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नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार

Mon, 08 May 2017 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Mon, 08 May 2017 11:26 PM IST
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Wasting for water in urban and rural areas
लोहाघाट में हैंड पंप से पानी भरते लोग - फोटो : अमर उजाला

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जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। मौसम में तपिश बढ़ने के साथ ही जल स्रोतों में 60 फीसदी गिरावट आने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की पूरी निर्भरता गाढ़ गधेरों, नौलों धारों, हैंड पंपों में टिक गई है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण जिला मुख्यालय की अधिकांश पेयजल योजनाएं सूखने के कगार पर हैं। जल संस्थान की ओर से वैकल्पिक उपाय के रूप में टैंकर और पिकअप वाहनों के जरिए पेयजल का वितरण किया जा रहा है। लेकिन यह प्रयास उंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। आलम ये हैं कि जल संस्थान के टैंकर से रात में भी आपूर्ति की जा रही है। वहीं सभी हैंडपंपों में पानी भरने वालों की लाइन लग रही हैं। 

लोहाघाट में जल संस्थान की ओर से चार स्थानों पर पेयजल टैंकों से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है, जबकि दो स्थानों में पिकअप से लोगों को पानी बांटा जा रहा है। नगर में 1620 केएल प्रतिदिन पानी की आवश्यकता है, इसके विपरीत बमुश्किल मात्र 450 केएल पानी ही मिल पा रहा है। लोगों को दो तीन दिन के अंतर में जलापूर्ति की जा रही है। लोग शिवालय मंदिर के पास बने स्टेंड पोस्ट, नर्सरी गधेरे, अक्कलधारे में सुबह तड़के से ही लाइन में लग जा रहे हैं।
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नगर से लगी रायनगर चौड़ी गांव के लिए बनगांव से बनी पेयजल योजना के जल स्तर में भारी गिरावट आने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल किल्लत के चले ग्रामीण सुबह से ही नौलों में लाइन लगाने को मजबूर हैं। ब्लॉक लोहाघाट के जाख, जिंडी, खूना, बनीगांव पेयजल योजना के जल स्तर में करीब 60 फीसदी कमी आ गई है। यहां के पेयजल टैंकों में जल संस्थान पिकअप से जलापूर्ति कर रहा है। जबकि पुलहिंडोला और नगर से लगे सेरीगैर में पिकअप के जरिए जलापूर्ति की जा रही है। जल संस्थान के अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि पेयजल स्रोतों में करीब 70 फीसदी की कमी आ गई है। पेयजल समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए विभाग ने पिकअपों से जलापूर्ति शुरू कर दी है। 
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