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टेली मेडिसिन की राह का रोड़ा बना कमजोर नेटवर्क
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नेपाल सीमा से लगे मंच अस्पताल में टेली मेडिसिन प्रणाली की कवायद करते सीएमओ।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। कमजोर इंटरनेट सेवाएं जिले के दो दूरस्थ सरकारी अस्पतालों में टेली मेडिसिन की राह में बाधक बन गई है। आधारभूत ढांचा लगाने के बावजूद इस प्रणाली से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग रेडियो फ्रीक्वेंसी के माध्यम से इसे सुचारु करेगा। इसके लिए विभाग ने धन की मांग की है।
जिले में 107 डॉक्टरों के सापेक्ष महज 59 डॉक्टर ही तैनात हैं। डॉक्टरों की कमी से जिले के दूरदराज के क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवा पर असर पड़ रहा है। इसके मद्देनजर 2019 में दूरदराज के चार अस्पतालों में टेली मेडिसिन की सुविधा के लिए पहल की गई। दूरदराज के चार अस्पतालों (पाटी, पुलहिंडोला, चौड़ामेहता व मंच) में टेली मेडिसिन सिस्टम लगाया गया है। लेकिन इनमें से मंच व चौड़ामेहता में यह सिस्टम काम नहीं कर रहा है। मोबाइल नेटवर्किंग के कमजोर सिग्नल के चलते लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मंच और चौड़ामेहता में इंटरनेट की दिक्कत आ रही है। कमजोर नेटवर्क से टेली मेडिसन सुविधा का उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसके विकल्प के रूप में आरएफ (रेडियो फ्रीक्वेंसी) सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी से दो लाख रुपये की मांग की गई है।
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डॉ. आरपी खंडूरी,
सीएमओ, चंपावत।
पाटी व पुलहिंडोला में शुरू हुई टेली मेडिसिन सुविधा
जिले में फिलहाल पाटी और पुलहिंडोला में टेली मेडिसिन शुरू हो गई है। रोजाना पांच मरीज इस सुविधा का लाभ ले सकेेंगे। फिलहाल दोनों अस्पतालों में छह लोगों ने इसका लाभ लिया है। सीएमओ ने बताया कि इसके लिए इन अस्पतालों के डॉक्टर ई-संजीवनी एप में मरीज का नाम और उम्र दर्ज करनी होगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग से बीमारी का पता लगाने, रिपोर्ट का आकलन करने और जरूरी दवाओं की परामर्श विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल के डॉक्टर के जरिये मरीज को देते हैं।
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जिले में 107 डॉक्टरों के सापेक्ष महज 59 डॉक्टर ही तैनात हैं। डॉक्टरों की कमी से जिले के दूरदराज के क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवा पर असर पड़ रहा है। इसके मद्देनजर 2019 में दूरदराज के चार अस्पतालों में टेली मेडिसिन की सुविधा के लिए पहल की गई। दूरदराज के चार अस्पतालों (पाटी, पुलहिंडोला, चौड़ामेहता व मंच) में टेली मेडिसिन सिस्टम लगाया गया है। लेकिन इनमें से मंच व चौड़ामेहता में यह सिस्टम काम नहीं कर रहा है। मोबाइल नेटवर्किंग के कमजोर सिग्नल के चलते लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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मंच और चौड़ामेहता में इंटरनेट की दिक्कत आ रही है। कमजोर नेटवर्क से टेली मेडिसन सुविधा का उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसके विकल्प के रूप में आरएफ (रेडियो फ्रीक्वेंसी) सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी से दो लाख रुपये की मांग की गई है।
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डॉ. आरपी खंडूरी,
सीएमओ, चंपावत।
पाटी व पुलहिंडोला में शुरू हुई टेली मेडिसिन सुविधा
जिले में फिलहाल पाटी और पुलहिंडोला में टेली मेडिसिन शुरू हो गई है। रोजाना पांच मरीज इस सुविधा का लाभ ले सकेेंगे। फिलहाल दोनों अस्पतालों में छह लोगों ने इसका लाभ लिया है। सीएमओ ने बताया कि इसके लिए इन अस्पतालों के डॉक्टर ई-संजीवनी एप में मरीज का नाम और उम्र दर्ज करनी होगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग से बीमारी का पता लगाने, रिपोर्ट का आकलन करने और जरूरी दवाओं की परामर्श विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल के डॉक्टर के जरिये मरीज को देते हैं।