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जान लेवा महामारी के खौफ के बीच शादियों की भरमार
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लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में कोरोना महामारी के बीच शादियों की भी भरमार हो रही है। एक सप्ताह के भीतर 150 लोगों की ओर से शादी आयोजनों के लिए अनुमति के लिए आवेदन किया है। प्रशासन की ओर से कोविड गाइड लाइन के दिशा निर्देशों के अनुसार विवाह आयोजन के लिए अनुमति जारी की जा रही है।
एसडीएम आरसी गौतम ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को सशर्त अनुमति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में 150 लोगों को विवाह की अनुमति जारी की गई है। एसडीएम ने बताया कि विवाह स्थल में दोनों पक्षों के अधिकतम 50 लोग होने, वाहनों में क्षमता के 50 फीसदी यात्री बैठाने, मास्क, सामाजिक दूरी, सैनिटाइजर का प्रयोग करने, बारात घर में क्षमता से 50 प्रतिशत लोगों की अनुमति दी जा रही है। एसडीएम ने बताया कि आयोजकों की लापरवाही के चलते कोरोना फैलने पर अनुमति लेने वाले की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विवाह वाले घरों में अनिवार्य कोविड सैंपलिंग होगी
चंपावत। डीएम विनीत तोमर ने दूसरे जिलों और दूसरे राज्यों से चंपावत जिले में आने वाले हर व्यक्ति की सैंपलिंग और होम आइसोलेशन कराने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कोरोना से निपटने को समीक्षा बैठक में उन्होंने जिले में आने वाले सभी लोगों का ब्यौरा रखने और गांव आने वाले हर व्यक्ति को अनिवार्य रूप से होम आइसोलेशन करने की हिदायत दी। विवाह वाले घरों में अनिवार्य रूप से सैंपलिंग और प्रत्येक संक्रमित व्यक्ति को चार घंटों के भीतर कोविड मेडिकल किट देने के सीएमओ को आदेश दिए। बैठक में एसपी लोकेश्वर सिंह, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, एडीएम टीएस मर्तोलिया, सीडीओ आरएस रावत, टीओ रिचांशु शर्मा, एसडीएम अनिल गब्र्याल, एपीडी विम्मी जोशी, डीडीओ एसके पंत, एसीएमओ डॉ. श्वेता खर्कवाल, डॉ. इंद्रजीत पांडेय, डीडीएमओ मनोज पांडेय आदि मौजूद थे। (संवाद)
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चंपावत। कोविड की दूसरी लहर के बीच कुछ लोग विवाह की तिथि को आगे खिसका रहे हैं, तो कुछ ऐसे भी है जो तय संख्या से काफी कम बारातियों के साथ विवाह की रस्म निभा रहे हैं। ऐसी ही एक बारात टनकपुर में हुई। कोविड दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस विवाह समारोह में निर्धारित क्षमता से महज पांच प्रतिशत लोग शामिल हुए।
टनकपुर के नंदाबल्लभ पंत के बेटे प्रभात का विवाह रुद्रपुर के रमेश चंद्र अवस्थी की बेटी दीप्ति से हुआ। कोरोना के बीच हुए इस कार्यक्रम को दोनों परिवारों ने दो दिनी विवाह को एक दिन में महज चार घंटे में पूरा कर डाला। सबसे बड़ी बात यह रही कि दोनों पक्षों से 100-100 लोगों की इजाजत के बावजूद विवाह में सिर्फ 11 लोग शामिल हुए। न कोई महिला संगीत हुआ न प्रीति भोज। विवाह कराने वाले पंडित प्रकाश चंद्र मिश्रा और पंडित सुरेश तिवारी का कहना है कि कोविड के इस भयावह माहौल में विवाह या किसी भी मांगलिक कार्यक्रम में अधिक से अधिक सावधानी बरत कर रस्म पूरी की जानी चाहिए। ऐसा करने से समाज में सकारात्मक संदेश जाने के साथ संक्रमण का खतरा भी कम होगा।
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एसडीएम आरसी गौतम ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को सशर्त अनुमति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में 150 लोगों को विवाह की अनुमति जारी की गई है। एसडीएम ने बताया कि विवाह स्थल में दोनों पक्षों के अधिकतम 50 लोग होने, वाहनों में क्षमता के 50 फीसदी यात्री बैठाने, मास्क, सामाजिक दूरी, सैनिटाइजर का प्रयोग करने, बारात घर में क्षमता से 50 प्रतिशत लोगों की अनुमति दी जा रही है। एसडीएम ने बताया कि आयोजकों की लापरवाही के चलते कोरोना फैलने पर अनुमति लेने वाले की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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विवाह वाले घरों में अनिवार्य कोविड सैंपलिंग होगी
चंपावत। डीएम विनीत तोमर ने दूसरे जिलों और दूसरे राज्यों से चंपावत जिले में आने वाले हर व्यक्ति की सैंपलिंग और होम आइसोलेशन कराने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कोरोना से निपटने को समीक्षा बैठक में उन्होंने जिले में आने वाले सभी लोगों का ब्यौरा रखने और गांव आने वाले हर व्यक्ति को अनिवार्य रूप से होम आइसोलेशन करने की हिदायत दी। विवाह वाले घरों में अनिवार्य रूप से सैंपलिंग और प्रत्येक संक्रमित व्यक्ति को चार घंटों के भीतर कोविड मेडिकल किट देने के सीएमओ को आदेश दिए। बैठक में एसपी लोकेश्वर सिंह, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, एडीएम टीएस मर्तोलिया, सीडीओ आरएस रावत, टीओ रिचांशु शर्मा, एसडीएम अनिल गब्र्याल, एपीडी विम्मी जोशी, डीडीओ एसके पंत, एसीएमओ डॉ. श्वेता खर्कवाल, डॉ. इंद्रजीत पांडेय, डीडीएमओ मनोज पांडेय आदि मौजूद थे। (संवाद)
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चंपावत। कोविड की दूसरी लहर के बीच कुछ लोग विवाह की तिथि को आगे खिसका रहे हैं, तो कुछ ऐसे भी है जो तय संख्या से काफी कम बारातियों के साथ विवाह की रस्म निभा रहे हैं। ऐसी ही एक बारात टनकपुर में हुई। कोविड दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस विवाह समारोह में निर्धारित क्षमता से महज पांच प्रतिशत लोग शामिल हुए।
टनकपुर के नंदाबल्लभ पंत के बेटे प्रभात का विवाह रुद्रपुर के रमेश चंद्र अवस्थी की बेटी दीप्ति से हुआ। कोरोना के बीच हुए इस कार्यक्रम को दोनों परिवारों ने दो दिनी विवाह को एक दिन में महज चार घंटे में पूरा कर डाला। सबसे बड़ी बात यह रही कि दोनों पक्षों से 100-100 लोगों की इजाजत के बावजूद विवाह में सिर्फ 11 लोग शामिल हुए। न कोई महिला संगीत हुआ न प्रीति भोज। विवाह कराने वाले पंडित प्रकाश चंद्र मिश्रा और पंडित सुरेश तिवारी का कहना है कि कोविड के इस भयावह माहौल में विवाह या किसी भी मांगलिक कार्यक्रम में अधिक से अधिक सावधानी बरत कर रस्म पूरी की जानी चाहिए। ऐसा करने से समाज में सकारात्मक संदेश जाने के साथ संक्रमण का खतरा भी कम होगा।