फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Villagers of Digali Chaud kept Nirjala fast and asked for water

Champawat News: दिगालीचौड़ के ग्रामीणों ने निर्जला व्रत रख कर मांगा पानी

Tue, 18 Jun 2024 11:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Tue, 18 Jun 2024 11:44 PM IST
विज्ञापन
Villagers of Digali Chaud kept Nirjala fast and asked for water
चंपावत में पानी की मांग को लेकर निर्जला उपवास पर बैठे दिगालीचौड़ के ग्रामीण। संवाद
चंपावत। जिले के सीमांत दिगालीचौड़ के ग्रामीणों ने पेयजल मांग को लेकर मंगलवार को निर्जला एकादशी के दिन निर्जला व्रत रखा। भीषण गर्मी के बीच 35 किमी की दूरी तय कर चंपावत पहुंचे दिगालीचौड़ के लोगों ने पानी की मांग को जल निगम डिवीजन कार्यालय परिसर में नारेबाजी के साथ उपवास रखा।
विज्ञापन

लोहाघाट विकासखंड के गुमदेश क्षेत्र के दिगालीचौड़ से आए ग्रामीणों की एक ही मांग थी कि उन्हें पानी मिले। न नलों से पानी मिल रहा है और न ही कोई वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। ग्रामीणों ने समाधान नहीं होने पर दूसरे चरण में लोहाघाट एसडीएम कार्यालय में निर्जल व्रत रखने और इसके बाद भी हल नहीं निकलने पर डीएम कार्यालय में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। हरेश्वर महादेव संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोहर जोशी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्कर सिंह बोहरा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने निर्जला व्रत रख गांधीवादी तरीके से आवाज उठाई। निर्जल व्रत रखने वालों में ग्राम प्रधान मोनू बिष्ट, पूजा भट्ट, पवन राम, संजय कुमार भट्ट, भीम दत्त भट्ट, देवकी देवी, चंचला देवी सहित कई लोग रहे। इस संबंध में जल निगम के सहायक अभियंता एनएम गड़कोटी ने बताया कि दिगालीचौड़ के लिए जल जीवन मिशन के तहत पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण पूरा हो गया है। योजना का ट्रायल पूरा होते ही पेयजल वितरण शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन

कोट
दिगालीचौड़ क्षेत्र में पुरानी पेयजल योजना के स्रोत का पानी सूखने के साथ ही 13 में से अधिकांश हैंडपंपों से भी पानी नहीं मिलने से बाजार सहित पांच ग्राम पंचायतों में पेयजल संकट गहरा गया है। - चंचला देवी, ग्रामीण।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट
जल निगम ने क्षेत्र में एक पिकअप वाहन लगाया है, लेकिन उससे भी आठ से नौवें दिन पानी मिल रहा है। पेयजल योजना का 80 प्रतिशत काम पूरा होने के बावजूद टेस्टिंग के नाम पर पानी नहीं मिल रहा है। - पुष्कर सिंह बोहरा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य।

कोट
दिगालीचौड़ क्षेत्र में पानी की कमी से रोजमर्रा की जिंदगी, साफ-सफाई से लेकर मवेशियों तक पर असर पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कतें महिलाओं के सामने आ रही है। प्रशासन को इसका संज्ञान लेना चाहिए। - देवकी देवी, ग्रामीण।
फोटो 18 सीपीटी 14 पी।
---------
टैंकरों से लोहाघाट पानी ले जाने से आक्रोश
चंपावत। जिला मुख्यालय से लोहाघाट क्षेत्र के लिए टैंकरों से पानी जाने से जन प्रतिनिधियों में आक्रोश है। भाजपा सह मीडिया प्रभारी सूरज प्रहारी ने बताया कि मंगलवार सुबह से ब्लाक रोड पर सूचना विभाग के कार्यालय के समीप बने पानी के टैंक से कैंटर, ग्रिफ के पिकअप टैंकर में पानी भरकर लोहाघाट भेजा जा रहा है। व्यापार संघ अध्यक्ष विकास साह ने कहा कि अगर टैंक से पानी ले जाना बंद नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। यहां देवेंद्र वर्मा, भगवत शरण राय, सनी वर्मा आदि मौजूद रहे।

अतिरिक्त टैंकर लगाकर पेयजल आपूर्ति के दिए निर्देश
लोहाघाट (चंपावत)। लंबे समय से क्षेत्र में बारिश न होने के कारण गहराते पेयजल संकट को देखते हुए विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने जल संस्थान से अतिरिक्त टैंकर लगाकर पेयजल आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। विधायक ने मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता कर बताया कि करीब आठ माह से क्षेत्र में अच्छी बारिश न होने के कारण लोहाघाट नगर के लिए बनी चार पेयजल योजनाओं का जल स्तर काफी कम हो गया है। नगर में पेयजल की समस्या के स्थाई समाधान के लिए वह मुख्यमंत्री से सरयू लिफ्ट पेयजल योजना निर्माण को लेकर कई बार वार्ता कर चुके हैं। सरयू लिफ्ट पेयजल योजना के प्रथम चरण का कार्य जल्द होने की उम्मीद है। उसंवाद
फोटो 18 एलएचजी 07पी सिंगल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed