{"_id":"572254604f1c1b783ba920ac","slug":"water-crisis-in-lohaghat","type":"story","status":"publish","title_hn":"गहराता जा रहा है पेयजल संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गहराता जा रहा है पेयजल संकट
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Thu, 28 Apr 2016 11:50 PM IST
विज्ञापन
लोहाघाट में जलस्रोतों पर लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोहाघाट (चंपावत)। मौसम में बढ़ती तपन के कारण नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट जहां गहराता जा रहा है, वहीं दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त का भी प्रकोप शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को एक-दो मरीज उल्टी-दस्त के अस्पताल आए थे, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है।
विज्ञापन
नगर क्षेत्र के लिए जल संस्थान 18 किमी दूर बाराकोट के पास और बलांई गधेरे से टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति कर रहा है। पानी के लिए अक्कलधारा और नर्सरी गधेरों में लोगों की भीड़ लग रही है।
विज्ञापन
बाराकोट में दिनभर आईटीबीपी, सेना और बारातों के वाहनों के पानी भरने के कारण जल संस्थान को मुश्किल से पानी मिल पा रहा है। नगर के समीप सेरीगैर में गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया है।
विज्ञापन
यहां के हैंडपंप में लोगों की भीड़ लगी रहती है। पेयजल संकट को देखते हुए बृहस्पतिवार को पिकअप के जरिए लोगों को जलापूर्ति की गई। संस्थान के सहायक अभियंता विशाल सक्सेना और जलकल अभियंता पवन बिष्ट ने एसडीएम सीएस डोबाल को पेयजल समस्या की ताजा स्थिति की जानकारी दी।
एसडीएम ने तहसीलदार नीलू चावला को जल संस्थान द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया है। उधर सलना गधेरे में लघु सिंचाई विभाग की ओर से पानी छोड़े जाने से अब बाराकोट, पम्दा, ईजड़ा, कालाकोट आदि गांवों के लोगों को राहत मिली है।
इधर कर्णकरायत में 25 निजी जल स्तंभों में 13 टुल्लू पंप लगाए पाए गए। संस्थान के अभियंताओं ने सभी से टुल्लू पंप हटाने को कहा है। वहीं, सीएमएस डा. मंजीत सिंह ने बताया कि सीएचसी अस्पताल में बृहस्पतिवार को एक-दो मरीज उल्टी-दस्त के आए थे, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है।
लोहाघाट (चंपावत)। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने सड़क निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्थाओं और अन्य लोगों को सख्त हिदायत दी कि वे निर्माण कार्यों के समय इस बात का ध्यान रखें कि पेयजल योजनाओं पर कोई प्रभाव न पड़े।
यदि कहीं पर पाइप लाइन टूटती हैं तो उसे तत्काल ठीक करने का उत्तरदायित्व संबंधित कार्यदायी संस्था का होगा। डीएम ने पेयजल योजनाओं में तोड़फोड़ करने वालों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई करने का भी आदेश दिया है।