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Champawat News: शिक्षकों में बढ़ रही वोकल कॉर्ड नोड्यूल की बीमारी
Wed, 12 Jun 2024 12:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 12 Jun 2024 12:06 AM IST
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चंपावत। जिले में शिक्षकों में वोकल कॉर्ड नोड्यूल (बाेलने वाले तार में गांठ) के मामले सामने आने लगे हैं। पिछले कुछ समय से इस बीमारी से परेशान पांच शिक्षक अस्पताल आ चुके हैं। इसके अलावा एक परिचालक भी है।
जिला अस्पताल में एक दिन में पांच शिक्षक और एक परिचालक वोकल कॉर्ड नोड्यूल के इलाज के लिए आए। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र चौहान ने बताया कि में वोकल कॉर्ड नोड्यूल बाेलने वाले तार में गांठ बनने वाले बीमारी है। यह बीमारी अधिक बोलने वाले लोगों में होती है, लेकिन इस बार एक दिन में छह मरीज इस बीमारी के पहुंचे। उन्होंने बताया कि आवाज का बैठना, सांस फूलना, स्वर थकान, अपनी आवाज खोना, बार-बार खांसी आना, गला साफ करने में कठिनाई होना बीमारी के लक्षण हैं। यह बीमारी शिक्षक, सिंगर, कंडक्टर को अधिक होती है। बार-बार लंबे समय तक तेज आवाज में बोलने के कारण यह बीमारी हो सकती है। संवाद
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बीमारी में तला भुना खाने से बचे
चंपावत। डॉक्टरों के मुताबिक बीमारी होने पर तला भुना खाने से बचे। अधिक से अधिक पानी पीते रहें। बीमारी से संबंधित अगर लक्षण का एहसास हो तो चिकित्सक को दिखाकर दवा लें। मामूली खांसी समझकर स्थानीय मेडिकल स्टोर से दवा न लें। एक ही दिन में छह लोग आने से चिकित्सक भी हैरान हैं। जबकि माह में कभी कभार इस बीमारी का एक मरीज आता था।
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जिला अस्पताल में एक दिन में पांच शिक्षक और एक परिचालक वोकल कॉर्ड नोड्यूल के इलाज के लिए आए। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र चौहान ने बताया कि में वोकल कॉर्ड नोड्यूल बाेलने वाले तार में गांठ बनने वाले बीमारी है। यह बीमारी अधिक बोलने वाले लोगों में होती है, लेकिन इस बार एक दिन में छह मरीज इस बीमारी के पहुंचे। उन्होंने बताया कि आवाज का बैठना, सांस फूलना, स्वर थकान, अपनी आवाज खोना, बार-बार खांसी आना, गला साफ करने में कठिनाई होना बीमारी के लक्षण हैं। यह बीमारी शिक्षक, सिंगर, कंडक्टर को अधिक होती है। बार-बार लंबे समय तक तेज आवाज में बोलने के कारण यह बीमारी हो सकती है। संवाद
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बीमारी में तला भुना खाने से बचे
चंपावत। डॉक्टरों के मुताबिक बीमारी होने पर तला भुना खाने से बचे। अधिक से अधिक पानी पीते रहें। बीमारी से संबंधित अगर लक्षण का एहसास हो तो चिकित्सक को दिखाकर दवा लें। मामूली खांसी समझकर स्थानीय मेडिकल स्टोर से दवा न लें। एक ही दिन में छह लोग आने से चिकित्सक भी हैरान हैं। जबकि माह में कभी कभार इस बीमारी का एक मरीज आता था।
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