टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि तहसील ग्राम प्रधान संगठन ने न्याय पंचायत स्तर पर सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के नाम पर ग्राम पंचायतों के मद से प्रतिमाह ढाई हजार रुपये के भुगतान का विरोध करते हुए फैसले को तत्काल रद्द करने को कहा है। उन्होंने सरकार के इस फैसले को सरकारी धन का दुरुपयोग बताया है। साथ ही ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना में संशोधन करने और आपात निधि दिए जाने की मांग उठाते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बुधवार को ज्ञानखेड़ा पंचायत घर में आए जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम प्रधानों ने संगठन की ओर से ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर खोले जाने को कोई औचित्य नहीं है। कोई भी ग्राम पंचायत कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से काम कराने को सहमत नहीं है। संगठन की ओर से पूर्व में भी इसका विरोध किया गया था, लेकिन ग्राम पंचायतों पर हर माह ढाई हजार रुपये का बोझ डालकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। जिसे तत्काल बंद किया जाए। उन्होंने आगाह किया है कि कॉमन सेंटर का आदेश रद्द नहीं किया गया तो विरोध में उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में संगठन के अध्यक्ष रवि कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश प्रसाद, संरक्षक महेश मुरारी, दीपा बोहरा, उपाध्यक्ष गंगा विश्वकर्मा, महामंत्री दीपक प्रकाश चंद, राधिका चंद, सचिव रमिला आर्या, आयशा खातून, छीनीगोठ प्रधान पूजा जोशी, विचर्द की प्रधान पूनम चंद शामिल थे।