बनबसा (चंपावत)। ग्रामीणों से कथित रूप से मारपीट का मामला सामने आने पर गांव के कुछ लोगों ने एसएसबी की चौकी का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि जवानों ने चेकिंग के नाम पर मारपीट की है। हालांकि थाने में किसी ने ऐसी कोई तहरीर नहीं दी है। उधर एसएसबी ने ग्रामीणों के आरोपों को गलत बताया। बाद में थानाध्यक्ष की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
ग्रामीणों ने बताया कि बृहस्पतिवार को एसएसबी जवानों ने कुछ ग्रामीणों को बिना बात के पीट दिया। दरअसल ग्रामीण तस्करों को पकड़कर पुलिस को सौंपने और उनसे मारपीट करने का विरोध कर रहे थे। एसएसबी का कहना है कि इन दिनों नेपाल से दूध की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सीमा पर सख्त चेकिंग और दूध की तस्करी रोकने निर्देश दिए हैं। इसके तहत कुछ दूध तस्करों को पकड़ा भी गया है। इन तस्करों ने एसएसबी को भविष्य में तस्करी नहीं करने के बारे में लिख कर भी दिया है। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, थानाध्यक्ष की मौजूदगी में ग्रामीणों और एसएसबी जवानों के बीच समझौता हो गया। थानाध्यक्ष धर्मवीर सोलंकी ने बताया कि दोनों पक्षों की गलतफहमी दूर कर दी गई है। इधर गढ़ीगोठ एसएसबी के कमांडर एसआई सुनील कुमार ने ग्रामीणों के साथ मारपीट के आरोप को निराधार बताया। इस मौके पर प्रधान प्रतिनिधि जसवंत सिंह बसेड़ा, भाजपा जिला महामंत्री दीपक रजवार, विनोद भारती, गजेंद्र सामंत, सुनीता बिष्ट आदि मौजूद थे।