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खनन के विरोध में ग्रामीणों ने तहसील में किया प्रदर्शन
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टनकपुर तहसील में प्रदर्शन करते थ्वालखेड़ा के ग्रामीण।
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। रीवर ट्रेनिंग नीति के तहत नायकगोठ और थ्वालखेड़ा के बीच किरोड़ा नाले में प्रशासन द्वारा की जा रही खनन की कार्रवाई से भड़के ग्रामीणों ने तहसील में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने गांवों की सुरक्षा को ताक में रख किसी सूरत में खनन नहीं होने देने का एलान किया। एसडीएम को ज्ञापन देकर खनन की कार्रवाई निरस्त करने की मांग उठाई।
प्रशासन ने शुक्रवार को किरोड़ा नाले से खनन के लिए टेंडर आमंत्रित किए। इससे भड़के थ्वालखेड़ा, नायकगोठ, उचौलीगोठ और गैंड़ाखाली क्षेत्र के ग्रामीण थ्वालखेड़ा की ग्राम प्रधान दीपा बोहरा की अगुवाई में तहसील आ धमके। उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए किरोड़ा से खनन की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि नाले हो रहे कटाव से आसपास के गांवों पर पहले ही खतरा मंडरा रहा है। गांवों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने के बजाय प्रशासन प्रशासन खनन कराने का प्रयास कर रहा है। इसे वह किसी सूरत में नहीं होने देंगे। प्रदर्शन करने वालों में सतीश पांडेय, नरेश सकारी, ममता महर, हेम चंद्र जोशी, भीम सिंह, गणेश सिंह, उमापति, उप प्रधान लक्ष्मी थ्वाल, जगदीश थ्वाल, सुदंरी देवी, अर्जुन सिंह, फते सिंह, राम दत्त, शिवराज सिंह बोहरा, महेश्वरी देवी, बलवीर चंद, निशा चंद, राजेश, खीमा देवी, दीपा देवी, ईश्वरी देवी, बबीता देवी, कौशल्या देवी समेत कई ग्रामीण शामिल थे।
दूसरी बार रद्द हुई किरोड़ा में खनन ठेके की नीलामी
टनकपुर (चंपावत)। ग्रामीणों के विरोध और कोई निविदा नहीं आने से शुक्रवार को किरोड़ा नाले में खनन का ठेका दूसरी बार निरस्त हो गया है। रीवर ट्रेनिंग नीति के तहत प्रशासन ने नायकगोठ व थ्वालखेड़ा के बीच किरोड़ा नाले से खनन के पांच पट्टों का ठेका आवंटन के लिए शुक्रवार को टेंडर आमंत्रित किए गए थे। लेकिन किसी ठेकेदार ने निविदा नहीं डाली। एसडीएम कार्यालय के लिए निविदा नहीं आने से ठेके की नीलामी निरस्त कर दी गई है। संवाद
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प्रशासन ने शुक्रवार को किरोड़ा नाले से खनन के लिए टेंडर आमंत्रित किए। इससे भड़के थ्वालखेड़ा, नायकगोठ, उचौलीगोठ और गैंड़ाखाली क्षेत्र के ग्रामीण थ्वालखेड़ा की ग्राम प्रधान दीपा बोहरा की अगुवाई में तहसील आ धमके। उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए किरोड़ा से खनन की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि नाले हो रहे कटाव से आसपास के गांवों पर पहले ही खतरा मंडरा रहा है। गांवों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने के बजाय प्रशासन प्रशासन खनन कराने का प्रयास कर रहा है। इसे वह किसी सूरत में नहीं होने देंगे। प्रदर्शन करने वालों में सतीश पांडेय, नरेश सकारी, ममता महर, हेम चंद्र जोशी, भीम सिंह, गणेश सिंह, उमापति, उप प्रधान लक्ष्मी थ्वाल, जगदीश थ्वाल, सुदंरी देवी, अर्जुन सिंह, फते सिंह, राम दत्त, शिवराज सिंह बोहरा, महेश्वरी देवी, बलवीर चंद, निशा चंद, राजेश, खीमा देवी, दीपा देवी, ईश्वरी देवी, बबीता देवी, कौशल्या देवी समेत कई ग्रामीण शामिल थे।
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दूसरी बार रद्द हुई किरोड़ा में खनन ठेके की नीलामी
टनकपुर (चंपावत)। ग्रामीणों के विरोध और कोई निविदा नहीं आने से शुक्रवार को किरोड़ा नाले में खनन का ठेका दूसरी बार निरस्त हो गया है। रीवर ट्रेनिंग नीति के तहत प्रशासन ने नायकगोठ व थ्वालखेड़ा के बीच किरोड़ा नाले से खनन के पांच पट्टों का ठेका आवंटन के लिए शुक्रवार को टेंडर आमंत्रित किए गए थे। लेकिन किसी ठेकेदार ने निविदा नहीं डाली। एसडीएम कार्यालय के लिए निविदा नहीं आने से ठेके की नीलामी निरस्त कर दी गई है। संवाद
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