस्ते का वजन अपने कंधे में उठाकर उसे स्कूल तक पहुंचाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

अभिभावकों की ओर से इस संबंध में विद्यालयों की शिकायत से मौखिक रूप में विभाग को अवगत कराया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया है कि ऐसे सभी विद्यालयों पर नकेल कसने की तैयारी की जा रही है, जो मानकों के अनुसार बच्चों के बस्ते का वजन तय नहीं कर अपनी मनमानी कर रहे हैं। विभाग की ओर से जारी नियमों का उल्लंंघन करने और अनियमितता पाए जाने पर ऐसे सभी विद्यालयों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से ऐसे सभी विद्यालयों की मॉनिटरिंग कराई गई है। लेकिन नौ माह बीत गए हालात अभी भी जस के तस बने हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
अभिभावकों की ओर से मिल रही मौखिक सूचना के आधार पर इन सभी विद्यालयों को चेताया गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से ऐसे सभी विद्यालयों पर नजर रखी जा रही है। शासन की ओर से जारी मानकों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। - मेहरबान सिंह बिष्ट सीईओ चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed